Chanakya Niti & Geeta Synopsis Click on underlined To Reach the contents
मित्र دوست
परिवार خاندان
धार्मिक مذہبی
स्त्री عورت
काम की बातें کام کی باتیں
अच्छी बातें (सुयुक्तियाँ ) اقوالِ زریں रामायण से
विभिन्न महापुरुषों से مختلف شخصیات سے
गीता से गीता सार वेद से

Chanakya Niti

मित्र
  1. पीछे पीछे बुराई कर काम बिगाड़ने वाले और सामने मधुर स्वर में बोलने वाले मित्र को अवश्य छोड़ देना चाहिये I ऐसा मित्र उस घड़े के समान है ,जिसके ऊपर थोड़ा सा दूध डाल दिया गया हो,और नीचे में पूरा ज़हर हो I
  2. (नमक की तरह कड़वी बात कहने वाला ही सच्चा दोस्त होता है I मीठी बातें करने वाला हमेशा चापलूस होता है I क्योंकि तारीख़ गवाह है कि नमक में कभी कीड़ा नहीं लगता ,और मीठी चीज़ों में कीड़ा लग जाता है I )
  3. कुमित्र पर कदापि विश्वास न करें क्यों की वह नाराज़ होने पर आप की सारी पोल खोल देगा I
  4. दोस्ती हमेशा बराबर वाले से ही शोभा देती है I(भेड़िये और बकरे की दोस्ती कभी भी बकरे के हित में नहीं हो सकती)
  5. धनवान के पास बहुत से मित्र होते हैं I उसके सारे मित्र अपना काम निकलते हैं और उसे मुर्ख बनाते हैं I धनवान इसे अपना गौरव मानता है I
  6. संकटकाल ,बीमारी ,कष्ट ,अकाल ,शत्रु का आकर्मण ,राजद्वार ,व श्मशान के ही समय मित्र की पहचान होती है
  7. स्वार्थ के धरातल पर की गई मित्रता शत्रुता में बदल जाया करती है |
  8. पांच वर्ष तक पुत्र को प्यार दें I दस वर्ष तक कठोर व्यवहार कर उसे पढायें और पुत्र सयाने हो जायें तो उसके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहीये I( बाप के पैर का जूता जब बेटा के पैर में होने लगे तो उसके साथ भाई जैसा ब्यवहार करना चाहिए)
परिवार
  1. जिसकी स्त्री दुष्ट ,मित्र सठ हो ,उत्तर देनेवाल नौकर हो ,जिस परिवार में सांप(बेश्वा रूपी चरित्रहीन पत्नी हो) रहता हो ,वहां मिर्त्यु अवश्य होती है I
  2. जिसका पुत्र वस् में हो ,पुत्र आज्ञाकारी हो ,जो प्राप्त धन से संतोष कर लेता हो ,उस -परिवार में ही स्वर्ग का सुख होता है I
धार्मिक
  1. मैले वस्त्र धारण करने वाले को ,मैले दाँत रखने वाले ,बहुत ज़्यादा भोजन करने वाले ,कटु बचन बोलने वाले तथा सूर्योदय अस्त के समय सोये रहने वाले व्यक्ति को चाहे वह विष्णु भगवन भी क्यों न हों ,लक्ष्मी छोड़ देती है I
  2. आप जिंदगी में कभी कामयाब नहीं होगे जब तक सूर्य आप को जगाएगा
  3. आप जिंदगी में फतेह हासिल करोगे जब तुम सूर्य को जगाना चालू कर दोगे l
स्त्री
  1. कुलीन कन्या के साथ कुरूप होने पर भी विबाह करना श्रेष्ठ है I निम्न कुल की रूपवती कन्या का वरण कदापि न करना चाहिए I अपने समान कुल में ही विबाह करना उचित रहता है I
  2. राजा , गुरु ,मित्र की पत्नी तथा सास माता के समान होती हैं इनसे अवैध सम्बन्ध रखनेवाला महापापी होता है I
  3. जो स्री अपने पति की आज्ञा के विरुद्ध उपवास-व्रत करती है , वह अपने पति की आयु को कम करती है और अंततः घोर नर्क में जाती है I
  4. स्त्री न तो दान से ,न सैकड़ों व्रत से ,न कभी तीर्थों की यात्रा से पवित्र होती है I वह केवल पति के चरणोदक (चरण धोकर पिने ) से पवित्र होती है
  5. झूठ ,अकस्मात् साहस ,छल ,मूर्खता ,लोभ ,लालच अपवित्रता और निर्दयता यह स्त्रियों के स्वाभाविक दोष ही मने जाते हैं I
  6. विद्वान से विद्वान पुरुष भी स्त्री पर आसक्त हो जाता है I)(बेश्वाविर्ती का नशा औलाद के प्रेम पर भारी पड़ता हुआ पाया गया है)
  7. संसार के अधिकाधिक पाप ,लोमहर्षक घटनाएँ ,युद्धादि स्त्री के ही कारन हुए हैं I इस कारण साधुगण स्त्री से परे रहते हैं. I
  8. स्त्री कितनी ही वृद्धा क्यों न हो जाये वह अपने को जवान ही समझती है I वह सदा जवान ही बने रहने का प्रयत्न करती है I
  9. कुशल रमणी पति के लिए प्रातः काल माता ,दोपहर में बहिन और रात्रि में वेश्वा के समान व्यवहार करती है I
  10. परिवार के सभी झगड़ों की जड़ स्त्री है
  11. जो पराई स्त्री को माता के समान ,पराये धन को मिटटी के समान ,सभी पदार्थों को आत्मा के समान समझते हैं वे ही जन पंडित अर्थात ज्ञानी हैं I
काम की बातें
  1. जिस देश में आदर न हो ,जीविका न हो ,भाई बंधू न हो ,विद्या प्राप्त करने का साधन न हो ,वहां कदापि नहीं रहना चाहिये I ऐसा स्थान रहने योग्य नहीं है I
  2. जहाँ धनवान व्यक्ति ,वेदपाठी ,ब्राह्मण ,राजा ,नदी और वैद्य यह पांच साधन न हो ,वहां नहीं रहना चाहिये I
  3. जहाँ धनवान व्यक्ति ,भय ,लज्जा ,चतुरता और त्याग ,यह पांच प्रकार की भावनायें न हों ,वहां के लोगों से किसी भी प्रकार मित्रता नहीं करनी चाहिये I
  4. विष से भी अमृत ,अपवित्र स्थान से भी सोना ,नीच जनों से भी विद्या और दुष्ट कुल से भी सुशिल पत्नी को ले लेना चाहिये I
  5. मुर्ख से दूर रहना उचित है I
  6. किसी स्थान पर उपद्रव हो जाने पर ,किसी के अचानक आकर्मण कर देने पर ,भीषण अकाल पड़ जाने पर ,दुष्ट का साथ हो जाने पर ,जो भागनिकला वही जीता I
  7. धन के नाश का ,मन के संतोष का ,स्त्री के चरित्र और नीच के बचन का और अपने अपमान की बात किसी से प्रकट मत करो I
  8. अपनी स्त्री ,भोजन और धन इन तीनों से संतोष करना चाहिये I
  9. अत्यंत सीधे स्वाभाव से भी रहना ठीक नहीं है जंगल में जा कर देखो ,सीधे बृक्ष ही कटे जाते हैं ,टेढ़े बृक्ष आनंद से रहते हैं I
  10. (ईंख और सरसो नरम होता है तो दुनिया इसे कोल्हू में डाल कर पेर कर पी जाती है और पत्थर कड़ा होता है तो इसे तरास कर भगवन बना कर पूजा करती है :मिट्टी का देवता गोड़ लगावन में साफ , अच्छी बात नहीं है I ) I
  11. तेल लगाने के बाद ,चीता का धुंवाँ लगने के बाद ,स्त्री प्रसंग करने के बाद ,बाल बनवाने के बाद ,मनुष्य जब तक स्नान नहीं कर लेता ,तब तक चण्डाल(अपवित्र )ही रहता है I
  12. गिलोय सब औषधियों में प्रमुख है I भोजन सब सुखों में श्रेष्ट है I सब इन्द्रियों में आँख उत्तम है I सब अंगों में श्रेष्ट सिर है I
  13. बिना सोचे समझे खर्च करने वाला ,अनाथ , झगड़ा करने वाला और सब जाती की स्त्रियों का भोग करने के लिए ब्याकुल मनुष्य शीघ्र ही मृत्यु को प्राप्त होता है I
  14. जो पुरुष आने वाले संसार का सामना करने के लिए पहले से तयारी कर लेता है ,दुःख संकट आने पर जो तत्काल उपाय खोज लेता है ,वह सदा सुख से आगे बढ़ता है I यह सोचने वाला जो भाग्य में लिखा है, वह होगा ,शीघ्र पराजित, निराश हो जाता है I
  15. बिन पढ़ी पुस्तक की विद्या और अपना कमाया धन दूसरों के हाथ में देने पर समय पड़ने पर न विद्या काम आती है और न ही वह अपना धन I
  16. अन्याय से पैदा किया गया धन दस वर्ष तक ठहरता है I ग्यारहवें वर्ष में धन मूल सहित नष्ट हो जाता है I
  17. एक अक्षर का भी उपदेश यदि गुरु शिष्य को कह देता है तो शिष्य किसी भी मूल्य पर इससे उतऋण नहीं हो सकता है I
  18. बिश्वास नहीं करना कौवा से सीखो I
अच्छी बातें -सूयुक्तियां
  1. सेवा के अवसर पर सेवक की ,दुःख के समय भाइयों की ,आपत्तिकाल में मित्र की ,धन हानि होने पर पत्नी की परीक्षा होती है I
  2. नदियों ,शस्त्रधारियों ,नाखूनवाले ,सींगवाले पशुओं ,स्त्रियों और राजकुल के लोगों का कदापि विश्वास न करना चाहिये I
  3. पत्नी की मिर्तु ,अपनों द्वारा अपमान ,ऋण का बढ़ते रहना ,दुष्ट राजा की सेवा ,दरिद्रता ,दुष्टों का संग-साथ मनुष्य का शरीर बिना आग के जलाया करते हैं I
  4. नदी के किनारे के पेड़ ,दूसरे के घर जा बैठने वाली स्त्री ,बिना मंत्री का राजा ,यह सब शीघ्र नष्ट हो जाते हैं I
  5. ब्राह्मण का बल विद्या ,राजा का बल सेना ,वैश(वैश्य =तेजारत करने वाला) का बल धन ,शूद्र का बल सेवा होती है I
  6. कुल का पता व्यवहार से ,देश का पता बोली से ,प्रेम का पता आदर से ,शरीर का पता भोजन से चलता है I
  7. राजा लोग कुलीनों को अपने साथ इस लिए रखते हैं कि वह आदि ,मध्य और अंत तीनों समय में राजा को नहीं छोड़ते I
  8. (जिस राजा का मंत्री निम्न कूल का हो उसका विनाश निश्चित है)
  9. कोयल का स्वर उसका सौंदर्य है ,स्त्री का सौंदर्य उसकापतिव्रतधर्म है ,पुरुष का सौंदर्य उसका विद्या और तपस्वियों का सौंदर्य क्षमा है I
  10. कुल की रक्षा के लिये एक का ,ग्राम की रक्षा के लिए कुल को ,देश की रक्षा के लिए ग्राम को और आत्म रक्षा-सम्मान के लिये पृथ्वी को त्याग देना उचित है
  11. सामर्थ के आगे कोई वास्तु भरी नहीं ,व्यापारी के लिए कोई देश दूर नहीं ,विद्वान के लिए कोई देश पराया नहीं(बिद्वान ही देवता है ) और मधुर बोलने वाले के लिए कोई पराया नहीं I
  12. गंदे पड़ोस में रहना ,नीच कुल की सेवा ,ख़राब भोजन ,कर्कशास्त्री , मुर्ख पुत्र ,विधवा स्त्री यह सब मनुष्य के शरीर को बिना आग के ही जला देते हैं I
  13. ज़्यादा मार्ग चलने से मनुष्य का बुढ़ापा आता है I बंधन घोड़े का बुढ़ापा है ,स्त्री को मैथुन का आभाव बुढ़ापा है ,कपड़ों को अधिक धुप दिखाना बुढ़ापा है I
  14. अभ्यास से विद्या का ,सुशीलता से बंश का ,गुण से मनुष्य का आँखों से क्रोध का पता चलता है I
  15. आलस्य से विद्या ,दूसरों के हाथ में जाने से धन ,बीज की कमी से खेत ,सेनापति के बिना सेना नष्ट हो जाया करती है I
  16. विदेश का मित्र विद्या ,गृह की मित्र स्त्री ,रोगियों की मित्र औषधि मृतक का मित्र धर्म होता हैI
  17. पुरुषों में नाई ,पक्षियों में कौवा ,जानवरों में गीदड़ और स्त्रियों में मलिन धूर्त होती है I
  18. मनुष्य की लोलुपता या प्रवृति के अनुकूल व्यवहार कर उसे अपने अनुकूल बनाया जा सकता ह I
  19. अग्नि ,ब्राह्मण , गुरु ,कुंवारी- कन्या ,बृद्ध और बालक को पैरों से नहीं छूना चाहिए I
  20. हाथी को हज़ार हाथ से ,घोड़े को सौ हाथ और सींग वाले पशु को देख कर दस हाथ पहले ही सावधान हो कर उसकी राह से हट जाना चाहिये ,पर दुर्जन को देख कर देश ही त्याग देना चाहिएI.
  21. नौ हाथ हाथी से भागो नब्बे हाथ मतवाला
    नौ सौ कोस उस से भागो जो ज़ात का है फेंटवाला
  22. सम्पति बड़ी चीज़ है I निर्धनता अभिशाप है I अतएव धनवान अवश्य बनो I
  23. जैसी संगती वैसा प्रभाव ,इस लिए सोंच समझ कर संगती करनी चाहिए-( जैसी परवरिश वैसा ब्यवहार ) I
  24. क्रोध ,कटु बचन ,घमंड ,अपनों से बैर ,यह चार लक्षण नर्क वासियों के होते हैं I ऐसे लोग पृथ्वी पर राक्षसरूपी मनुष्य होते हैं I
  25. मनुष्य का रहन सहन देख कर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वह एक शेर है या गीदड़ I
  26. नीच लोग केवल धन की इच्छा रखते हैं I मध्यम लोग धन के साथ साथ प्रतिष्ठा भी चाहते हैं I उत्तम लोग केवल मान चाहते हैं अतएव सम्पति से बढ़ कर इज्जत ,मान ,प्रतिष्ठा है I
  27. बिना क्रिया से ज्ञान नष्ट हो जाता है I ज्ञान नष्ट होने पर मनुष्यता नष्ट हो जाती है I बिना सेनापति के सेना मारी जाती है ,बिना पति के पत्नी मारी जाती हैI अतएव बिना संरक्षण के किसी का जीवन नहीं चलता है I
  28. बुढ़ापे में पत्नी का मर जाना ,भाइयों के हाथ सम्पति चले जाना ,पराधीन भोजन यह तीन दशायें मनुष्य का सबसे बड़ा अभाग्य है I
  29. रूप की शोभा गुण से है ,कुल की शोभा शील(नैतिक आचरण) में है I विद्या की शोभा उसकी सिद्धि में है I धन की शोभा उसके उपयोग में है I
  30. अपनी भलाई चाहते हो तो अपने मन की बात किसी को मत कहना I
  31. बिना दिखावा के इस दुनिया में सब व्यर्थ है I अगर सर्प में विष नहीं है तब भी उसको फुंकार कर अपना आडम्बर (दिखावा ) बढ़ाते ही रहना चाहिये I उसका यह आडम्बर ही उसका रक्षा करता रहेगा ,वरन छोटे छोटे बच्चे ही उसको पत्थर मार मार कर उसे मार डालेंगे I
  32. धन के लालच में वेद पढ़ने वाला ,शूद्र का अन्न खाने वाला ब्राह्मण विषहीन साँप के सामान होता है I
  33. धन से रहित मनुष्य को ग़रीब नहीं माना जा सकता है पर विद्याहीन सब वस्तुओं से हिन् होता है I
  34. कंजूसों का दुश्मन भिखारी होता है I मुर्ख को उपदेश शत्रु के सामान लगता है I व्यभिचारणी को अपना पति दुश्मन के सामान लगता है I चोरों के लिये चन्द्रमा दुश्मन है I
  35. वह मनुष्य जो न विद्वान है ,न साधक ,न दानी है ,जिसमें न शील है ,न गुण है ,न वह अपने धर्म का पालन करता है I ऐसा मनुष्य पशु समान पृथ्वी पर भार है I
  36. किसी बात को ग्रहण तभी किया जा सकता है ,जब उतनी क्षमता हो I
  37. गंभीरता नहीं रखने वाले पुरुष को उपदेश देना भैंस के आगे बीन बजाने के बराबर है I
  38. द्वेष(हसद ) का फ़ल सदा हानिकारक होता है I
  39. दान के सवर्ण (सोना)के पात्र (बर्तन )में भोजन करने से पत्तल में खाना भला है I
  40. बिना बुद्धि के बल व्यर्थ है I
  41. अपने दायरे को तोड़ने वाला, सीमा से बहार जाने वाला हमेशा धोखा खता है I
  42. जो अपने घर के ख्याल में डूबा रहता है उसको विद्या नहीं आ सकती I जो मांसहारी है उसे दया नहीं आ सकती I जो कामुक है उसके पास पवित्रता नहीं होती है I
  43. दुष्ट अपनी दुष्टा से बाज़ नहीं आता ,सर्प को घड़ों दूध पिलाओ वह ज़हर ही उगलेगा I नीम की जड़ में मनों ईंख का रस डालो उसमें मिठास नहीं आएगी I
  44. सुयस के लिए सुकर्म आवश्यक है I
  45. जो लोग आदि पदार्थ तेल नीम ,कुसुम ,मधु ,मदिरा ,मांस ,बेचता है शूद्र कहलाता है I
  46. अच्छी संगती से साधुपन आ जाता है पर अच्छा आदमी दुष्ट से प्रभावित नहीं होता है I फूल की गंध को मिटटी अपना लेती है पर मिटटी की गंध को फूल नहीं अपनाता है I
  47. जो अच्छा है वह अच्छा ही रहेगा I अच्छे का प्रभाव बुरे पर पड़ता है ,पर बुरे का प्रभाव अच्छे पर नहीं पड़ता है I
  48. ज्ञानी वही है जो भोजन की चिंता नहीं करता ,पेट तो कुत्ता भी भर लेता है I महत्वपूर्ण है कार्य , भोजन नहीं I
  49. राजा के लड़के से शालीनता और पंडित से अच्छे बचन सीखना चाहिये I झूठ और छल ही सीखना है तो जुवारी से झूठ और स्त्री से छल सीखना चाहिए I यदा कदा दुष्टों से भी सिख ली जा सकती है I जो वक़्त जरुरत साथ दे सकती है I
  50. निर्धन को पत्नी, मित्र, सेवक, भाई, परिजन सब छोड़ देते हैं I धनवान होते ही पास आ जाते हैं I धन ही सब कुछ है I
  51. विनाश काल विपरीत मते : विनाश के वक़्त बुद्धि उलटी हो जाती है I
  52. मानरहित जीवन से मर जाना अच्छा है I मृत्यु की पीड़ा तो क्षण की है I अपमान की पीड़ा तो जीवन भर की होती हैI
  53. कोई देवता माता से बढ़ कर नहीं होता I
  54. बिना गुरु के केवल पुस्तक से ज्ञान प्राप्त करने वाला मनुष्य उस स्त्री के समान होता है जो अवैध सम्बन्ध के कारण गर्भवती होती है I
  55. हाथ की शोभा दान है ,कंगन नहीं I ,शरीर की शुद्धता स्नान है ,चन्दन नहीं Iभोजन से तृप्ति नहीं सम्मान से तृप्ति है I श्रृंगार से मुक्ति नहीं ,ज्ञान से मुक्ति है I
  56. हर महापुरुष में कुछ न कुछ अवगुण होता है I श्री कृष्ण रासलीला करते थे ,अर्जुन स्त्री बने थे ,शांतनु धीवर कन्या पर मोहित हो गए थे I महा पुरुषों के गुण देखो ,कार्य नहीं I महापुरुष बिना अवगुण के होते ही नहीं I
  57. इंसान अपनी क़िस्मत आप लिखता है ,भगवान् का नाम तो अहंकार मिटाने के लिए लिया जाता है I --- आशा राम बापू

    पुराने ज़माने में नवाब लोग अपने बच्चों को तहजीब सीखने के लिए कोठे पर भेजते थे l
    अच्छी चीज़ बूरी जगह से भी मिल सकती है l सवाल नियत की होती है l

  58. पागल ,कुंवारी कन्या ,कोढ़ी ,गुंडा ,चांडाल और कनफटे साधू इनका दूर से ही नमस्कार करना चाहिए I गुणजन इनसे सौ हाथ दूर रहते हैं I
  59. सुन्दर युवती ,यौवनमयी विधवा ,बूढ़ा ,विधुर ,सांड सीढ़ी ,ढोंगी सन्यासी ,तांत्रिक और गदहा इन सब से बच कर रहना चाहिए I
  60. कर्म करने वालों ने भाग्य को पराजित कर रखा है I
  61. समय किसी के रोके से न रुक सका है ,न चला है I वह अपनी गति से निरन्तर गतिशील है ,समय ही सब है I समय का मूल्य जो जनता है सफल मनुष्य है I देख समझ कर समय के साथ चलो ,समय की क़ीमत जानो I
  62. सूरा सुंदरी में बहुत सुख है पर नर्क द्वार सामने है I
  63. धन से भी धर्म की रक्षा होती है I
  64. कामवासना के समान रोग दूसरा नहीं है I अज्ञानता के जैसा शत्रु और नहीं है I क्रोध के समान आग दूसरी नहीं है I ज्ञान से बढ़ कर दूसरा गुरु नहीं है I
  65. भ्रमण करने वाला राजा पूजनीय होता है I भ्रमण करने वाला ब्राह्मण भी पूजा का अधिकारी है I भ्रमण करने वाला योगी भी बंदनीय है I पर भ्रमण करने वाली स्त्री कदापि पवित्र नहीं रह सकती है I यह निश्चित रूप से भ्रष्ट हो जाती है I
  66. काल सब से बलवान है I वही प्राणियों को खता है I वही प्रजा का विनाश करता है I सब कुछ नष्ट हो जाने पर भी काल वर्त्तमान रहता है I
  67. काल(वक़्त ,समय) को ईश्वर भी परास्त नहीं कर सकता है I
  68. उपार्जन द्वारा प्राप्त धन को खर्च करना उत्तम है I
  69. अपने धनी भाइयों के साथ निर्धन हो कर रहने से मर जाना अच्छा ह I
  70. ऋण ,रोग और शत्रु को जितना जल्द होसके समाप्त कर दो
  71. युद्ध राजनीती का अंश है

गीता से

गीता सार

भगवद् गीता के कुछ अनमोल वचन ये हैं:

मनुष्य को फल की इच्छा छोड़कर कर्म पर ध्यान देना चाहिए.
वासना, गुस्सा, और लालच ये तीन चीज़ें नरक के द्वार हैं.
जो भी जीव जन्म लेता है उसकी मृत्यु भी निश्चित है.
अगर कोई व्यक्ति बुद्धिमान है तो उसे समाज की भलाई के लिए काम करना चाहिए.
निर्णय लेते समय ना ज़्यादा खुश होना चाहिए और ना ज़्यादा दुखी.
कोई भी अपने कर्म से भाग नहीं सकता, कर्म का फल तो भुगतना ही पड़ता है.
अच्छे कर्म करने के बावजूद भी लोग केवल आपकी बुराइयाँ ही याद रखेंगे, इसलिए लोग क्या कहते हैं इस पर ध्यान मत दो, तुम अपना कर्म करते रहो.
गीता में श्रीकृष्ण ने प्रार्थना के महत्व का भी प्रतिपादन किया है. गीता के अनुसार, कर्म तो व्यक्ति को करना ही होगा, लेकिन उसके द्वारा किया गया कर्म कभी निष्फल नहीं जाएगा, उसे यथेष्ट फल मिलेगा ही. उस कर्म हेतु प्रेरणा एवं उत्साह उसे प्रार्थना से मिलेगा.
गीता को भगवान का गीत कहा जाता है. गीता के अनमोल वचन मनुष्य को जीवन जीने की सही राह दिखाते हैं. गीता जीवन में धर्म, कर्म और प्रेम का पाठ पढ़ाती है. गीता संपूर्ण जीवन दर्शन है और इसका अनुसरण करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी निराश नहीं होता.
तुम्हारे साथ जो हुआ वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है वो भी अच्छा है और जो होगा वो भी अच्छा होगा।
गीता के अनुसार जिंदगी में हम कितने सही हैं और कितने गलत हैं यह केवल दो लोग जानते हैं एक परमात्मा और दूसरी हमारी अंतरात्मा..!
जीवन का आनंद ना तो भूतकाल में है और ना भविष्यकाल में। बल्कि जीवन तो बस वर्तमान को जीने में है।
जब तक शरीर है तब तक कमजोरियां तो रहेगी ही इसलिए कमजोरियों की चिंता छोड़ो और जो सही कर्म है उस पर अपना ध्यान लगाओ..!
अर्जुन तुम भला क्यों रोते हो? तुमने जो खोया, क्या वह तुमने पैदा किया था। आज जो तुम्हारा है वह कल किसी और का होगा। क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है।
किसी का अच्छा ना कर सको तो बुरा भी मत करना क्योंकि दुनिया कमजोर है लेकिन दुनिया बनाने वाला नहीं..!
यदि कोई व्यक्ति विश्वास के साथ इच्छित वस्तु को लेकर नित्य चिंतन करता है, तो वह जो चाहे वह बन सकता है।
जो मनुष्य प्रतिदिन खाने, सोने और आमोद प्रमोद के कार्यों में लिप्त रहता है। वह नियमित तौर पर योगाभ्यास करके समस्त क्लेशों से छुटकारा पा सकता है।
जब इंसान अपने काम में आनंद खोज लेते हैं तब वे पूर्णता प्राप्त करते है।
श्रीमद भागवत गीता का मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण करना है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को सदैव मानव कल्याण की ओर अग्रसरित रहना चाहिए।
जब भ्रमित अर्जुन कुरुक्षेत्र में सलाह के लिए अपने सारथी भगवान कृष्ण के पास गए , तो भगवान कृष्ण ने कुछ तर्कसंगत दार्शनिक अवधारणाएं बताईं जो आज भी प्रासंगिक हैं।
भगवद गीता एक महाकाव्य ग्रंथ है जिसमें हमारी सभी समस्याओं का उत्तर है। स्वतंत्रता आंदोलन के समय कई नेताओं के लिए प्रेरणा की पुस्तक थी। इन कुछ भगवद गीता संदेशों पर एक नज़र डालें जिनका उपयोग आप अपने जीवन को सही रास्ते पर वापस लाने के लिए कर सकते हैं।
माफ करना और शांत रहना सीखिए ऐसी ताकत बन जाओगे कि पहाड़ भी रास्ता देंगे।
व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को वश में रखने के लिए बुद्धि और मन को नियंत्रित रखना होगा।
जो होने वाला है वो होकर ही रहता है, और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता,ऐसा निश्चय जिनकी बुद्धि में होता है, उन्हें चिंता कभी नही सताती है।
किसी भी व्यक्ति को ना तो समय से पहले और ना ही भाग्य से अधिक कुछ मिलता है। लेकिन उसे सदैव पाने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।
इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है यह जानते हुए भी कि भाग्य से भी ऊंचा उसका कर्म है जिसके स्वयं के हाथों में है।
व्यक्ति को आत्म ज्ञान के माध्यम से संदेह रूपी अज्ञानता को समाप्त करना चाहिए।
मै उन्हे ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते है और जो मुझसे प्रेम करते है ।
सत्य कभी दावा नहीं करता कि मैं सत्य हूं लेकिन झूठ हमेशा दावा करता हैं कि सिर्फ मैं ही सत्य हूं।
परिवर्तन संसार का नियम है समय के साथ संसार मे हर चीज परिवर्तन के नियम का पालन करती है ।
हालांकि मैं भूत, भविष्य और वर्तमान काल के तीनों जीवों को जानता हूं लेकिन मुझे वास्तव में कोई नही जानता है।
संयम , सदाचार , स्नेह एंव सेवा ये गुण सत्संग के बिना नही आते.
मनुष्य जिस रूप में ईश्वर को याद करता है, ईश्वर भी उसे उसी रूप में दर्शन देते हैं।
अपने कर्तव्य का पालन करना ही प्रकृति द्वारा निर्धारित किया हुआ हो ,वह कोई पास नही है।
सज्जन व्यक्तियों को सदैव अच्छा व्यवहार करना चाहिए। क्योंकि इन्हीं के पद चिन्हों पर सामान्य व्यक्ति अपने रास्ते चुनता है।
बुद्धिमान को अपनी चेतना को एकजुट करना चाहिए और फल के लिए इच्छा छोड़ देनी चाहिए ।
मन अवश्य ही चंचल होता है लेकिन उसे अभ्यास और वैराग्य के माध्यम से वश में लाया जा सकता है।
इन्द्रियो की दुनिया मे कल्पना सुखो की प्रथम शुरुआत है और अन्त भी जो दुख को जन्म देता है ।
इस सम्पूर्ण संसार में कोई भी व्यक्ति महान नही जन्मा होता है। बल्कि उसके कर्म उसे महान बनाते हैं।
जीवन मे कभी गुस्सा या क्रोध ना करे यह आपके जीवन के ध्वंस कर देगा ।
हे पार्थ! मैंने और तुमने अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए धरती पर कई अवतार लिए हैं। लेकिन मुझे याद है और तुम्हें नहीं।
वासना , क्रोध और लालच नरक के तीन दरवाजे है ।
जो मनुष्य जिस देवता की विश्वास के साथ भक्ति करता है। मैं उस व्यक्ति की उसी देवता में दृढ़ता बढ़ा देता हूं।
सभी काम छोड़कर बस भगवान मे पूर्ण रूप से समर्पित हो जाओ ,मै तुम्हे सभी पापो से मुक्त कर दूंगा ।
‘कर्म करो, फल की चिंता मत करो’ भगवद् गीता का सबसे बुद्धिमान संदेश है। आज हम केवल पैसे, बेहतर घर, कार और सुरक्षित भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। हम इतने लक्ष्य-चालित हैं, कि हम सब कुछ परिणाम के बारे में सोचकर ही करते हैं। यह एक ऐसी चीज है जिससे हमें बचना चाहिए। केवल इसलिए कि, यदि अपेक्षाएँ पूरी नहीं होती हैं, तो दर्द अवश्यंभावी है। इसलिए, काम करते रहें और बदले में कुछ भी उम्मीद न करें।
जो व्यक्ति मैं और मेरा इत्यादि की भावना से मुक्त हो जाता है, उसे जीवन में शांति की प्राप्ति होती है।
आत्म ज्ञान की तलवार से काटकर अपने हृदय के अज्ञान के संदेह अलग कर दो ,अनुशासित रहो, उठो और कार्य करो ।
जिस प्रकार से प्राकृतिक मौसम में बदलाव आता है। ठीक उसी प्रकार से, जीवन में भी सुख दुख आता रहता है। वह कभी स्थाई नहीं रहते हैं।
इस जीवन मे ना कुछ खोता है , ना व्यर्थ होता है ।
जो लोग परमात्मा को पाना चाहते है, वह ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं।
भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि मैं इस संसार की सुगंध हूं, अग्नि की ऊष्मा हूं और समस्त जीवित प्राणियों का आत्म संयम हूं।
बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी कामुक सुख में आनंद लेते हैं। वह सदैव मोक्ष की प्राप्ति में लगे रहते हैं।
वह जो सभी इच्छाएँ त्याग देता है ,उसे शान्ति की प्राप्त होती है ।
सम्पूर्ण संसार में जब अधर्म और पाप बढ़ता है, तो मैं धर्म की पुनः स्थापना के लिए धरती पर अवतार लेता हूं।
जैसे अंधेरे में प्रकाश की ज्योति जगमगाती है। ठीक उसी प्रकार से सत्य की चमक भी कभी फीकी नही पड़ती। इसलिए व्यक्ति को सदैव सत्य बोलना चाहिए।
मै सभी प्राणियो के हृदय मे विद्यमान हूँ
जो व्यक्ति मृत्यु के दौरान मेरा नाम लेता है। वह सदैव मेरे ही धाम को प्राप्त होता है। इसमें कोई शक नही है।
ऐसा कुछ भी नही ,चेतन या अचेतन ,जो मेरे बिना अस्तित्व मे रह सकता हो ।
परिवर्तन ही इस सम्पूर्ण संसार का नियम है। इसलिए व्यक्ति को कभी अपने वर्तमान पर घमंड नहीं करना चाहिए।
जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और मृत्यु के पश्चात् पुनर्जन्म भी निश्चित है।
मनुष्य का सम्पूर्ण शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है, अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी। और अंत में उसके शरीर को इन्हीं पंचतत्वों में ही विलीन हो जाना है।
व्यक्ति को अपने आप को सदैव ईश्वर को समर्पित कर देना चाहिए। तभी वह दुखों, चिंता और परेशानियों से मुक्त रह सकता है।
प्रत्येक बुद्धिमान व्यक्ति को क्रोध और लोभ त्याग देना चाहिए क्योंकि इससे आत्मा का पतन होता है।
तुम बिना किसी कारण के चिंता करते हो और बेवजह ही घबराते हो? तुम तो आत्मा हो। जिसे ना तो कोई मार सकता है और ना ही जला सकता है। यही जीवन की सच्चाई है। जिसे प्रत्येक व्यक्ति को जानना चाहिए।
न तो यह शरीर तुम्हारा है और न ही तुम इस शरीर के मालिक हो, यह शरीर पंच तत्वों से बना है – आग, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश,एक दिन यह शरीर इन्ही पंच तत्वों में विलीन हो जाएगा।
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Geeta Slok

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 47)
अर्थ: कर्म पर ही तुम्हारा अधिकार है, कर्म के फलों में कभी नहीं... इसलिए कर्म को फल के लिए मत करो। कर्तव्य-कर्म करने में ही तेरा अधिकार है फलों में कभी नहीं। अतः तू कर्मफल का हेतु भी मत बन और तेरी अकर्मण्यता में भी आसक्ति न हो।

कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो...
हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्।
तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 37)
अर्थ: यदि तुम (अर्जुन) युद्ध(धर्म युद्ध =जिहाद) में वीरगति(बीरगति =शहीद ) को प्राप्त होते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि विजयी होते हो तो धरती का सुख पा जाओगे... इसलिए उठो, हे कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो।

) कर्म में लीन रहा जाए...
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते।
सङ्गात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 62)
अर्थ: विषय-वस्तुओं के बारे में सोचते रहने से मनुष्य को उनसे आसक्ति हो जाती है। इससे उनमें कामना यानी इच्छा पैदा होती है और कामनाओं में विघ्न आने से क्रोध की उत्पत्ति होती है। इसलिए कोशिश करें कि विषयाशक्ति से दूर रहते हुए कर्म में लीन रहा जाए।

मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है...
क्रोधाद्भवति संमोह: संमोहात्स्मृतिविभ्रम:।
स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 63)
अर्थ: क्रोध से मनुष्य की मति-बुदि्ध मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है, कुंद हो जाती है। इससे स्मृति भ्रमित हो जाती है। स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है।

मानव उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं...
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥
(तृतीय अध्याय, श्लोक 21)
अर्थ: श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण यानी जो-जो काम करते हैं, दूसरे मनुष्य (आम इंसान) भी वैसा ही आचरण, वैसा ही काम करते हैं। श्रेष्ठ पुरुष जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं।
आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं...
नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक:।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 23)
अर्थ: आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। यहां श्रीकृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने की बात की है।

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 7)
अर्थ: हे भारत (अर्जुन), जब-जब धर्म की ग्लानि-हानि यानी उसका क्षय होता है और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं श्रीकृष्ण धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयं की रचना करता हूं अर्थात अवतार लेता हूं।

युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं...
परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 8)
र्थ: सीधे साधे सरल पुरुषों के कल्याण के लिए और दुष्कर्मियों के विनाश के लिए...धर्म की स्थापना के लिए मैं (श्रीकृष्ण) युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं।

अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले मनुष्य...
श्रद्धावान्ल्लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय:।
ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 39)
अर्थ: श्रद्धा रखने वाले मनुष्य, अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले मनुष्य, साधन पारायण हो अपनी तत्परता से ज्ञान प्राप्त करते हैं, फिर ज्ञान मिल जाने पर जल्द ही परम-शान्ति को प्राप्त होते हैं।

सभी धर्मों को त्याग कर...
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच:॥
(अठारहवां अध्याय, श्लोक 66)
अर्थ: (हे अर्जुन) सभी धर्मों को त्याग कर अर्थात हर आश्रय को त्याग कर केवल मेरी शरण में आओ, मैं (श्रीकृष्ण) तुम्हें सभी पापों से मुक्ति दिला दूंगा, इसलिए शोक मत करो।



Geeta Slok कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 47)
अर्थ: कर्म पर ही तुम्हारा अधिकार है, कर्म के फलों में कभी नहीं... इसलिए कर्म को फल के लिए मत करो। कर्तव्य-कर्म करने में ही तेरा अधिकार है फलों में कभी नहीं। अतः तू कर्मफल का हेतु भी मत बन और तेरी अकर्मण्यता में भी आसक्ति न हो।

कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो...
हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्।
तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 37)
अर्थ: यदि तुम (अर्जुन) युद्ध(धर्म युद्ध =जिहाद) में वीरगति(बीरगति =शहीद ) को प्राप्त होते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि विजयी होते हो तो धरती का सुख पा जाओगे... इसलिए उठो, हे कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो।

) कर्म में लीन रहा जाए...
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते।
सङ्गात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 62)
अर्थ: विषय-वस्तुओं के बारे में सोचते रहने से मनुष्य को उनसे आसक्ति हो जाती है। इससे उनमें कामना यानी इच्छा पैदा होती है और कामनाओं में विघ्न आने से क्रोध की उत्पत्ति होती है। इसलिए कोशिश करें कि विषयाशक्ति से दूर रहते हुए कर्म में लीन रहा जाए।

मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है...
क्रोधाद्भवति संमोह: संमोहात्स्मृतिविभ्रम:।
स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 63)
अर्थ: क्रोध से मनुष्य की मति-बुदि्ध मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है, कुंद हो जाती है। इससे स्मृति भ्रमित हो जाती है। स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है।

मानव उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं...
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥
(तृतीय अध्याय, श्लोक 21)
अर्थ: श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण यानी जो-जो काम करते हैं, दूसरे मनुष्य (आम इंसान) भी वैसा ही आचरण, वैसा ही काम करते हैं। श्रेष्ठ पुरुष जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं।
आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं...
नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक:।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 23)
अर्थ: आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। यहां श्रीकृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने की बात की है।

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 7)
अर्थ: हे भारत (अर्जुन), जब-जब धर्म की ग्लानि-हानि यानी उसका क्षय होता है और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं श्रीकृष्ण धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयं की रचना करता हूं अर्थात अवतार लेता हूं।

युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं...
परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 8)
र्थ: सीधे साधे सरल पुरुषों के कल्याण के लिए और दुष्कर्मियों के विनाश के लिए...धर्म की स्थापना के लिए मैं (श्रीकृष्ण) युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं।

अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले मनुष्य...
श्रद्धावान्ल्लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय:।
ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति॥
(चतुर्थ अध्याय, श्लोक 39)
अर्थ: श्रद्धा रखने वाले मनुष्य, अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले मनुष्य, साधन पारायण हो अपनी तत्परता से ज्ञान प्राप्त करते हैं, फिर ज्ञान मिल जाने पर जल्द ही परम-शान्ति को प्राप्त होते हैं।

सभी धर्मों को त्याग कर...
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच:॥
(अठारहवां अध्याय, श्लोक 66)
अर्थ: (हे अर्जुन) सभी धर्मों को त्याग कर अर्थात हर आश्रय को त्याग कर केवल मेरी शरण में आओ, मैं (श्रीकृष्ण) तुम्हें सभी पापों से मुक्ति दिला दूंगा, इसलिए शोक मत करो।

महाभारत से

महाभारत के नौ सार

1: संतानों की गलत मांग और हट पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे कौरौ
2: आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आप की विद्या, अस्त्र शस्त्र शक्ति, उच्च स्तरीय पद और वरदान सब निष्क्रिय हो जायेंगे _ करण
3: संतानों को इतना महत्व कांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वैनाश को नाश कर सर्वनाश को आमंत्रित करे _अश्वत्थामा
4: कभी किसी को ऐसा वचन न दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े _भीष्म पितामः
5: संपति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में सर्वनाश का दर्शन कराता है _ दुर्योधन
6: अंध व्यक्ति _ अर्थात मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह और काम (मिर्दुला) अंध व्यक्ति के हाथ में सत्ता भी विनाश की ओर ले जाती है _धृत राष्ट्र
7: यदि व्यक्ति के पास विद्या विवेक से बंधी हो तो विजय अवश्य मिलती है _अर्जुन
8: हर कार्य में छल, कपट व परपंच रच कर आप हमेशा सफल नहीं हो सकते _सकुनी
9: यदि आप नीति , धर्म व कर्म का सफलता पूर्वक पालन करेंगे तो विश्व की कोई भी शक्ति आप को पराजित नहीं कर सकती _ युद्धिष्टर
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यजुर्वेद :

  1. अध्यात्म मार्ग में अमरत्व प्राप्त होता है I
  2. दुराचरण से निवृत्त होकर उत्तम आचरण करना चाहिए
  3. संसार में उदासीन मन से मत रहो
  4. ज्ञानी लोग धारण युक्त बुद्धि से उन्नति प्राप्त करते हैं
  5. आपस में फूट उत्पन्न करने वाला कोई न हो
  6. न डर और निज कर्तब्य से पीछे न हट
  7. सब को श्रेष्ठम कर्म करने चाहिए
  8. कर्म योगी सुखकरी वाणी के साथ कर्म करता रहे
  9. विचार से कर्म करने वाला मनुष्य कर्मों में लिप्त नहीं होता
  10. कुटिल न बन तेरा स्वामी भी कुटिल न बने
  11. देव गुणों से प्रेरित हो कर उन्नति पथ प्रशश्त करना चाहिए
  12. तेज़ से तेज़ मिलकर बढ़ता है
  13. कर्म करते हुए सौ वर्ष जीने की इक्षा करनी चाहिए I मानव जीवन कर्म करते हुए ही है ,अन्यथा नहीं I
  14. संयम से पत्नी के साथ उत्तम सम्बन्ध रहते हैं व समष्टि की योजना से सभा या संस्था उत्तम कार्य करने में समर्थ होती है I
  15. तुम्हारे मन एक भाव से युक्त हों ,तुम्हारे तन एक भाव से युक्त हों ,संकल्प एक हों
  16. सामान ज्ञान प्राप्त करो से एक दूजे से सम्बन्ध जोड़ो ,तुम्हारे मन एक संस्कार से युक्त हों I जैसे पूर्व ज्ञानी निज कर्मों को करते रहें तुम भी करो I

सामवेद :

  1. अन्नदाता सब का संरक्षण करता है
  2. अभिमान के वश में नहीं होना चाहिए
  3. दोहरा आचरण करने वाले आनंदित नहीं होते हैं
  4. उपासक शानप्राप्ति के लिए प्राकर्म करते हैं
  5. देवता कर्मशील को प्रेम करते हैं
  6. समस्त सुकर्मों को कर
  7. सुकर्म करने की सामर्थ्य उत्पन कर
  8. तप से तपे बिना कुछ नहीं मिलता
  9. दाता को कर्म का फल तत्काल मिलता है
  10. रत्धारक धनों को धारण करता है
  11. धर्म से सुधि होती है
  12. परमात्मा हमारी बुद्धियों को सत्कर्मों में लगाए
  13. मन की शक्ति जान कर उस पर शाशन करना चाहिए
  14. यज्ञ मन में चेतना जगाता है
  15. राजा सत्य से विशेष विर्द्वि को पता है
  16. सब को विश्राम देनेवाली रात्रि कल्याणकारी है
  17. सुवचन बोलने में तत्पर होना चाहिए
  18. व्रत का पालन न करने वाला कुछ नहीं पता है
  19. कठोर भाषण मत कर
  20. आशर्वणीये बचनों को कदापि नहीं कहना चाहिए

अथर्वे वेद

  1. पार्थिव भोग की भावना से उठ कर अध्यात्म जगत के आलोक में स्वतंत्र विचरण कर
  2. जहाँ प्रभु का वरद हस्त हो ,वहां कल्याण अनिवार्य है
  3. अतिथि को खिला लेने के बाद ही स्वयं खाएं
  4. संसार में उदासीन मन से मत रहो
  5. उन्नत होना और आगे बढ़ना प्रत्येक जीवन का धर्म है
  6. आपस में फूट उत्पन्न करने वाला कोई कार्य न हो
  7. हे बीर पुरुष ! उत्कर्ष करना ही तेरा धर्म है ,उत्थान के लिए भगवन ने तुझे दिब्य बुद्धि द्वारा पूर्णतः सक्षम बनाया है
  8. तुम्हारे मन एक भाव से युक्त हों ,तुम्हारे कर्म एक भाव से युक्त हों ,संकल्प एक हों
  9. अति मनुष्य को आलसी बनती है और चित और संकल्प को मलीक करती है
  10. जो विचार अंदर है वही बाहर ,जो बहार है वही अंदर ,अर्थात कथनी करनी में अंतर नहीं होना चाहिए
  11. मनुष्य जैसा पकाता है वैसा खता है अर्थात जैसा करता है वैसा भरता है
  12. पति पत्नी मिल कर रहें ,मिल कर कर्म करें
  13. देवता कर्मठ को चाहते हैं ,आलसी को नहीं चाहते हैं
  14. नारी कोमल दृष्टि वाली और पति हित चिंतक हो
  15. पति की प्रिय और विरोध न करने वाली स्त्री सुखी रहती है

ऋग वेद

  1. शास्त्रज्ञ अज्ञानी से श्रेष्ट है
  2. नास्तिक और अज्ञानी संसार में डूबते हैं
  3. मधुर भाषी तथा सत्य सेवी ही आनंदी होता है
  4. आलस्य न करने वाले आलसी मनुष्यों को त्याग देते हैं
  5. अभिलाषा हो तो लक्ष्य सिद्धि हो ही जाती है
  6. ईश्वर राक्षस वृति और झूठे को मार देता है
  7. ऋषि वह जो मनुष्य का हितकारी हो
  8. मिलकर चलो और मिल कर बोलो मनुष्यों की और देवों की बुद्धि एक हो
  9. कंजूस पीछे रह जाता है और दानी आगे बढ़ जाता है
  10. उचित कर्तब्य की शक्तियां अनंत हैं ,उचित बुद्धि पापों को नष्ट करती है सुकर्म करने वाले को विद्वान श्रेष्ट स्थान पर स्थापित करते हैं
  11. जो कार्य करने में असमर्थ होते हैं वो अवनति को पाते हैं .
  12. ईश्वर अहंकारी को गर्व का अवसर नहीं देता है
  13. गृहस्थी ऋतू के अनुसार रह कर ही शुभ कर्म करने में समर्थ होता है
  14. जागरूक रहकर प्रयत्न करने वाले इश्वर्य को पाते हैं
  15. सूर्य के सामान तेजस्वी बनकर अपना जीवन यात्रा पूर्ण करो
  16. ईश्वर दाता को तत्काल धन देता है
  17. सचरित्र नारी पति को प्रिय होती है

रामायण से

रामायण से हमें यह सीख मिलती है कि:

1: बुराई से हमेशा दूर रहना चाहिए और अच्छे मन से काम करना चाहिए.

2: बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली हो, एक दिन अच्छाई की जीत होती है.

3: सत्य हमेशा जीतता है.

4: मर्यादा और अनुशासन वाला जीवन जीना चाहिए.

5: माता-पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए.

6: भाइयों से प्रेम करना चाहिए.

7: गुरु का आदर करना चाहिए.

8: अपने से छोटों को प्रेम और सम्मान देना चाहिए.

9: पति के प्रति पूर्ण समर्पण भाव रखना चाहिए.

10:राजधर्म और कर्तव्य का पालन करना चाहिए.

11:मामला अगर शत्रु के साथ भी हो तो अपने धर्म (बैध धर्म ) से विचलित नहीं होना चाहिए I

रामायण, हिंदुओं का प्रमुख ग्रंथ है. यह एक राजपरिवार और राजवंश की कहानी है. इस महाकाव्य की रचना महर्षि वाल्मीकि जी ने की थी. रामायण की कहानी राजकुमार राम के बारे में है, जिन्हें अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ राज्य से निर्वासित कर दिया गया
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1:A guest though he be ill mannered , deserves to be welcomed by discerning.
2:Like a flowing river, what has gone will never return.
3:The acts of a person define his character. Hence do good deeds and be a refined human being.
4:There is no diety powerful than time.
5:People are as repelled by a liar as they are of serpents.
6:Misfortune is the best fortune. Rejection by all is victory.

Valmiki
Note:

The idea that misfortune can be the best fortune suggests that misfortunes can have benefits that are not always obvious. Some say that misfortunes can:
1:Force change
2:Help you notice complacency
3:Help you re-assess what is important to you
4:Help you shift your perspective
5:Deepen you
6:Help you see the human condition differently
7:Help you develop compassion and understanding
8:Some say that when you look at misfortune with wise eyes, you open the door to logical thinking, which stops the mind from complaining.
9:Sadhguru says that if misfortunes strike, you should learn to take them in stride. He also says that the greatest misfortune for a human being is when even if fortune falls upon him, he thinks it is a misfortune.

Qateel apna muqaddar gham se begana agar hota
to phir apne paraye mujh se pahchane kahan jate
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The main lessons of Ramayan

The main message of the Ramayana is that good will always triumph over evil, and that people should do good deeds and help others. The Ramayana is a Hindu epic scripture written by Sage Valmiki that teaches many life lessons, including:
The importance of good deeds: Good deeds lead to a higher plane, while bad deeds lead to destruction.
The importance of following the code of conduct: The Ramayana teaches the code of conduct, or "Dharma".
The importance of being responsible for your actions: Each person is responsible for their actions, good and bad, and will face the consequences.
The importance of perseverance: With persistence and dedication, goodness will win over bad.
The importance of commitment: The Ramayana teaches the importance of commitment to those we care about.
The importance of honor, loyalty, and duty: Characters in the Ramayana place a great deal of importance on honor, loyalty, and behaving dutifully to their family members. The importance of compassion and kindness: The Ramayana teaches the qualities of compassion and kindness, readiness to help others, and adherence to truth.

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Core message of the Ramayana

Good deeds are the means to reach a higher plane and likewise bad deeds lead to destruction and doom — is the ultimate message that the Ramayana teaches, said Sri R. Krishnamurthy Sastrigal in a discourse. The truth that each one is responsible for his acts, good and bad and will have to face the consequences is strongly stressed. It is shown that even birds and animals will be of assistance to one who treads the right path; but to him who chooses the wrong path, even one’s kith and kin cannot be of any help. Ravana’s glories are innumerable and even Rama and Hanuman heap spontaneous praises on his attainments and achievements. But he commits the sin of coveting another man’s wife and scripts his own self destruction. Rama and Sita in their role as mortals show that human sorrow is inevitable and affects all, whatever may be one’s temperament, scholarship, lineage, etc. Lakshmana on many occasions ponders on the unfairness of the happenings in Rama’s life.
Rama too breaks out in despair when Virata carries away Sita in a trice. He tells Lakshmana, “This is unbearable. Kaikeyi must have known all this when she sent us to the forest.” Rama’s reaction only reflects the psychological reality of an individual in trying circumstances. Rama’s qualities of compassion and kindness, his readiness to lend a helping hand to all, his nature to pardon the faults in people, and his adherence to truth stand as the very basis of this grand epic. The Lord’s vow to protect those in distress is another straight message of hope to humanity. When Rama accepts Vibhishana against much opposition from Sugriva, Lakshmana and others, he quells their doubts about any possible foul play on the part of the rakshasas and states that even if it is Ravana in Vibhishana’s form, He would protect him.

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रावण ने लक्ष्मण को बताया था कि

1: किसी भी अच्छे काम में देरी नहीं करनी चाहिए और अशुभ कामों से बचना चाहिए.
2: अपने शत्रु और मित्र के बीच अंतर करने की समझ होनी चाहिए.
3: अपने शत्रु को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए.
4: अपने सारथी, दरबान, खानसामे, और भाई से दुश्मनी नहीं मोल लेनी चाहिए.
5: अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को किसी को नहीं बताना चाहिए.
6: किसी भी पराई स्त्री पर बुरी नज़र नहीं रखनी चाहिए.
7: खुद को हमेशा विजेता मानने की गलती नहीं करनी चाहिए.
8: यह गुमान नहीं करना चाहिए कि आप किस्मत को हरा सकते हैं.

रावण की अन्य बातें

रावण पंडित माना जाता था और श्रीराम भी उनकी इस विद्या का सम्मान करते थे
इसलिए जब रावण मरणासन्न अवस्था में था, तब श्री राम ने लक्ष्मण जी को रावण के पास जाने और उससे शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहा था। तब लक्षमण जी वहा गए और रावण ने उनको ज्ञान दिया।
तो आज हम आपको रावण की उन्हीं ज्ञान की बातों को बताने जा रहे हैं जो आपके जीवन के लिए भी फायदेमंद हैं।
1. सबसे पहली बात जो रावण ने लक्ष्मण को बताई वह ये थी कि शुभ कार्य जितनी जल्दी हो कर डालना और अशुभ को जितना टाल सकते हो टाल देना चाहिए यानी शुभस्य शीघ्रम्। मैंने श्रीराम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देरी कर दी, इसी कारण मेरी यह हालत हुई।
2. अब दूसरी बात यह कि अपने प्रतिद्वंद्वी, अपने शत्रु को कभी अपने से छोटा नहीं समझना चाहिए, मैं यह भूल कर गया। मैंने जिन्हें साधारण वानर और भालू समझा उन्होंने मेरी पूरी सेना को नष्ट कर दिया। मैंने जब ब्रह्माजी से अमरता का वरदान मांगा था तब मनुष्य और वानर के अतिरिक्त कोई मेरा वध न कर सके ऐसा कहा था क्योंकि मैं मनुष्य और वानर को तुच्छ समझता था। यहाँ मेरी गलती हुई।
3. अब रावण ने लक्ष्मण को तीसरी और अंतिम बात ये बताई कि अपने जीवन का कोई राज हो तो उसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए। यहां भी मैं चूक गया क्योंकि विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था। ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। उम्मीद है आपको यह जानकारी जरूर पसंद आयी होगी।
मरते समय रावण ने लक्ष्मण को कौन सी तीन बातें बताई थीं?
रावण - रामायण के पात्र रावण को तो सभी जानते ही है । रावण लंका का राजा था, तथा अपने दस सिर होने के लिए दशानन के नाम से भी जाना जाता था ।रावण ऋषि पुलस्त्य का पौत्र था तथा विश्वा ऋषि का बेटा था, ये लोग तो ब्राह्मण थे परन्तु रावण की माँ कैकसी राक्षस कुल की थी इसी कारण रावण भी राक्षस कुल का कहलाया । रावण सारस्वत कुल का ब्राह्मण होने के साथ- साथ , परम शिव भक्त, उद्भट राजनीतिज्ञ , महापराक्रमी योद्धा , अत्यन्त बलशाली , शास्त्रों का प्रखर ज्ञाता ,प्रकान्ड विद्वान पंडित एवं महाज्ञानी था।उसने सोने की लंका बनवायी थी जो स्वर्णनगरी कहलायी ।
लक्ष्मण- लक्ष्मण, अयोध्या के राजा दशरथ के सुपुत्र व श्रीराम के अनुज
रावण को किन-किन योद्धाओं ने पराजित किया था?
रावण को कई योद्धाओं ने परास्त किया था:
भगवान शंकर: रावण महादेव से युद्ध करना चाहता था किन्तु महादेव ने उससे इस प्रकार युद्ध किया जैसे वो कोई बालक हो। तब रावण ने क्रोध में आकर कैलाश के शिखर को उठा लिया। तब महादेव ने हँसते हुए अपने पैर के अंगूठे से कैलाश को दबाया जिससे रावण का हाथ पर्वत शिखर के नीचे दब गया। तब रावण ने रोते हुए शिवस्त्रोत्रताण्डव की रचना की जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने उसे मुक्त किया और चन्द्रहास खड्ग भी प्रदान किया। कुछ लोग भगवान शंकर को इस सूची में नही गिनते हैं क्योंकि भला उनसे कौन जीत सका है?
दैत्यराज बलि: एक बार रावण पाताललोक पहुंचा जहाँ उसकी भेंट प्रह्लाद के पौत्र दैत्यराज बल
रावण अपने जीवन में किन-किन योद्धाओं से जीत नहीं पाया था?
ऐसी क्या बात कही थी रावण ने मरने से पहले जो मनुष्य को आज भी सफलता दिला सकती है?
इस बात को कोई झुठला नहीं सकता कि रावण में लाखों बुराइयाँ थी|लेकिन ये भी सत्य हे की वो प्रकांड पंडित था|
जब राम जी ने रावण का वध किआ तो रावण ने लक्ष्मण को कुछ बातें कही जो आज भी मनुष्य को सफलता दिला सकता हे|
अपने सारथि,भाई इत्यादि से दुश्मनी मोल न ले,ये आपको महंगा पड़ सकता है|
भले ही हर युद्ध में आपकी जीत होती हो,लेकिन खुदको विजेता मानने की गलती न करे|
जो तुम्हारी आलोचना करता हो उसपे आप भरोसा कर सकते हो|
अपने दुश्मन को कभी भी कमज़ोर या छोटा न समझे,जैसा कि रावण ने हनुमान के बारे में धारणा बना ली थी|
ये मायने नहीं रखता की आप ईश्वर से प्रेम करते हैं या घृणा मायने ये रखता हे की आप जो कर रहे हैं वो पूरी निष्ठा और मजबूती से कर रहे हों
रावण के जीवन के कुछ अनुसने रहस्य कौन से हैं ? रावण कि लंका पर आक्रमण करने से कुछ दिनों पहले राम जी को यज्ञ का आयोजन करना था। लेकिन उस समय उस यज्ञ को कोई बड़ा विद्वान पंडित ही हर सकता था।
यह बात विभीषण ने जाकर मंदोदरी (रावण की पत्नी) को बताई कि भाभी राम जी को इस युद्ध में विजय होने से पूर्व यज्ञ का आयोजन करना जरूरी है और इस यज्ञ को कोई विद्वान पंडित ही कर सकता है तो फिर भला भ्राता रावण से श्रेष्ठ कौन पंडित है? परन्तु उन्हें इस कार्य के लिए कैसे मनाया जाए तब मंदोदरी ने कहा कि अपने पत्नी को सही दिशा उसकी धर्म पत्नी ही दिखा सकती है और यह काम अब मेरा है कि उन्हें कैसे भी करके मैं इस यज्ञ में जाने के लिए मनाऊं।
मंदोदरी ने अपने पति रावण के समक्ष जा
रावण ऐसा क्या करता था जो वह इतना शक्तिशाली था?
रावण, रामायण का प्रमुख खलनायक, अपनी असाधारण बुद्धि, शक्ति, और विद्या के लिए प्रसिद्ध था। उसकी शक्ति के पीछे कई कारण थे, जो उसे अत्यंत शक्तिशाली बनाते थे:
भगवान शिव की भक्ति: रावण भगवान शिव का एक महान भक्त था। उसने शिव की घोर तपस्या की और इसके फलस्वरूप उसे असीम शक्तियाँ प्राप्त हुईं। शिव ने उसे विभिन्न वरदान दिए, जिससे उसकी शक्ति में और भी वृद्धि हुई। वेदों और शास्त्रों का ज्ञान: रावण को वेदों, शास्त्रों, और विभिन्न विद्याओं का गहन ज्ञान था। वह एक महान विद्वान और ज्योतिषी भी था। उसकी इस विद्वता ने उसे अन्यों पर बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से श्रेष्ठ बनाया। अस्त्र-शस्त्रों में निपुणता: रावण को विभिन्
क्या रावण ने अपनी ज़िन्दगी में सारे कामों को किया या नहीं, जबकि वो इतना शक्तिशाली था?
एक कहावत सुनी है शायद हि किसी ग्रन्थ में रामायण में हो और अगर हो तो भी मेने नहि पढी है तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस में नहि है
कहावत है की रावण महाशक्तिशाली समर्थ होते हुए भी जो करना चाहता था और अपने रहते कभी भी कर सकता था से भी उसकी तीन इच्छा छूट गयी जैसे
स्वर्ण में सुगन्धि करना
स्वर्ग के लिए नसेनी बनाना
और शराब से दुर्गन्ध दूर करना.
यह रावण लक्ष्मण संवाद है ज़ब रावण राम से युद्ध में परस्त होकर अपनी अंतिम सांसे ले रहा था तब लक्ष्मण जी के पूछने पर उसने उपदेश दिया था की जो करना चाहते हो तुरंत करो, देर न करो. समय निकल जाता है और आप उलझ जाते है काम फिसल जाता है फिर पछतावा होता है. ये सभी वे कार्य थे जी है
रावण की 10 विशेषताएं क्या थीं?
१)रावण एक प्रकांड पंडित एवं महादेव का बहुत बड़ा भक्त था।
२)लोगो को मानना है , की रावण के दस सिर थे परन्तु उसके दश सिर नहीं बल्कि उसके पास दश सिर के बरारबर दिमाग था।
३)रावण एक कुशल व्यापारी,कुशल राजनीतिज्ञ,महायोद्धा,चित्रकार, संगीतज्ञ,एवं बहुत शी खूबियां थी।
४)शिव तांडव रावण के द्वारा ही लिखा एवं गाया गया था।
५)रावण मेगनाथ का पिता एवं कुंभकर्ण जैसे भाई का भ्राता था।
६)रावण एक विद्वान राजा था जिसके राज्य में अस्पताल,गुरुकुल,एवं बहुत सी सुविधाए निशुल्क थी,आप उसकी राज्य की संपंता उसके सोने की लंका से ही लगा सकते है।
७)रावण इतना बड़ा योद्धा और भ्क्त था कि उसने कैलाश पर्वत जिसमे महादेव स्वयं विराजमान थे ,
मरते समय रावण ने लक्ष्मण को कौन सी तीन बातें बताई थीं?
यह एक मनगढ़ंत कहानी है कि मरते समय रावण ने लक्ष्मण को कोई ज्ञान की बातें बताईं थीं ।
यह सर्वविदित और परम सत्य है कि रामकथा का एकमात्र प्रामाणिक स्रोत वाल्मीकि रामायण ही है और उसके आधार पर समय समय पर लोगों द्वारा नये नये प्रसंग जोड़कर रामायण लिखी जाती रही हैं
इनमें से बहुत से तथाकथित विद्वान दुर्भावना से भी ग्रसित थे और उन्होने रामकथा में रामनिंदा और रावणस्तुति पर विशेष ध्यान दिया.... वामपंथियों को ये नयी रामायणे खूब रास आईं क्योंकि इसमें उनके पसंद की पर्याप्त सामग्री थी ये वामपंथी भी कोई नये पंडित की नयी रामायण पढ़ने का सुझाव तत्काल दे डालते हैं... और जय लंकेश कहने में गर्व समझते हैं...
कोई कहता ह
रावण अपने जीवन में किन किन योद्धाओं से पराजित हुआ था?
रावण, जो कि रामायण के प्रमुख खलनायक हैं, उन्हें एक बहुत ही शक्तिशाली राक्षस और महान योद्धा के रूप में माना जाता है। हालांकि, उनकी शक्तियों के बावजूद, रावण कुछ योद्धाओं से पराजित हुए थे:
बालि - रामायण में उल्लेख है कि बालि, किष्किन्धा के वानर राजा ने रावण को युद्ध में पराजित किया था। यह घटना तब घटी जब रावण ने बालि को चुनौती दी और बालि ने उन्हें अपनी बाहों में बांधकर सात समुद्रों और पर्वतों की परिक्रमा की थी।
श्री राम - रामायण का मुख्य भाग यह है कि श्री राम ने लंका विजय के दौरान रावण को युद्ध में पराजित किया। यह रावण की सबसे प्रमुख हार थी, जिसमें उनकी मृत्यु हुई थी।
कार्तवीर्य अर्जुन - महाभारत और अ
रावण कौन था ? क्या था ?
भगवान विष्णु से ब्रह्मा जी का सॖष्टि हुआ और उनके पुत्र हैं महर्षि पुलस्त । उनके विवाह राजर्षी तॖणविन्दु के कन्या हविभुर के साथ हुआ । महर्षि पुलस्त के पुत्र हैं महर्षि विश्रवा और महर्षि विश्रवा के साथ कैकसी अथवा निकषा का विवाह हुआ और उनके पुत्र हैं रावण । ल॑काधीपति रावण जन्म से ब्राह्मण था मगर चरित्र से राक्षस था । परम शिव भक्त वेदों के ज्ञाता महाज्ञानी रावण का पतन उनके अह॑कार और दुष्कर्मों के कारण हुआ था । उन्होंने अपने छोटी बहन शूर्पणखा कि अपमान का प्रतिशोध लेने केलिए माता सीता की अपहरण किया और बाद में भगवान राम के हाथों उनका मॖत्यू हुआ । भगवान राम और लक्ष्मण जी के हाथों उनका पुरा व॑श का नाश
रावण अपने जीवन में किन किन योद्धाओं से पराजित हुआ था?
रावण, रामायण का एक प्रमुख खलनायक होने के साथ-साथ एक अत्यंत शक्तिशाली योद्धा भी था। हालांकि, उसकी शक्ति के बावजूद, वह कई योद्धाओं से पराजित हुआ था।
रावण के जीवन में जिन योद्धाओं ने उसे पराजित किया था, उनमें से कुछ प्रमुख थे:
* सहस्त्रबाहु अर्जुन: रावण ने खेल ही खेल में नर्मदा का प्रवाह रोक दिया था, जिससे नर्मदा का पानी तटों के ऊपर चढ़ने लगा। इस घटना के बाद, रावण ने सहस्त्रबाहु अर्जुन से युद्ध किया था और हार गया था।
* श्री राम: यह तो सभी जानते हैं कि अंततः रावण को भगवान राम ने ही पराजित किया था।
* नारद जी: हालांकि सीधा युद्ध नहीं हुआ था, लेकिन नारद जी ने अपनी बुद्धि और विवेक से रावण को कई बार परास्त
रावण की 10 बातें कौन सी हैं?
रावण, जिसे दशानन के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू पौराणिक कथाओं में एक महत्वपूर्ण पात्र है। वह लंका का राजा था और भगवान राम का प्रमुख विरोधी था। रावण के बारे में 10 बातें निम्नलिखित हैं:
1. दशानन: रावण को दशानन कहा जाता था क्योंकि उसके दस सिर थे।
2. ब्रह्मा का वरदान: ब्रह्मा ने रावण को अमरता का वरदान दिया था, लेकिन यह वरदान उसके लिए शाप साबित हुआ।
3. विद्वान और ज्ञानी: रावण एक विद्वान और ज्ञानी था, जिसने कई वेदों और पुराणों का अध्ययन किया था।
4. शिव भक्त: रावण भगवान शिव का भक्त था और उसने शिव की आराधना की थी।
5. लंका का राजा: रावण लंका का राजा था और उसने अपने भाई कुबेर को वहाँ से निकाल दिया था।
6. सीता का अपहरण: रावण ने सीता का अपहरण किया था और उन्हें लंका ले गया था।
7. राम का विरोधी: रावण भगवान राम का प्रमुख विरोधी था और उसने राम के खिलाफ युद्ध किया था।
8. वीर और पराक्रमी: रावण एक वीर और पराक्रमी योद्धा था, जिसने कई युद्धों में विजय प्राप्त की थी।
9. अहंकार और अभिमान: रावण का अहंकार और अभिमान उसके पतन का कारण बना।
10. राम द्वारा वध: अंत में, रावण का वध भगवान राम ने किया था।रावण ने लक्ष्मण को बताया था कि ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

विभिन्न महा पुरुषों से

دنیا نے تجربات حوادث کی شکل میں
جو کُچھ مُجھے دیا ہے لوٹا رہا ہوں میں
दुनिया ने तजरबात हवादिस की शकल में
जो कुछ मुझे दिया है लौटा रहा हूँ मैं

آج کا شاگرد کل کا اُستاد بنےگا
आज का शिष्य कल का गुरु बनेगा

Like spring the beginning of everything is very small۔
جھرنے کی طرح ہر چیز ابتدا میں بہت چھوٹی ہوتی ہے
अच्छाई या बुराई हर चीज़ का आरंभ बहुत छोटा होता है l
अच्छी या बुरी आदत शुरू में बहुत छोटी होती हैं

شرافت میں ہی کامیابی اور پائیداری ہے
शराफत में ही सफलता और स्थाइत्व है

دیر آید دُرست آید
देर से मिलने वाली चीज़ दुरुस्त होती है

اپنے سے بڑے آدمی کو نصیحت دینا بدتمیزی ہے
अपने से बड़े आदमी को उपदेष देना अनुशाशनहीनता है

بڑوں سے اونچی آواز میں بات کرنا بدتمیزی ہے -
बड़ों से ऊँची आवाज़ में बात करना बदतमीज़ी है

बड़ों को अपने पास बुलाना नहीं चाहिए बल्कि खुद उनके पास जाकर मिलकर बात करना चाहिए

मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरों से नहीं, क्यों कि सुधरना मुझको है उनको नहीं

بدتمیز کو صحیح علم حاصل نہیں ہوتا ، اگر وہ کسی طرح علم حاصل بھی کر لے تو مانو گد ہا پر کتاب لدی ہوئی ہے
बद्तमीज़ को सही ज्ञान प्राप्त नहीं होता अगर उसने किसी प्रकार ज्ञान प्राप्त भी कर लिया तो मानो गदहा पर किताब लादा हुआ है

تعلیم اور تربیت سے اخلاق ، تہذیب اور صحیح فیصلہ لینے کی صلاحیت بڑھتی ہے لیکن یہ بھی سچ ہے کہ تعلیم سے کسی کی فطرت نہیں بدلتی - دُنیا کی ہر چیز اپنی فطرت سے بندھی ہوئی ہے - پھر بھی تعلیم جنگل سے نکلے ہوئے جانور کو انسان بنا دیتا ہے -
शिक्षा और प्रशिक्षण से सदाचार , सभ्यता और उचित फैसला लेने की योग्यता बढ़ती है लेकिन यह भी सच है कि शिक्षा से किसी की प्रकृति नहीं बदलती l संसार की हर चीज़ अपनी प्रकृति से बंधी हुई है l फिर भी शिक्षा जंगल से निकले हुए जानवर को मनुष्य बना देती है

اپنی پوری زِندگی میں مَیں نے ایک آدمی بھی ایسا نہیں دیکھا
1: جو دوسرے کی مدد کرنے میں اپنی دولت خرچ کیا ہو اور مرتے وقت بد حالی میں مرا ہو -
2: جو دوسروں کو تکلیف پہنچایا ہو اور پریشان کیا ہو مرتے وقت سکون کی موت مرا ہو
شیخ سعدی
अपनी पूरी ज़िन्दगी में मैंने एक आदमी भी ऐसा नहीं देखा
1: जो दूसरे की मदद करने में अपनी दौलत खर्च किया हो और मरते वक्त बदहाली में मरा हो
2: जो दूसरों को तकलीफ पहुंचाया हो और परीशान किया हो मरते वक़्त शांति की मौत मरा हो
शैख़ सादी

اِنسان کو جتنا لگاؤ "رِزق" سے ہے آگر اُتنا لگاؤ "رِزق دینےوالے سے ہوتا" تو اُسکا مقام فرشتوں سے بڑھ کر ہو جاتا - شیخ سعدی شیرازی
इंसान को जितना लगाव "रिज़्क़ " से है अगर उतना लगाव "रिज़्क़ देने वाले से होता" तो उसका मोकाम फरिस्तों से बढ़ कर हो जाता---शैख़ सादी

जो राजनीति को धंधा समझते हैं उनके लिए देश एक बाज़ार है I

حکیم لقمان سے جب یہ پوچھا گیا کہ" کیا کسی انسان کی زندگی میں کبھی موت سے بھی تلخ لمحہ آ سکتا ہے ؟" کہا ہاں٫ جب کوئی صاحب ظرف کسی کم ظرف کا محتاج ہو جائے"
हकीम लुकमान से जब यह पूछा गया कि " क्या किसी इंसान के जीवन में ऐसा क्षण भी आ सकता है जो मृत्यु से भी ज़्यादा कड़वा हो ? कहा हाँ , जब कोई लायक किसी नालायक़ का मुहताज(अधीन )हो जाये "

डगरत रही बनल रही, धके खाईब बिला जाई

जहां सियासत धार्मिक को शांत करे वो देश महान होता है l
जहां सियासत खुद धार्मिक मसला पैदा करे समझो देश ग़लत हाथों में है l मार्टिन लूथर

चार गोड़वा बंधाता है दो गोड़वा नहीं बंहाता है

जिधर देखा वज़न
उधर किया भजन

Ideological concpt die hard.-mazhabi bichardhara marti nahi.

निर्धन रहने का एक पक्का तरीका है कि ईमानदार रहिए - नेपोलियन बोना पार्ट

جہاں ناجائز جنسی تعلقات ملؤ ث ہوں وہاں کوئی پنچایت کام نہیں کرتی

जब दांत था तो चना नहीं
जब चना है तो दांत नहीं

طاقت سے تین
زر زن زمین

ज्ञान तो संसार और उस्ताद देते हैं लेकिन उस ज्ञान को अपने और इंसानियत की भलाई के लिए इस्तेमाल करना अपनी सोंच पर निर्भर करता है

Hunger has no religion.खाली पेट इंसान का कोई मज़हब नहीं होता

کرپشن صرف ایک جرم نہیں بلکہ یہ شہیدوں کے خون کی توہین بھی ہے
ترقی بندوق سے نہیں بلک یہ انصاف سے آتی ہے

When foods are finished, the plates are called dirty.खाना ख़त्म होने पर थाली को जूठा और गंदा कहा जाता है

बिल्ली पहली रात मारी जाती है

Bharosa - भौंकते हुए कुत्ता पर भरोसा कर लेना पर मुस्कुराते हुए मर्द और रोती हुई स्त्री पर नहीं

ज़हर क्या है? हर वह चीज़ जो जरूरत से ज़्यादा हो -- मौलाना रूमी

अगर मेहनत आदत बन जाए तो कामयाबी मोक़द्दर बन जाती है।

संयम ही सफलता की कुंजी है
Patience is key to success.

جب اپنے منافق بن جائیں تو غیروں کا سہارا لینا پڑتا ہے

اِس سے فرق نہیں پڑتا کہ آپ کتنے قابل ، کتنے قیمتی اور کتنے اہم ہیں ، اگر آپ بیقدروں کے ہاتھ ہیں تو یقین مانئے آپ کسی کام کے نہیں ہیں ٫ بیکار ہیں۔

समाज से ग़रीबी दूर करने का तरीक़ा दान नहीं बल्कि क्रांति है l कार्ल मार्क्स

धोखा वही देती है जो धोखे से पैदा हुई हो । खानदानी औरत हालात बदलती है मर्द नहीं

जब ज़मीर गुलामी का आदी हो जाय तो ताक़त कोई मानी नहीं रखती

एक समझदार आदमी सिर्फ अपनी मनचाही औरत से ही बेवकूफ बन सकता है

अगर रिश्तों की बुनियाद अच्छी न हो तो रिश्तों का अंजाम भी अच्छा नहीं होता I

एक समझदार बुजुर्ग की मौत का मतलब होता है एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी का जल कर राख होना

You will never find justice in a world where criminals make the rules. - Bob Marley.

किताबों से सीखो तो नींद आ जाती है और जिंदगी सिखाए तो नींद उड़ जाती है

लड़कियां जब बड़ी हो जाती हैं तो उन्हें मां की साड़ी मिल जाती हैं और जब लड़के बड़े होते हैं तो उन्हें बाप की जिम्मेवारी मिल जाती है

हंसी के पीछे का दर्द,
गुस्से के पीछे का प्यार
और खामोश रहने की वजह हर कोई नहीं समझ सकता !!!

छुड़ा के अंगुली पापा ने सलाह दी... अकेले चला कर बेटे, सहारा ठीक नहीं होते

योग्यताएं कर्म से पैदा होती हैं जन्म से हर आदमी शून्य होता है , याद रखना वरासत से गद्दी मिल सकती है बुद्धि नहीं

कुछ बनना है तो बनवास भोगना ही पड़ेगा, घर के सुख सुविधा में आप राम नहीं बन सकते

अगर आप का कोई भी दुश्मन नहीं है तो इसका मतलब यह है कि आप वहां भी खामोश रहे जहां आप का बोलना जरूरी था

عاجزی میں کامیابی، تکبر میں ناکامی، سچ میں خوشی، جھوٹ میں پریشانی، صبر میں برکت، غصے میں نقصان، گناہ میں بیماری اور "استغفار " میں شفا ہے
नम्रता में सफलता, घमंड में विफलता, सच में खुशी, झूठ में परीशानी, सब्र में बरकत, गुस्से में नुकसान,गुनाह में बीमारी, और तौबा(पश्चाताप)में शाफा(स्वास्थ) है

चिंता से चतुराई घटे-چنتا سے چتو رائ گھٹے
दुःख से घटे शरीर-دُکھ سے گھٹے شریر
पाप से लक्ष्मी घटे-پاپ سے لکشمی گھٹے
कह गए दास कबीर-که گئے داس کبیر

ہر خاموشی غرور نہیں ہوتی بلکہ کُچھ خاموشی صبر بھی ہو سکتی ہے
Not every silence is pride, some silence is also patience.-- Buddha

कलमकार सत्ता का स्थाई विपक्ष है

साहस और आत्मविश्वास के आगे कोई भी कठिनाई टिक नहीं सकती।
जब मन में दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं!

جاھل ہونا اُتنی بری بات نہیں ہے ، لیکِن پڑھا لکھا ہو کر بھی دقیانوس اور بیوقوف ہونا بڑا ہی لمحہ فِکر ہے
अनपढ़ होना उतनी बुरी बात नहीं है , लेकिन पढ़ा लिखा हो कर भी अंधविश्वासी पाखंडी और मूर्ख होना बड़ा ही चिंता का विषय है I परियार

Half of life is lost in charming others, The other half is lost in going through anexieties caused by others. Leave this play, you have played enough. -- Rumi

हक़ की लड़ाई में इंसान की ताक़त कई गुनी ज़्यादा हो जाती है l

अगर आप फैसला ख़ुद नहीं लेते हो तो आप के लिए फैसला ले लिया जाता है l क्योंकि जिंदगी ठहरती नहीं l आज आप जहां भी खड़े हैं वह आप के अतीत में लिए गये फैसलों का फल है l

بڑے اور خاندانی لوگ عزت کی خاطر جان و مال قربان کر دیتے ہیں جبکہ نیچ اور ہے خاندانی لوگ پیسہ کی خاطر عزت آبرو اور پُرانا سے پُرانا دوستی کا رِشتہ ترک کر دیتے ہیں
बड़े और कुलीन लोग प्रतिष्ठा के लिए अपनी जान और माल की बली दे देते हैं जबकि नीच और अकुलीन लोग पैसा के लिए इज्जत आबरू और पुरान से पुराना दोस्ती का संबंध भी विच्छेदित कर देते हैं l

بے خاندانی اور رذیل ہمیشہ مطلب کی دوستی کرتا ہے
अकुलीन और नीचजन हमेशा स्वार्थ की मित्रता करते हैं l

مِلنے جلنے سے غیر اپنا ہو جاتا ہے اور نہیں مِلنے جلنے سے اپنا غیر ہو جاتا ہے
मिलने जुलने से ग़ैर अपना हो जाता है , और नहीं मिलने जुलने से अपना पराया हो जाता है

جب غیرت زنگ آلود ہو جا ئیں تو تلواریں صِرف رقص کے لئے استعمال ہوتی ہیں
जब आत्मसम्मान में जंग लग जाती हैं तो तलवारें सिर्फ नाच के लिए उपयोग की जाती हैं

میدانِ جنگ میں گھوڑا نہیں بدلا جاتا
युद्धक्षेत्र में घोड़ा नहीं बदला जाता

मारा सियार खाया हूँड़ाड़(सम्पति चाहे किसी के पास क्यों न हो उसका भोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शक्ति शाली ही करता है )

दुनिया एक बाजार है इसमें हर किस्म का खरीदार और हर किस्म का सौदा है I

ज्ञान आप को शक्ति देगा लेकिन चारित्र आपको सम्मान देगा -- ब्रूस ली

विद्वान् और इन्सान में फर्क होता है कोई जरूरी नहीं है कि विद्वान् इन्सान भी हो I रावण विद्वान था परन्तु इंसान नहीं I

जितनी अपनी तरक़्क़ी अच्छी नहीं लगती है उससे ज़्यादा पाठीदार की बर्बादी अच्छी लगती है I (जितना आपन बनल ना निमन लागे ला उतना पठीदार के गलल निमन लागे ला)

दो आंखों से दस कोस की चीज़ दिखाई दे देती है मगर अपना चेहरा देखने के लिए आईना लाना पड़ता है l इसी लिए कबीर ने कहा है
निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाय
बिन पानी, साबुन बिना , निर्मल करे सुभाय
आप का असल शुभचिंतक वह है जो आप की कमी को आप से अकेले में बताता हो I
हो ग़र्ज़ ही मंज़िल तो फिर एखतलफ कैसा
ख़ुदग़र्ज़ न जाते हैं तकरार की हद तक

چور کو کھانسی اور سنت کو داسی مصیبت میں ڈال دیتی ہے
चोर को खांसी और संत को दासी मुसीबत में डाल देती है--

प्यार देने से बेटा बिगड़े--پیار دینے سے بیٹا بگڑے
भेद देने से नारी--بھید دینے سے ناری
लोभ देने से नौकर बिगड़े--لوبھ دینے سے نوکر بگڑے
धोखा देने से यारी --دھوکا دینے سے یاری

गुण मिले तो गुरु बनाओ--گون ملے تو گرو بناؤ
चित मिले तो चेला--چت ملے تو چیلا
मन मिले तो मित्र बनाओ--من ملے تو متر بناؤ
वर्न रहो अकेला--ورنہ رہو اکیلے

व्यापार हो या व्यवहार उन्हीं के साथ रखो जिनकी जान से ज़्यादा जुबान की कीमत होती है l रतन टाटा
रघुकुल रीत सदा चली आइल
प्राण जाय पर बचन ना जाइ

शेक्सपियर ने कहा था, ''एक लड़का कभी किसी लड़की का दोस्त नहीं हो सकता, क्योंकि उसमें जुनून है, शारीरिक इच्छा है।'' आयरिश कवि ऑस्कर वाइल्ड ने भी यही बात कही थी। "एक महिला और एक पुरुष के बीच केवल दोस्ती होना असंभव है। जो मौजूद हो सकता है वह लालसा, कमजोरी, नफरत या प्यार है।"


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हुमायूं अहमद ने कहा, "एक लड़का और एक लड़की दोस्त हो सकते हैं लेकिन वे निश्चित रूप से प्यार में पड़ जाएंगे। शायद बहुत कम समय के लिए या गलत समय पर। या बहुत देर से, और हमेशा के लिए नहीं। लेकिन वे प्यार में पड़ जाएंगे।"

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सच कहें तो लड़के-लड़कियों के बीच दोस्ती ही असंभव और प्रकृति के विरुद्ध है। क्योंकि अगर दोस्ती ही रहेगी तो प्रकृति अपना अस्तित्व खो देगी। चुम्बक और लोहा कभी एक साथ नहीं रह सकते। आकर्षित करेगा यदि कोई इससे बचता है, तो वह पाखंडी या धोखेबाज है।

मोम आग के पास पिघलता है। एक लड़का और लड़की दोस्त हो सकते हैं, लेकिन अंततः यह प्यार या अवैध रिश्ते में बदल जाता है। और यह सामान्य है.

सर्वशक्तिमान ईश्वर ने पुरुषों और महिलाओं को विपरीत आकर्षण के साथ भेजा है।

"#रत्ती" यह शब्द लगभग हर जगह सुनने को मिलता है। जैसे - रत्ती भर भी परवाह नहीं, रत्ती भर भी शर्म नहीं, रत्ती भर भी अक्ल नहीं...!!
आपने भी इस शब्द को बोला होगा, बहुत लोगों से सुना भी होगा। आज जानते हैं 'रत्ती' की वास्तविकता, यह आम बोलचाल में आया कैसे?
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि रत्ती एक प्रकार का पौधा होता है, जो प्रायः पहाड़ों पर पाया जाता है। इसके मटर जैसी फली में लाल-काले रंग के दाने (बीज) होते हैं, जिन्हें रत्ती कहा जाता है। प्राचीन काल में जब मापने का कोई सही पैमाना नहीं था तब सोना, जेवरात का वजन मापने के लिए इसी रत्ती के दाने का इस्तेमाल किया जाता था।
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इस फली की आयु कितनी भी क्यों न हो, लेकिन इसके अंदर स्थापित बीजों का वजन एक समान ही 121.5 मिलीग्राम (एक ग्राम का लगभग 8वां भाग) होता है।

तात्पर्य यह कि वजन में जरा सा एवं एक समान होने के विशिष्ट गुण की वजह से, कुछ मापने के लिए जैसे रत्ती प्रयोग में लाते हैं। उसी तरह किसी के जरा सा गुण, स्वभाव, कर्म मापने का एक स्थापित पैमाना बन गया यह "रत्ती" शब्द।

रत्ती भर मतलब जरा सा ।

अक्सर लोग दाल या सब्जी में ऊपर से नमक डालते रहते हैं । पुराने समय में माँग हुआ करती थी - - रत्ती भर नमक देना । रत्ती भर का मतलब जरा सा होता है । अब रत्ती भर कोई नहीं बोलता । सभी जरा सा हीं बोलते हैं , लेकिन रत्ती भर पर आज भी मुहावरे प्रचलित हैं । "रत्ती भर" का वाक्यों में प्रयोग के कुछ नमूने देखिए --

1)तुम्हें तो रत्ती भर भी शर्म नहीं है ।

2)रत्ती भर किया गया सत्कर्म एक मन पुण्य के बराबर होता है.

3) इस घर में हमारी रत्ती भर भी मूल्य नहीं है ।

कुछ लोग" रत्ती भर " भी झूठ नहीं बोलते ।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिस रत्ती की बात यहाँ हो रही है , वह माप की एक ईकाई है । यह माप सुनार इस्तेमाल करते हैं । पुराने जमाने जो माप तौल पढ़े हैं , उनमें रत्ती का भी नाम शामिल है । विस्तृत वर्णन इस प्रकार है -

8 खसखस = 1 चावल,
8 चावल = 1 रत्ती
8 रत्ती = 1 माशा
4 माशा =1 टंक
12 माशा = 1 तोला
5 तोला= 1 छटाँक
16 छटाँक= 1 सेर
5 सेर= 1 पंसेरी
8 पंसेरी= एक मन

हाँलाकि उपरोक्त माप अब कालातीत हो गये हैं , पर आज भी रत्ती और तोला स्वर्णकारों के पास चल रहे हैं । 1 रत्ती का मतलब 0.125 ग्राम होता है । 11.66 ग्राम 1 तोले के बराबर होता है । आजकल एक तोला 10 ग्राम होता है ।

इन सभी माप में रत्ती अधिक प्रसिद्ध हुई, क्योंकि यह प्राकृतिक रुप से पायी जाती है। रत्ती को कृष्णला, और रक्तकाकचिंची के नाम से भी जानी जाता है। रत्ती का पौधा पहाड़ों में पाया जाता है । इसे स्थानीय भाषा में गुंजा कहते है ।

रत्ती के बीज लाल होते हैं , जिसका ऊपरी सिरा काला होता है । सफेद रंग के भी बीज होते हैं , जिनके ऊपरी सिरे भी काले होते हैं । यह बीज छोटा बड़ा नहीं होता , बल्कि एक माप व एक आकार का होता है । प्रत्येक बीज का वजन एकसमान होता है । इसे आप कुदरत का करिश्मा भी कह सकते हैं ।

रत्ती के इस प्राकृतिक गुण के कारण स्वर्णकार इसे माप के रुप में पहले इस्तेमाल करते थे , शायद आजकल भी करते होंगे ।

रत्ती का उपयोग पशुओं के घावों में उत्पन्न कीड़ों मारने के लिए किया जाता है । यह खुराक के रूप में प्रयोग किया जाता है। एक खुराक में अधिकतम दो बीज हीं दिए जाते हैं । दो खुराक दिए जाने पर घाव ठीक हो जाता है ।

रत्ती के बीज जहरीले होते हैं । इसलिए ये खाए नहीं जाते । इनकी माला बनाकर माएँ अपने बच्चों को पहनाती हैं । ऐसी मान्यता है कि इसकी माला बच्चों को बुरी नज़रों से बचाती है ।

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Time and good friends are two things that become more valuable the old you get.

बेवक़ूफ़ आदमी मां से ज़्यादा बीवी (पत्नी) को मानता है I हुंश्यार हर रिश्ते में संतुलन रखते हैं I पत्नी को संयम से काम लेना चाहिए क्योंकि कल उसको भी मां और सास बनना है I

पत्नी बदली जा सकती है , लेकिन मां नहीं ;मां के पैर के नीचे जन्नत(सवर्ग) है I

जैसा तुम अपने मां बाप के साथ करोगे वैसा ही तुम्हारे औलाद तुम्हारे साथ करेंगे (अपवाद हो सकता है लेकिन बहुत कम)

زندگی کی سب سے بڑی حقیقت موت ہے-

जब तक धर्मों में पाप धोने की सुविधा रहेगी लोग पाप करते रहेंगे l

ہم نوالہ و ہم پیالہ ہونا دما غی دوستی کا سبب بن سکتاہے لیکِن دلی دوستی با ہمی ہم خیالی اور جذبہ قربانی پر مبنی ہوتی ہے

टेबल पर एक साथ बैठ कर सिर्फ खाने और खिलाने का नाम दोस्ती नहीं है बलकि वक्त आने पर दोस्त के लिए जान दे देने का नाम दोस्ती है ,दोस्ती का परिभाषा कर्ण से सीखो l

جو بیٹا صرف اپنی ماں کی بات مانتا ہے وہ کبھی بھی آرام میں نہیں رہ سکتا کیونکہ ماں کو صِرف امورِ خانہ داری کا علم ہوتا ہے اور باپ کو ساری دُنیا کا
जो पुत्र सिर्फ अपनी मां की बात मानता है वह कभी सुखी नहीं रह सकता क्यों कि माता को सिर्फ गृहस्ती का ज्ञान होता है और पिता को सम्पूर्ण संसार का

ताड़ से गिर कर खजूर पर अटके

बड़ा दुश्मन से निपटने के लिए छोटे दुश्मन से समझौता करना पड़ता है

देखल सुनल के लाज शर्म होला बे देकल सुनल के ना (जो पुश्त दर पुश्त देखा सुना होता है उसी को लाज लिहाज होता है ,जो कभी कुछ देखा ही नहीं हो उसको लाज शर्म और लिहाज़ नहीं होता )

जिस की परवरिश मुफ्त खोरी में हुई हो वह कभी भी पशीना की कमाई से पेट नहीं भरेगा

मोहबा का क़सम था कि पहला तीर मोहबा से नहीं छोड़ा जाता था

بدلے کی اُمید میں کسی کو کی گئی مدد کا ثواب نہیں مِلتا - بدلہ کی اُمید صِرف خُدا سے رکھو ـ
बदले की उम्मीद में किसी को की गई मदद का सवाब नहीं मिलता , बदला की उम्मीद सिर्फ अल्लाह से रखो
करो मेहरबानी तू अहले ज़मीं पर--کرو مہربانی تو اہلِ زمیں پر
खुदा मेहरबाँ होगा अरसे बरीं पर--خُدا مہرباں ہوگا عرس بریں پر

अरसे बरीं =आसमां

कुछ लोग दौलत सिर्फ दौलत के लिए कमाते हैं और कुछ लोग इज़्ज़त के लिए दौलत कमाते हैं I
बेतिआ की गीदड़ी तवायफ का सोना पसेरी (लग भग 5 kg का एक पसेरी होता था )से तौला जाता था फिर भी लोग उसे तवायफ ही कहा करते थे I

mard aur aurat ke sonch men farq

chor ka hath

सिद्धांत महाभारत के करण और रामायण के सुषेण वैध(लंका)से सीखो, सुषेण ने दुश्मन(लक्ष्मण) का इलाज करने में भी वैध धर्म का पालन किया और करण ने खूनी रिश्ता(पांडों)को ठुकरा कर अपने दोस्त दुर्योधन का साथ दिया
اصول مھا بھارت کے کرن اور رامائن کے حکیم سو شین ( لنکا )سے سیکھو ،سو شین نے اپنے دُشمن( لکشمن ) کا علاج کرنے میں بہی حکیمی مذہب کا خیال رکھا اور کرن نے خونی رشتہِ کو ٹھکرا کر اپنے دوست دور یودھن کا ساتھ دیا

बात और व्यवहार से ही पता चल जाता है कि किसी का पुस्तैनी आर्थिक , सामाजिक,सभ्यता और संस्कृति क्या है

धन और दौलत की अहमियत होती है और होनी भी चाहिए लेकिन इतनी भी नहीं कि इज़्ज़त आबरू और प्रतिष्ठा को ही बर्बाद कर दे I

दरभंगा महाराज को पैसा घटा था तो एक तेली से क़र्ज़ लिए थे इसका मतलब यह नहीं हुआ की तेली दरभंगा महाराज से बड़ा हो गया

जिस देश में अस्पताल और पुलिस चौकी बढ़ने लगे समझो कि वह देश विफल है I

اچھے لوگ دُنیا میں محبّت پھیلاتے ہیں اور ابلیس کے اولاد نفرت
अच्छे लोग दुनिया में प्रेम फैलाते हैं और दुष्ट नफरत

सब छीन गया

motivation

Optimists often use "Yes" and pessimists "No". Optimists always see on the brighter sides of anything where as pessimists see on darker sides.
आशावादी अक्सर "हाँ " का प्रयोग करते हैं और निराशावादी "ना" का
आशावादी कहेगा कि " गिलास आधा भरा हुआ है ",निराशावादी कहेगा कि "गिलास आधा खाली है "
संसार एक समुन्दर है , इसमें विष और अमृत दोनों हैं . आशावादी को अमृत और निराशावादी को विष मिलता है I

بڑے جب تک کُچھ پوچھیں یا کہیں نہیں ، بولنا بےادبی مانا جاتا ہے
बड़े जब तक कुछ पूछें या कहें नहीं , बोलना अशिष्टाचार माना जाता है

بڑوں کے سامنے خاموش رہنا ادب مانا جاتاہے
बड़ों के सामने खामोश रहना शिष्टाचार माना जाता है
جب بڑے کُچھ کہیں تو چُپ چاپ سننا چاہئے - بیچ میں بولنا بد تمیزی ہے - جب وہ بولنے کے لئے کہیں تب اپنی بات رکھنا چاہئے

بڑوں سے کُچھ سیکھنے اور جاننے کے مقصد سے سوال کرنا چاہئے نہ کہ اُنکا امتحان لینے کے لئے
बड़ों से कुछ जानने और सिखने के लिए उन से प्रश्न करना चाहिए न कि उनकी परीक्षा लेने के लिए

कम ज्ञान वाला अधिक घमंडी होता है और कम बोलता है ताकि लोग उसकी कमज़ोरी को समझ न पाएं I ज्ञान पारस्परिक प्रभाव (mutual interaction ) से बढ़ता है जिससे घमंडी वंचित रह जाता है I लाड और प्यार से पाले गए बच्चे ज़्यादा तेज़ होते हैं I

रंग में भांग पड़े ,भांग में धतूरा
जैसन के तैसन लागे संग चले पूरा

बिना गुरु के ज्ञान नहीं
जो आदमी अपने मुकाबला में दूसरे को ज्ञानी नहीं मानता वह मरते दिन तक अज्ञानी (जाहिल) ही रह कर मरता है I ज्ञान के लिए गुरु का होना अनिवार्य है

جلدی كام شیطان کا
जल्दी काम शैतान का

संस्कारहीन पैसा से संस्कारी घर नहीं बन सकता I
ناجائز پیسہ سے جائز گھر نہیں بن سکتا

अपनी इज़्ज़त अपने हाथ I
اپنی عزت آپنے ہاتھ

بڑوں کا رشتہِ نا روز روز لگتا ہے نا روز روز چھوٹتا ہے
बड़ों का रिश्ता न रोज़ रोज़ लगता है न रोज़ रोज़ छूटता है

جِس آدمی کے پاس پرانے نوکر اور پرانے دوست ہوں وہ خاندانی اور بڑا آدمی ہے
जिस आदमी के पास पुराने नौकर और पुराने दोस्त हों वह बड़ा आदमी और खानदानी है

माफी गलतियों की मिलती है धोखे की नहीं

1 : जब घर का फैसला करने के लिये बाहर वालों की जरूरत पड़ जाए तो समझ जाओ कि हमारा खानदान बर्बाद हो चुका है
2 : शौक़ अक्सर उनके कम हो जाते हैं जो कम उमर में ही जिम्मेवार हो जाते हैं l
3: अपने तो वह होते हैं जिन्हें हमारी फिक्र और हमारे दर्द का एहसास हो वर्न हाल चाल तो राह चलते लोग भी पूछ लेते हैं
4 : अकेलेपन का दर्द क्या होता है यह वही समझ सकते हैं जो अपनों के साथ रह कर भी अकेलापन महसूस करते हैं

जिंदगी में सब से बड़ा गुरु ठोकर है

हमें तो सुख का एक साथी चहिए,दुख के लिए तो मेरी बेटी काफी है l

एख़लाक़ का मारा हुआ आदमी उठता नहीं है

खाली पेट खाली जेब और झूठा प्यार इंसान को जो सबक सिखाता है वह बड़ा से बड़ा उस्ताद भी नहीं सिखा पाता वक्त, एतबार और इज़्ज़त ऐसे परिंदे हैं जो उड़ जाएं तो वापस नहीं आते

नींद और निंदा पर जो विजय पा लेता है उसे आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता ......

Necessity is the mother of inventions.
ضرورت ایجاد کی ماں ہے
ज़रुरत इज़ाद की माँ है I

Time is money.
وقت ہی دولت ہے
समय ही सम्पति है

पाकिस्तान का मशहूर ड्रामा परीज़ाद का एक डायलॉग बहुत ज़्यादा वायरल हुआ था और वो डायलॉग आज की दुनिया के हिसाब से तक़रीबन ठीक और सच्चाई के क़रीब था। परीज़ाद ड्रामा के हीरो पारिज़ाद से एक अमीर औरत कहती है।
"सुनो लड़के यह चेहरा ये सूरत और शख्सियत यह सब लोअर मिडल क्लास के मसायल होते हैं। मर्द की सूरत शख्सियत और वक़ार सब उसके पैसे से होता है। जाओ इस बेरहम दुनिया में जाओ और अपने हिस्से की दौलत समेट लो ख़ुद को इतना अमीर करो कि यह जो तुम्हारी शख्सियत के ऐब हैं दुनिया को स्टाइल लगने लगे और हां छोड़ो ये शायरी, वायरी यह सब भरे हुए पेट के चोचले हैं ग़रीब की शायरी दुनिया को फालतू लगती है और मर्द अगर अमीर हो तो दुनिया को उसकी गाली भी शायरी लगने लगती है।

سکر خور را خُدا سکر می دہد
चीनी खाने वाले को खुदा चीनी देता है

Truth is bitter.
سچّی بات کڑوی ہوتی ہے
सच्ची बात कड़वी होती है I

गले में माला, मन में घोटाला

انسان کا زیور شرافت ہے
सज्जनता मनुष्य का आभूषण है I

Time and tide wait for no one.
جوار بھاٹا کسی کا انتظار نہیں کرتے
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं I

ہمیشہ بڑا کھیل کھیلو
Always play a big game.

پریدن آسان ، پرانیدن مُشکِل
اڑنا آسان اور اڑانا مُشکِل
उड़ना आसान उड़ाना मुश्किल

جتنا بھیڑیا نہیں اُتنا گڑیڑیا
जितना भेड़िया नहीं उतना गड़ेडिया

گدھا پر کتاب لادنا
गदहा पर किताब लादना --- यह उसके लिए बोला जाता है जो आदमी ज्ञान तो हासिल किया लेकिन उसपर चलता नहीं

جو کام آئے وہی اچّھا
जो काम आये वही अच्छा

چراغ سے چراغ جلتا ہے
चिराग़ से चिराग़ जलता है

لات کا بھوت بات سے نہیں مانتا ہے
लात का भूत बात से नहीं मानता है (भुतहस देवता के लतहास पूजा )

دھوکاباز کسی دوسرے کو دھوکا نہیں دیتا بلکہ وہ اپنے آپ کو دھوکا دیتا ہے -
धोका बाज़ किसी दूसरे को धोका नहीं देता वह अपने आप को धोका देता है

ہر جنگ کا ایک مقصد ہوتاہے - یہ دیکھنا پڑتا ہے کہ جیت کر ہم کیا پائینگے -- اٹل بہاری واجپئی
हर युद्ध का एक उद्देश्य होता है , यह देखना पड़ता है कि जीत कर हम क्या पाएंगे --अटल बिहारी बाचपेयी

دوسرے کا کوڑھ اپنے میں نہیں سا ٹنا چاہئے
दूसरे का कोढ़ अपने में नहीं साटना चाहिए

Everyone is wise in normal conditions . The real wisdom is tested in abnormal conditions.
عام حالات میں اکثر انسان عقلمند ہوتا ہے اصل عقلمندی کی پہچان مخالف حالات میں ہوتی ہے

ہے فائدہ دوسرے کی کھجلی آپنے میں مت سا ٹو
बेफ़ायदा दूसरा की खुजली अपने में नहीं साटना चाहीए

Female of species is more deadly than the male.
نر سے مادہ زیادہ خطرناک ہوتی ہے

जिंगी भर रहनी काशी
मुवे के बेर मगहर के बासी

मगहर =मगध(गंगा के दक्षिण का इलाका,जिसमें मिर्तु होने पर मोक्ष प्राप्त नहीं होता)

बनले के सार बहुत मिलेलन
बिगड़ले के बहनोई ना मिले ला

ग़रीब की शायरी दुनिया को फालतू लगती है और अमीर की गाली भी दुनिया शायरी लगने लगती है।

राजनीति मात्र एक ऐसा पेशा है , जहां चोरी कर सकते हैं, झूठ बोल सकते हैं, धोखा दे सकते हैं, और यह सब करने के बाद भी आप सम्मानित हो सकते हैं l
मार्क द्वीन

अगर आप किसी आदमी से उस भाषा में बात करते हैं जिसे वह समझता है तो वह बात उसके दिमाग़ तक जाती है। अगर आप उस से उसी के भाषा में बात करते हैं तो वह बात उसके दिल तक पहुंच जाती है।
नेल्सन मंडेला

मुझे बारिश में चलना पसंद है ताकि कोई मेरा आंसू देख न ले
चार्ली

जिंदगी में कुछ सीखो या मत सीखो लेकिन इंसान को पहचानना जरूर सीखो क्यों कि यही संसार का ऐसा जहरीला सांप है जो मीठा ज़हर का इस्तेमाल करता है l

No knowledge without college.

شادی کے بعد بھی مرد طالب علم ہی رہتا ہے - ماں کو لگتا ہے بیوی سکھا رہی ہے اور بیوی کو لگتا ہے ماں پڑھا رہی ہے
शादी के बाद भी मर्द विद्यार्थी रहता है l मां को लगता है बीवी सीखा रही है, बीवी को लगता है मां पढ़ा रही है l

کارل مارکس کے مشہور اقوال:
1. "جب غريب لوگ مہنگائی کی وجہ سے خودکشیاں کرنے لگیں گے تو سرمایہ دار رسی بنانے اور بیچنے کا دھندا شروع کر دیں گے۔"
2. "انسان کو سیاست،مذہب،سائنس اور فن سے پہلے روٹی کی ضرورت ہوتی ہے۔ "
3. "دنیا کا سب سے مضبوط رشتہ مفاد کا ہوتا ہے۔"
4. ‏"انقلاب کی راہ میں سب سے بڑی رکاوٹ مڈل کلاس طبقہ بنتا ہے۔ ان کی نظریں آسمان پر اور پیر کیچڑ میں ہوتے ہیں۔"
5. "غربت آسمان اور قدرت کی طرف سے نہیں بلکہ یہ انسانوں کی پیدائش ہے۔"
6. "مذہب ایک افیون ہے
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میٹھی بولی سے بگڑا ہوا کام بھی بن جاتا ہے اور تلخ بولی سے بنا ہوا کام بھی بگڑ جاتاہے
मीठे बचन से बिगड़ा हुआ काम भी बन जाता है और कड़वी बात से बना हुआ काम भी बिगड़ जाता है

زندہ رہنے کے لئے روٹی کپڑا اور مکان کے ساتھ ساتھ اچّھی دوستی کی بھی ضرورت ہوتی ہے - کاجل کی کوٹھری میں جانے پر داغ کا لگنا یقینی ہے
بہتر ہے کہ بری دوستی سے بچا جاۓ
ज़िंदा रहने के लिए रोटी ,कपड़ा और माकन के साथ सत्संगति की आवश्यकता होती है I
काजल की कोठरी में जाने से दाग़ का लगना स्वाभाविक है ,बेहतर है कि कुसंगती से बचा जाय I

A union of goats does not matter for a lion.
بکرے کا تنظیم بنا نے سے با گھ کو کوئی فرق نہیں پڑتا
बकरी का संगठन बनाने से बाघ को कोई फर्क नहीं पड़ता

آزمودہ را آزمودن جہل است
आजमाए हुवे को आजमाना जहालत है I
पैसा परखो बार बार आदमी परखो एक बार I

اپنی فکر پہلے ،دوسروں کی فکر بعد میں
Don't take care of other people . First take care of yourself .
Don't say these three Words. "I know everything."--
۔" میں سب کُچھ جانتا ہُوں " سے دور رہنا چاہیے

सत्ता व्यक्ति को भ्रष्ट नहीं करती है l पाखंडी लोग जब सत्ता में आते हैं तो वह सत्ता को भ्रष्ट कर देते हैं l जार्ज बर्नार्ड शॉ

दुनिया का बड़ा अपराध धर्म के नाम पर किया जाता है

انسان کو پاک کرنے کا کوئی عطر نہیں ہوتا یہ اپنے کردار سے مہکتا ہے
अपने चारित्र से ही महकता है इंसान
चरित्र को पवित्र करने का इत्र नहीं आता

बाप तो प्यार करता है लेकिन कहता नहीं , और जब तक औलाद की समझ में आता है वह रहता नहीं l

Every day is a chance for a new life.

Ego=1/Knowledge
ie: Ego is inversely proportional to Knowledge.
More the knowledge lesser the ego, lesser the knowledge more the ego.
Albert Einstein Be aware of ego, it's double edged sword ...The outer edge cuts your POPULARITY , while the inner edge cuts your PURITY.

The ego is not bad as long as you utilise it to become better and better.

Innocent people are not stupid, they just think everyone has a good heart.

Quality is inversely proportional to Corruption.

दिमागी तौर पर मजबूत कैसे बनें

1 जो हो चुका उसकी परवाह मत करना
2 हर दिन सुबह में मेडिटेशन करना शुरू करो
3 किसी भी चीज़ से उम्मीद ज्यादा मत रखो
4 पहली बार किसी काम में फेल होने से डरो मत
5 गलती करके खुद का कभी कोसना मत
6 ऐसी चीजों पर अपनी एनर्जी बर्बाद मत करो जिस को आप बदल नहीं सकते
7 सुनो सब की करो अपने मन की
8 बोलना कम करो, ज़्यादा बोलने से एनर्जी और दिमाग़ दोनों खराब होते हैं l कोई आप को शांति नही दे सकता सिवाय आप के दिमाग के l

उनसे कभी पंगा मत लेना जो बंदूक बेच कर स्याही खरीदते हैं l
اُن سے کبھی پنگا مت لینا جو بندوق بینچکر سیاہی خریدتے ہیں
मार्क द्वेन

महत्वपूर्ण यह नहीं कि रावण विद्वान् था, महत्वपूर्ण यह है कि एक विद्वान् भी रावण बन सकता है I
اہم یہ نھیں کہ راون ایک عالم تھا ، اہم یہ ہے کہ ایک عالم بھی راون بن سکتاہے

हमें केवल इतना ही जानना है कि हम कुछ नहीं जानते हैं l और यही मानव ज्ञान की उच्चतम डिग्री है l
ہمیں صرف اتنا ہی جاننا ہے کہ " ہم کُچھ نہیں جانتے ہیں" یہی انسانی سمجھ کی اوّل ترین منزِل ہے - लियो टालस्टाय

नया धन होने पर तीन चीज़ें रोती हैं :
घर,घोड़ा और प्रोहित
घर कहता है कि अब मुझे तोड़ा जायेगा और न्या घर बनाया जायेगा।
घोड़ा इस लिए रोता है कि अब नए नए लोगों से दोस्ती होगी और मुझे हमेशा सफर में रहना पड़ेगा।
पुरोहित इस लिए रोता है कि अब मुझ को कौन पूछेगा अब पूजा के लिए बड़े बड़े विख्यात पंडित बुलाए जायेंगे।

میں سب کُچھ جانتا ہُوں" سے دور رہو

जिस तरह शराब का नशा तंबाकू के नशा पर हावी हो जाता है उसी तरह बेशवा का नशा औलाद के प्रेम पर हावी हो जाता है । इस लिए बुद्धिमान लोग बेशवा से दूर रहते हैं ।

किसी के बारे में जानना हो तो उसके दोस्तों को देख लो I
کسی کے بارے میں جاننا ہو تو اُسکے دوستوں کو دیکھ لو - جس کا جیسا کردار اُسکا ویسا دوست जिसका जैसा चरित्र
उसका वैसा   मित्र

भले संगे रहब खैब बीरा पान
बुरा संगे रहब कटैब दुनूं कान

اگر تم چھوٹے چھوٹے مسائل میں الجھوگے تو تمہارے بڑے بڑے منصوبے دھرے کے دھرے ره جائینگے
अगर तुम छोटे छोटे समस्याओं मे उलझोगे तो तुम्हारे बड़े बड़े योजना धरे के धरे रह जायेंगे

پیاسے کو کونوے کے پاس جانا پڑتا ہے - کنوا پیاسے کے پاس نہیں جاتا
प्यासे को कुंवे के पास जाना पड़ता है, कुंवा प्यासा के पास नहीं जाता

دوستی اور خوشگوار رشتوں کے لئے ایک دوسرے کے جذبات کا احترام لازمی ہے
दोस्ती और मधुर संबंध के लिए एक दूसरे के भावनाओं का सम्मान आवश्यक है l

पैसा कमाने से अहम पैसा का सही इस्तेमाल कर लेना होता है

Sometimes, silence speaks louder than words!
کبھی کبھی خاموشی بولنے سے ذیادہ کام کرتی ہے - ہر جگہ بولنا ضروری نہیں ہوتا

کسی مسئلہ كا حل اُس کے ابتدائی دور میں کرنا زیادہ بہتر اور آسان ہوتا ہے - گھاؤ کا علاج آسان ہے لیکن جب وہی گھاؤ کینسر میں تبدیل ہو جاۓ تو اُس کا علاج مُشکِل ہو جاتا ہے
किसी समस्या का समाधान उस के प्राम्भिक अवस्था में करना अधिक आसान और बेहतर है , घाव का उपचार आसान है वही घाव देर करने से अगर कैंसर हो जाता है तो उस का इलाज कठिन हो जाता है I

जल्दी का फायदा बहुत नुकशानदेह साबित होता है I
جلدی کا فائدہ بہت نقصاندہ ثابت ہوتاہے

पिछे देखकर अफसोस करने से बेहतर है कि आगे देखकर अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ा जाय I
پیچھے دیکھ کر افسوس کرنے سے بہتر ہے کہ آگے دیکھ کر اپنی منزِل کی طرف بڑھا جائے The pain in your neck you complain of may be a result of your looking backward.
یادِ ماضی عذاب ہے یا رب
چھین لے حا فظہ میرا

ग़लती करने वाला ही सीखता है बशर्ते कि उसकी नियत में सुधरना हो I
غلطی کرنے والا ہی سیکھتا ہے بشریکہ اُس کی نیت میں سدھار ہو

Wise men make more opportunities than they find.
हुंशियार लोग ज़रूरत से ज़्यादा रास्ता तलाश करके रखते हैं
عقلمند لوگ ضرورت سے زیادہ راستہ تلاش کرکے رکھتے ہیں

Believe in yourself! Without a humble but reasonable confidence in your own powers you cannot be successful or happy.

Quality is not an act it is a habit.--- Aristotle
خوبی ایک عمل نہیں بلکہ ایک عادت ہے -- ارسطو

Change your life today.Don't gamble on the future ,act now,without delay.

A good plan violently executed now is better than a perfect plan executed next week.

Our greatest weakness lies in giving up.The most certain way to succeed is always to try ,just one more time.

بہ ، بہتر اور بہترین کو کبہی آرام مت کرنے دو جب تک کہ تمہارا بہ بہتر اور بہتر بہترین نہ ہو جائے
Good,better best. Never let it rest. Till your good is better and your better is best.

It always seems impossible untill it's done.--Nelson Mandella

Ever tried.Ever failed .No matter.Try again .Fail again.Fail better.

It does not matter how slowly you go as long as you do not stop.---Confucius

An investment in knowledge pays the best interest.

It is better to learn late than never.

To educate a man in mind and not in morals is to educate a menace(danger,threat)to society.
The function of education is to teach one to think intensely and to think critically .Intelligence plus character -that is the goal of true education.

इन्साफ(क़ानून) राजा के दरबार की लौंडी होता है I
जब तक राजा को पसंद पड़ा रखा और जब मन भर गया छोड़(बदल) दिया I
, इंसाफ बहुत महंगा होता है;यह ग़रीब और कमज़ोर की चीज़ नहीं है
इंसाफ खोजने के चक्कर में कमज़ोर को केस मुक़दमा से दूर ही रहने में भलाई है I
ताक़त का दूसरा नाम इंसाफ है I अगर तेरे पास ताक़त है तो तुझे इंसाफ मिलेगा I
क़ानून मज़बूत के लिए होता है , कमज़ोर के लिए नहीं I
'क़ानून सब के लिए बराबर होता है' यह संसार का सब से बड़ा झूठ है I
क़ानून राजा के इरादः के ख़िलाफ़ ताकने की बात तो दूर , किसी दोषी की तरफ झाँक भी नहीं सकता I
ताक़त परिभाषित करती है कि क्या जायज़ है और क्या नाजायज़ I
क़ानून एक द्रव(liquid)है जो जीतने वाले के वर्तन के अनुसार अपना रूप बदल लेता है I
विश्व युद्ध में जीतने वालों ने संसार के लिए क़ानून लिखा और पराजित राष्ट्रों से उस पर दस्तखत करवाया और उसे सर्वसम्मति का नाम दिया I

مانگنے سے بھیک ملتی ہے اور لڑنے سے حق ملتا ہے
मांगने से भीख मिलती है और लड़ने से हक़ मिलता है I

جنگ سیاست کا حصّہ ہے
युद्ध राजनीति का अंश है --चाणक्य

जहाँ धार्मिक और प्रकृतिक नियम में टकराव होता है जीत प्राकृतिक नियम की होती है I धर्मात्मा भी अपनी बीमारी का इलाज अंग्रेजी डाक्टर से ही कराते हैं न कि ओझा से I

پانی کی قیمت پیاسے کے پاس اور دولت کی قیمت بھکمنگے کے پاس ہوتی ہے
पानी की क़ीमत प्यासे के पास , और दौलत की क़ीमत भिखमंगा के पास होती है I

जब अमीर गरीब को लुटता है तो उसे "बिजनेस" कहा जता है और जब ग़रीब पलट कर लड़ता है तो उसे "हिंसा"

दुश्मन को कभी कमज़ोर नहीं समझना चाहिए, मज़बूत दुश्मन तुम्हारे खिलाफ तुम्हारे कमज़ोर दुश्मन को इस्तेमाल कर सकता है I दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है I
دُشمن کو کبھی کمزور نہیں سمجھنا چاہئے - مضبوط دُشمن تمہارے خلاف تمہارے کمزور دُشمن کو استعمال کر سکتا ہے - دُشمن کا دُشمن دوست ہوتاہے

पहले सौदा बाद में पैसा - किसी दुकान से सौदा लेने के बाद ही उसका पैसा देना चाहिए l देखा गया है कि ग्राहक पहले पैसा दे देता है और दुकानदार भूल जता है तो समस्या खड़ा हो जाता है l यदि दुकानदार पहले पैसा ले लेता है तो उसे उस पैसा को अलग रखना चाहिए जब तक कि ग्राहक को सौदा नहीं दे देता है l

An upstart always grows haughty.नया पैसा वाला घमंडी हो जाता है.
نیا امیر مغرور ہوتا ہے

जो लोग गिरने से डरते हैं वह कभी भी जीवन में उड़ान नहीं भर सकते--No risk no gain.
بیغیر خطرہ اٹھائے کُچّھ حاصل نہیں ہوتا -

बड़े दुश्मन से निपटने के लिए छोटे दुश्मन से समझौता करना पड़ता है I
بڑے دُشمن سے نپٹنے کے لئے چھوٹے دُشمن سے سمجھوتا کرنا پڑتا ہے

दुनिया की सबसे बड़ी दौलत वक़्त है , जिसने वक़्त को गँवा दिया वह सब कुछ गँवा दिया I जो सोता है वो खोता है I
دُنیا کی سب سے بڑی دولت وقت ہے ، جس نے وقت کو گنوایا وہ سب کُچھ گنوایا - جو سوتا ہے وہ کھوتا ہے

ज़िन्दगी एक मिनट में नहीं बदलती लेकिन एक मिनट में लिया गया फैसला ज़िन्दगी बदल देता है-
زِندگی ایک منٹ میں نہیں بدلتی ، لیکن ایک منٹ میں لیا گیا فیصلہ زِندگی بدل دیتا ہے

कोई पूरी दुनिया को नहीं सुधार सकता, बेहतर है कि वह अपने आप को ठीक रखे--
کوئی پوری دُنیا کو نہیں سدھار سکتا بہتر ہے کہ وہ آپنے آپ کو ٹھیک رکھے

कोस कोस पर बदले पानी चार कोस पर वाणी (भाषा )--
کوس کوس پر بدلے پانی چار کوس پر وانی

अकरब मरे न छूतीहर फूटे (अकरब =बिच्छू,दुष्ट आदमी;छुतीहर=अपवित्र घड़ा)

सखर्च    बनिया   राजा   हीन
बैध का लड़का ब्याध न चीन्ह
ब्राह्मण    चुप  चुप  बेश्वा  मैल
कहे  घाघ  पांचो   घर  गइल

एक करैला अपने तीत दूसर चढ़ल नीम पर I
ایک کریلا اپنے تیت دوسر چڑھل نیم پری

मेहरारू के मार ना घर में रोये लायक ना बाहर कहे लायक I
مهرارو کے مار نا گھر میں روئے لائق نا باہر کہے لائق

बांस के जरी रेंड़ जामे I शरीफ मां बाप के यहाँ भी कुपुत्र पैदा होता है I
بانس کے جری ریںڑ جا مے - شریف والدین کے یہاں بہی رذیل اولاد پیدا ہو سکتاہے

طاقت سے تین
زر زن زمین
ताक़त से तीन
ज़र,ज़न ,ज़मीन
बीर भोगे बसुंधरा
संसार का भोग बहादुर के लिए है

بچوں کی شادی 25 سے 30 سال کے بیچ کر دینی چاہئے - اگر ایسا نہیں کیا جاتا اور شادی دیر سے کی جاتی ہے تو انکے بچوں کی شادی میں بہت دقت ہو جاتی ہے - خاص کر آگر بچّی کی شادی کرنی ہوتی ہے تو بوڑھے باپ کی بات کوئی نہیں سنتا - ضعیف باپ کو لڑکی کے لئے لڑکا ڈھونڈھنے میں پریشان ہو جاتا ہے - اسی لئے کہا گیا ہے کہ ہر چیز کا ایک مناسب وقت ہوتا ہے -

دُنیا کا کوئ بھی نظام مکمل نہیں ہوتا - اگر تم کو زندہ رہنا ہے تو سب سے پہلے علم حاصل کرو اور اسی نظام میں اپنی جگہ بناؤ - آندھی آور طوفان کے بیچ ہی تم کو آگے بڑھنا ہے -

جاھل اور گنوا ر کے لئے جو کُچھ ہوتاہے پیسہ ہی ہوتاہے ایک کامیاب زِندگی کے لوازمات کا اُسکے نزدیک کوئی تصوّر ہی نہیں ہوتا -

दुश्मन चाहे कितना ही मीठी बात क्यों न करे उस से हुंशियार रहने की ज़रूरत है I घातक ज़हर के साथ अधिक चीनी मिला कर दी जाती है I

چور چوری سے جائیگا ہیرا پھیری سے نہیں جائیگا
चोर चोरी से जायेगा हेरा फेरी से नहीं जायेगा (एक चोर साधू बन गया , वह रोजाना रात में जब सभी साधू सो जाते थे तब एक साधू के कवंडल का सामान दूसरे साधू के कमंडल में रख देता था l सुबह में जब साधू का सामान नहीं रहता था तो चोरी का हल्ला होता था और साधुओं में झगड़ा होता था और हेरा फेरी करने वाला साधू झगड़े का मजा लेता था l तब से ही यह महावरा बना कि " चोर चोरी से जायेगा पर हेरा फेरी से नहीं जायेगा")

Survival for fittest
ڈارون کے مطابق جو سب سے فٹ رہیگا وہی زِندہ رہیگا
डार्विन के मुताबिक जो सबसे फिट रहेगा वही जिंदा रहेगा I

जात सुभाव ना छूटे
टांग उठा के कुकुर मूते

A union of goats does not matter for a lion.
बकरी का संगठन बनाने से बाघ को कोई फ़रक़ नहीं पड़ता I

खेत और इज़्ज़त भय से बचता है, रखवाली से नहीं I

एक आंख और एक औलाद का कोई भरोसा नहीं I

دُنیا میں اِنسانی اور شیطانی قوّتیں متوازی چلتی
ہیں - اِنسان اپنا کام کرتا ہے اور شیطان اپنا - آ دم اور ابلیش کی پیدائش ساتھ ساتھ ہوئی تھی -
दुनिया में मानवी और दानवी शक्तियां समानांतर चलती हैं, मानव अपना काम करता है और दानव अपना
सफल जीवन के लिए इंसान और शैतान दोनों से निपटने का हुनर जानना होगा

Like sun life also changes its intensity stagewise.सूरज की तरह ज़िन्दगी भी मरहलावार अपनी तीब्रता बदलते रहती है I

जो यह नहीं समझा कि कहाँ और कब पीछे हटना है और कहाँ और कब आगे बढ़ना है वह जीवन में असफल हुआ I
Time and space play most important role for success.

One step backward two step forward.लम्बी छलांग लगाने के लिए दो चार क़दम पीछे हटना पड़ता है I

भूत के घर संपत --भूत के घर में सम्पति नहीं रहती I

एक अच्छा स्कूल मास्टर सौ पुजारियों से अधिक उपयोगी होता है l थामस पेन
लाखों रुपए खर्च करके भी संस्कार नहीं खरीदा जा सकता, संस्कार संगती और वातावरण से मिलता है

Think for the best but design for the worst.
اچّھی بات کی اُمید رکھو لیکن برے سے برے حالات سے نپٹنے کے لئے تیار رہو

बिन भोजन ना भजन गोपाला
यह लो अपनी कंठी माला

हारना तब जरूरी हो जाता है जब लड़ाई अपनों से हो, जीतना तब ज़रूरी हो जाता है जब लड़ाई "अपने आप" से हो .
मंज़िल मिले यह तो मुकद्दर की बात है, हम कोशिश ही न करें यह गलत

कम चीजों के साथ जीवन जीना सब से बड़ी दौलत है l पलेटू

गुलामी के बारे में सब से बुरी बात यह है कि अंततः यह गुलामों को पसंद आने लगता है सुकरात

मदद देने वाले से ज्यादा मदद लेने वाले में अहलियत (योग्यता) होना चाहिए नहीं तो सारी मदद बेकार चली जाती है I
बिन मांगे मदद करना बेकार चला जता है l

मर्चा का कीड़ा मर्चा में ही जीता है

سونچ ،عمل ،فیصلہ اور اظہار خیال سب دماغی صلاحیت کے متناسب ہوتے ہیں

अगर मर्द औरत की मर्ज़ी से चले तो वह परी(हूर) है और उसके खिलाफ चले तो वह चुड़ैल(पिचासिन)है I

खतरनाक और विफलता रास्ता "अल्लाह बस बाक़ी हवस اللہ بس باقی حوس"

तेज़ इंसान को जितना बनने की उम्मीद होती है उस से ज़्यादा बिगड़ने का डर रहता है, इस लिए उस पर खास ध्यान देने की ज़रूरत होती है l
अच्छे वक्ता(मोकर्रिर) को ज़्यादा भटकने का डर रहता है l

कुत्ता का मार अड़हाई घड़ी
मर्द और कुत्ते की इज़्ज़त न होती है और न जाती है I

कोई आदमी अगर तुमसे किसी तीसरे आदमी की शिकायत करता है तो उसे चुप चाप सुन लो मगर उसकी बात को किसी से मत कहना ,उसकी बात एक कान से सुनो दूसरे से निकाल दो I बहुत सी सच्ची बातें जानने की होती हैं बोलने की नहीं ,करने वाला बच जाता है बोलने वाला फंस जाता है I

Experimental result is the final court of any theoretical hair splitting.

हर बुरे का एक भविष्य और हर अच्छे का एक भूत होता है-

लाख       करीं       चतुराई
बिध के लिखल मेट न जाइ
विध = विधाता ,क़ुदरत को बनाने वाला


बड़ा आदमी वह है जिस से दस आदमी जीयें
जो दूसरों पर किये गए खर्च को नुकसान मानता है वह बड़ा आदमी नहीं
राजा(बड़ा आदमी) का कोई जात नहीं होता

कुत्ता के भोंकने से हाथी अपना रास्ता नहीं बदलता है I

हाथी बैठ भी जाता है तो गदहा से ऊँचा रहता है I

खानदानी(कुलीन) और बेखानदानी(अकुलीन )की पहली पहचान यह है की अकुलीन पैसा होने पर रंग(ब्यवहार) बदल देता है ,क्योंकि दब कपड़ा में ही रंग पकड़ता है.

ज़िन्दगी में अगर बुरा वक़्त नहीं आता तो अपनों में छुपे ग़ैर और ग़ैरों में छुपे अपने पहचाने नहीं जाते

एक पेंड़ के सभी फल और एक जंगल के सारे पेंड़ बराबर नहीं हो सकते

इमली का पेंड़ चाहे जितना ऊँचा हो जाए फल खट्टा ही देगा

बर मरस भा कन्या , बाबा जी के शराद से मतलब बा

सुनें सब की
करें खुद की

खाली पेट और खाली जेब इंसान जो सीख मिलता है वह कहीं नहीं मिलता

Time and Tide wait for no one.
वक़्त और जवार भाटा किसी का इंतज़ार नहीं करते

Human nature is greedy.

अयोग्य और अक्षम में दिखावा बहुत होता है

ایک نسل کی جہالت دوسری نسل کی روایت اور پھر تیسری نسل کا عقیدہ بن جاتی ہے - عربی کہاوت

کسی آدمی کی اہمیت بڑھانی ہو تو یا تو اس کی تعریف کیجیئے یا اُسکی شکایت کیجیئے ، دونوں میں اُسکا فائدہ ہی ہوگا اور اُسکی اہمیت بڑھے گی ۔ بہتر ہے کہ اُس سے دور اور خاموش رہا جاۓ -- شہید بلیرام پرساد

औरतों पर हर वक़्त कम अक़ल का ताना देने वाले मर्द उसकी ज़रा सी अदा पर अपनी सारी अक़ल खो बैठते हैं

ضابطہ مرکز سے محیط اور اوپر سے نیچے کی طرف بہتا ہے
Dicipline flows from center to circumference, from top to bottom.
منبع کی ایک فیصدی کی گڑ بڑی منزِل پر پہنچتے پہنچتے سو فیصد ہو جاتی ہے
An error of 1% at source results in an error of 100% at destination.

Stay hungry ,stay foolish.(Steve Jobs : Founder of Apple-तुम में जानने और करने की चाहत तभी रहेगी जब तुम अपने को भूके रखोगे और बेवक़ूफ़ समझोगे

गज न बाजेंगे और थान बाज़ जायेंगे

अच्छी जोड़ी अच्छी परवरिश,अच्छी परवरिश अच्छी औलाद .

वक़्त के अपनों के लिए जान देना भी कम है, दस्तरखान के अपनों के लिए एक पैसा खर्च करना भी गोइंठा में घी सुखाने जैसा है I
जिसने दोस्त और दुश्मन में पहचान न किया वह मरा गया I

चोट्टा को पहचानते हैं थाने वाले

दुसरे के कंधा पर बंदूक चलाना

دُشمن کو جب بھی گھیرؤ تین طرف سے ،ایک راستہ بھاگنے کا چھوڑ دو
दुश्मन को जब भी घेरो तो तीन तरफ से एक रास्ता भागने के लिए छोड़ दो
सबसे अच्छी जीत वह है जिसमें कम से कम हथियार इस्तेमाल किया गया हो I

मौत भी जल्द आ ग़रीब के घर ,कफ़न का पैसा भी खर्च हो जाता है दवाओं में

جو پوچھتا ہے وہ پانچ منٹ کے لئے بیوقوف بنتا ہے اور جو نہیں پوچھتا ہے وہ ہمیشہ کے لئے
जो पूछता है वह पॉँच मिनट के लिए बेवक़ूफ़ बनता है और जो नहीं पूछता है वह उम्र भर बेवक़ूफ़ रहता ह I
जो पूछता है वही सीखता है I

What a man has done a man can do.
जिसको एक इंसान ने किया है उसको दूसरा इंसान कर सकता है I

مچھلی نکلنے کی اُمید میں سانپوں بھرے تھیلا میں ہاتھ ڈالنے کا نام ہی شادی ہے --
मछली निकलने की उम्मीद में सांपों भरे थैला में हाथ डालना ही शादी करना है
लियोनार्ड दा विंची

اللہ مہربان تو گدھا پہلوان
अल्लाह मेहरबान तो गदहा पहलवान

دُنیا کو لمبے وقت تک بیوقوف نہیں بنایا جاسکتا ہے لیکن مذہب ایک ایسا حلقہ ہے جہاں لوگ پیڑھی در پیڑھی تک بیوقوف بنتے ہیں
दुनिया को लम्बे समय तक मुर्ख नहीं बना सकते ,लेकिन धर्म एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ लोग पीढ़ी दर पीढ़ी तक बेवक़ूफ़ बनते हैं ---अब्राहम लिंकन

سعدی کے گد ہا کو خانہ کعبہ بھی بھیجو تو وه گدھا ہی رہیگا حاجی نہیں ہو سکتا

सादी के गदहा को खाना काबा भी भेजो तो वह गदहा ही रहेगा हाजी नहीं हो सकता

सादी =सादी शीराज़ी ,पैदाइस 1210ईरान

गदहा पर सौ मन किताब लाद दो तो भी वह गदहा ही रहेगा ज्ञानी नहीं होसकता


خطا ء بزرگاں گرفتن خطا است
बड़ों की ग़लती पकड़ना खुद एक ग़लती है

तीन लोगों से कभी माशौरा मत करना

1 बुजदिल से मशौरा मत करना क्योंकि बुजदिल आपको बहादुरी के काम से रोकेगा l
2 बखील और कंजूस से कभी माशौरा मत करना : जिसका दिल छोटा है उस का दिमाग़ भला बड़ा कैसे हो सकता है l
3 हरीस और लालची से मशौर मत करना क्यों कि वह जब भी माशौर देगा अपना फायदा को ध्यान में रख कर मशौरा देगा l

सभी लड़की के माता पिता इसपर विचार करें

लोगों को एक बहु की आवश्यकता होती है, जो घर का काम काज कर सके, परिवार की अच्छे से देखभाल कर सके और समाज में परिवार की मान प्रतिष्ठा को बनाए रखें, न की एक मूर्ति या कागज के फूल की जो सज धज के घर के एक कोने में शोभा बढ़ाती रहे।
इसलिए सभी माता-पिता को चाहिये कि वे अपने लड़की के हित में निम्न छोटे छोटे कदम अवश्य उठाएं ,

* आप चाहे अपनी बेटी से कितना ही प्यार क्यों न करते हो, उसे कितना ही क्यों न मानते हो, उससे घर का काम
काज अवश्य कराएं, ताकि आगे चलकर उसे अपने जीवन में घर का काम काज करने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
* समय-समय पर उसके गलतियों पर उसे डाटते भी रहे, जिससे ससुराल में कोई गलती हो जाए और बड़े बुजुर्ग उसे डांटे, तो वह उसे सह सके। गलती पर डाटने पर उसे गलत न समझे और न ही कोई गलत कदम उठाने की कोशिश करे।
* आपकी जिमेदारी अपनी बेटी को अपनी बेटी ही बनाए रखने की नही है, बल्कि अपनी बेटी को किसी दूसरे घर की अच्छी बहु बनाने की है।
*अगर आपने अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से नहीं निभाई । बेटी में बहू के संस्कार नहीं डाले तो इसकी सज़ा बेटी तो भुगतेगी ही। आप भी इस सजा के भागीदार बनेगें और जिन्दगी भर पछताएंगे।<
br> हर किसी को सुंदर, सुशील, संस्कारी और कामकाजी बहू चाहिए। लेकिन जब हम अपनी बेटियों में ऐसे संस्कार और गुण डालेंगें तभी तो हमे ऐसी अच्छी बहु मिलेग
......... ...... ......... ...... ......... ...... ..... ..... ..... वृद्धाआश्रम में माँ बाप को देखकर सब लोग बेटों को ही भला बुरा कहते है और दोषी मानते हैं, लेकिन ये कैसे भूल जाते हैं कि उन्हें वहां भेजने में किसी की बेटी का भी हाथ होता है। वरना बेटे अपने माँ बाप को शादी के पहले वृद्धाश्रम क्यों नही भेजते ! शादी के बाद ही क्यों भेजते है। यह कभी नहीं सुना गया है की किसी कुंवारे बेटे ने अपने मां बाप को वृद्धाश्रम भेजा हो।

Aurangzeb ka janaza

کسی اسکول ، کالج ،مدرسہ یا فیکٹری کا معیار اسکی پیداوار کی بازار قیمت(market value) سے طے کی جاتی ہے
किसी स्कूल, कॉलेज,मदरसा या फैक्ट्री का स्तर उसकी पैदावार की बाजार मूल्य(market value)से निर्धारित की जाती है l

जस करनी तस भोग रे दाता
नरक जात क्यों पछताता

बदमाश सास अपने बहु के साथ सौतन जैसा ब्यवहार करती है और पोता पोती से प्यार नहीं करती है I

प्रबंधन के चार सूत्र :
शाम दाम अरु दंड विभेदा
रहियन सह सब नृप निकेता

शाम =समझा बुझा कर ;दाम =पैसा और घुस देकर ; अरु = और ;दंड =डरा डंका कर ;विभेदा = फूट डालकर ;सह =साथ ;नृप =राजा ;निकेता =नज़दीक ;

जिस की बात का ठिकाना नहीं उसके बाप का ठिकाना नहीं

दुश्मन से दोस्ती और दोस्त से दुश्मनी बहुत खतरनाक होती है

रघुकुल ऋत सदा चली आइल
प्राण जाय पर बचन ना जाई

रघुकुल ऋत =राजपूतों का रिवाज

The pain in your neck you complain of may be a result of your looking backward.
यादे माज़ी अज़ाब है या रब
छीन ले हाफ़िज़ा मेरा

यादे माज़ी =भूत काल की याद ;अज़ाब= अभिषाप ;
या रब = ऐ ख़ुदा ;हाफ़िज़ा =याद ;

اچّھا نام لینے سے آپ کے اندر اچھائی آئےگی اور بروں کا نام لینے سے برائی آپ کےاندر آئےگی - اسی لئے خُدا کے نام کا ورد کرنے کا حُکم ہے نہ کہ ابلیس کو گالی دینے کا

Don't do :

Criticise,आलोचना न करें -
Complain शिकायत न करें
Cry रोयें मत
Curse सराफें मत

16 से 27 उम्र वालों के लिए सलाह

1 इस समय अपने लक्ष्य पर फोकस करो
2 कुछ भी करो मगर खली हाथ मत बैठो
3 बोलने का तरीक़ा सीखो
4 साफ और अच्छे कपडे पहनो
5 पैसे बचाना शुरू कर दो
6 हर समय किसी के लिए उपस्थित मत रहो
7 स्किल सिखने पर ज़्यदा ध्यान दो
8 नेगेटिव लोगों को मत सुनो
9 गलतियों को मत दुहराओ

मुंडे मुंडे मते भिन्नम--हर इंसान की अपनी अलग सोंच होती है I

One tree can make one lakh matchsticks but one matchstick can burn one lakh trees.
One negative can destroy all positive thoughts and spoil the mood.---दस टन घी में एक बच्चा भी थूक दे तो वह घी किसी काम का नहीं रह जाता है I

Normal life: The pattern followed by majority of humanity is normal life.
संसार की बहुमत जिसे सही कहे वही सही है I

دو چیزیں علم اور فقیری( خدا تک رسالت)دوسرے کے چاہنے سے کسی کو نہیں ملتی جب تک کہ حاصل کرنے والا خود حاصل کرنا نہ چاہے

जो व्यक्ति एकांत में प्रसन्न है ,वो या तो जंगली जानवर है या फिर भगवान् __ अरस्तू

मीठा मीठा गप गप
कड़वा कड़वा थू थू

A son is son till his wife and a daughter is daughter till her life.

पद और डिग्रियां चाहे जितनी हों पर तमीज़ और इंसानियत ना हो तो सब व्यर्थ।
मुंशी प्रेम चंद्र

Responsiblity of all is responsiblity of none.
सब की ज़िम्मेवारी किसी की ज़िम्मेवारी नहीं है

Practice beats intelligence.

رہنما کی عزت اُسکے محل سے نہیں بلکہ اُسکے ایمان سے ہوتی ہے - خامنائی

लोगों को इतना धार्मिक बना दो कि वह अपनी ग़रीबी को किस्मत समझें
सआदत हसन मंटू

"سقراط" کہتا ہے۔ جب میں اپنی ماں کی گود میں تھا، میں نے سوچا کہ کچھ نہیں ہونے والا ہے ...
"شیکسپیئر" کہتا ہے۔ ماں کی گود سے بڑا تکیہ دنیا میں کوئی نہیں۔
"جبران" خلیل جبران کہتے ہیں۔ ماں اس زندگی میں سب کچھ ہے، غم میں سکون، مایوسی میں امید اور کمزوری میں طاقت ہے۔
"جین جیکس" روسو کہتے ہیں۔ اگر میرے ایک ہاتھ میں دنیا اور دوسرے ہاتھ میں میری ماں ہوتی تو میں اپنی ماں کا انتخاب کرتا۔🩷🫀

एक बेटा उसी वक़्त तक बेटा है जब तक उसकी शादी नहीं हुई है और एक बेटी अपने जीवन भर के लिए बेटी रह कर मां बाप को नहीं भूलती है


Animal need is the same for every individual.
हर इंसान की हेवानी ज़रूरत समान(एक जैसी) होती है

आगे चलो न पीछे बल्कि बीच में चलना ठीक रहता है I माध्यम मार्ग बेहतर है I

मदद के पात्र को ही मदद करना चाहिए ,नाकाबिल और दुष्ट को मदद करना गोइंठा में घी सुखाने के बराबर है

कोई दूसरे को धोका नहीं देता बल्कि अपने आप को धोका देता है I

جیسی پرورش ویسی اولاد
जैसी परवरिश वैसी औलाद

بیوقوف اِنسان کی ایک پہچان یہ بھی ہے کہ وہ کسی کی بات کو غور سے نہیں سنتا
बेवकूफ इंसान की एक पहचान यह भी है कि वह किसी की बात को ध्यान से नहीं सुनता

Loss of time is more harmful than loss of money. वक़्त की बर्बादी पैसे की बर्बादी से ज़्यादा हानिकारक है I

असली शैख़ और सखुवा एक होता है , टूट जायेगा झुकेगा नहीं I

मुफ्तखोरी सबसे बड़ा ज़हर है;किसी मनुष्य या राष्ट्र को बर्बाद करना हो तो उसे मुफ़्ख़ोरी की आदत डालवा दो I


The first chapter of any subject is a bit difficult and if understood properly makes the subject very easy.

ठेला हुआ कुत्ता से शिकार नहीं होता है


कुत्ते की दुम को सौ साल तक फोंफी(सीधी पाइप ) में डाल कर रखो निकलने पर वह टेंढ़ी ही रहेगी सीधी नहीं हो सकती


हँस   के बोले नारी
सात कुल बिगाड़ी

हंस के बोले नारी
सात घर उजाड़ी

नैहर की बिगड़ी
कबो ना सुधरी
दुनिया में कैंसर का इलाज है लेकिन चरित्रहीन का इलाज नहीं है, जिसके गले चरित्रहीन पड़ी वह हर स्तर पर बर्बाद हो गया I जबले थकीय सन ना तबले खपीय सन ना

बेशवा में लाज और भगठिन में डर नहीं होता

मां की बिगाड़ी हुई लड़की कभी नहीं सुधरती है I इसी लिए ईरान में लड़की के क़सूर पर उसकी मां को सजा दी जाती है I

जिसकी नानी चरित्रहीन उसकी नतिनी चरित्रहीन , यानि चरित्रहीनता का असर सात कुल तक रहता है

दुनिया का हर आदमी अपने अपने अधिकार के बारे में सोंचता है अगर हर आदमी पहले अपने कर्तब्य के बारे में सोंचना शुरू करदे तो दुनिया स्वर्ग बन जायेगी I दुनिया का हर आदमी अपना अपना दरवाज़ा साफ़ कर ले तो दुनिया साफ हो जायेगी I

रियासत (रईसी ) आते आते आती है और जाते जाते जाती है I अगर किसी के पास आज पैसा हो जाये और रह जाये तो सातवां पुस्त आने के बाद ही रईसी आएगी और आज दौलत ख़त्म हो जाय तो सातवां पुस्त तक बड़कपन रहेगी आठवां पुस्त का बच्चा यह नहीं समझेगा कि कहाँ बैठना है और कहाँ नहीं बैठना है I

اگر دُنیا کے سارے مرد با کردار ہو جائیں تو کوئی عورت چا ه کر بہی بد چلن نہیں ہو سکتی
यदि संसार के सारे पुरुष चरित्रवान हो जाएँ तो कोई स्त्री चाह कर भी चरित्रहीन नहीं हो सकती I

For every effect there is a force of causation .
ہر اثر کے پیچھے ایک قوت سبب ہوتی ہے
हर प्रभाव के पीछे एक क्रियाशील बल होता है

ना नीमन गीत गाएब ,ना दरबार धके जाएब

धन की क्षति कोई क्षति नहीं
स्वस्थ की क्षति थोड़ी क्षति
चरित्र की क्षति सभी चीज़ों की क्षति

اگر تم کو دُشمن بنانا ہو تو ترقّی کرو
अगर तुम को दुश्मन बनाना है तो तरक़्क़ी करो

سیاست جامد نہیں بلکہ حرکت پذیر ہوتی ہے
राजनीति स्थिर नहीं बल्कि गतिशील होती है
Politics is not static ,it is dynamic.

कल करे सो आज कर ,आज करे सो अब
पल में प्रलय होएगी ,बहुरि करेगा कब .......कबीर दस

गुरु गोविन्द दोउ खड़े काको लागूं पांय
बलिहारी गुरु आपनों ,जो गोविन्द दियो बताय


कल करे सो आज कर ,आज करे सो अब
पल में प्रलय होएगी, धरल रह जाइयें सब

कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सब की खैर
ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर

धीरे धीरे रे मना ,धीरे सब कुछ होय
माली सींचे सौ घड़ा ,ऋतू आये फल होय

बुरा देखन को मैं चला ,बुरा न मिलिया कोय
जो दिल खोजा आपना ,मुझ से बुरा न कोय
نگاہِ عیب جوئی سے جو دیکھا اہلِ آدم کو
کوئی کافر کوئی ملحد کوئ زندیق اکبر تھا
مگر دِل احتسابِ نفس پر جِس دم ہوا مائل
ہوا ثابت کہ ہر فرزندِ آدم مُجھ سے بہتر تھا

धीरे धीरे रे मन धीरे सब कुछ होय
माली सींचे सौ घड़ा ऋतू आये फल होय

लाली मेरे लाल की जित देखूं तित लाल
लाली देखन मैं गई मैं भी हो गई लाल

साईं इतना दीजिये ,जा मैं कुटुंब समाय
मैं भी भूखा न रहूं साधू न भूखा जाय

रहिमन धागा प्रेम का ,मत तोरो चटकाय
टूटे पे फिर ना जुरे ,जुरे गांठ परी जाय ....रहीम

जो रहीम उत्तम प्राकिर्त ,का करी सकत कुसंग
चन्दन विष व्यापे नहीं ,लिपटे रहत भुजंग

मन मोटी अरु दूध रस ,इनकी सहज सुभाय
फट जाये तो न मिले ,कोटिन करो उपाय
कोटिन=कितने भी ,मोटी =मोती

जो रहीम ओछो बढ़े ,तो अति ही इतराय
प्यादा से फर्जी भयो ,टेढ़ो टेढ़ो जाय
ओछो =छोटा ;अति =बहुत ;प्यादा =पैदलया ;फ़र्ज़ी =वज़ीर

रहिमन ओछे नरन सो ,बैर भली न प्रीत
काटे चाटे स्वान के ,दोउ भांति विपरीत
ओछे =नीच ;नरन =आदमी ;सो =से ;स्वान =कुत्ता ; दोउ =दोनों
भांति =तरह ;विपरीत =उल्टा ,ख़राब ;

सच्चे बहादुर की तारीफ़ उसके दुश्मन भी करते हैं

जिस तरह पत्थर को सौ साल तक पानी में रखने से भी वह नरम नहीं होता उसी तरह बेवक़ूफ़ को ज्ञान देने से कोई फायदा नहीं होता है

ओछे मनुष्य का साथ छोड़ देना चाहिए , हर हाल में उस से नुकसान ही होता है ; अंगार जब तक गर्म रहता है तब तक शरीर को जलाता है और जब ठंडा हो जाता है तब भी शरीर को काला ही करता है

बारिश के मौसम में मेडक की आवाज़ को सब सुनते हैं कोयल की मधुर आवाज़ और रहीम की शायरी को कौन पूछता

निर्धन होकर भाई बंधुओं के बीच रहना उचित नहीं है इस से अच्छा तो यह है कि वन में जा कर रहें और फलों का भोजन करें

दुःख में सुमिरन सब करे ,सुख में करे न कोय
जो सुख में सुमिरन करे,तो दुःख काहे को होय
सुमिरन =खुदा की याद ;

रहिमन देखि बड़ेन को ,लघु न दीजिये डारी
जहाँ काम आवे सुई ,कहा करे तरवारि
डारी =भगा दो ;कहा =क्या ; तरवरि =तलवार;लघु=छोटा ;

बाप मां जनम का साथी होता है करम का नहीं ,करम तो खुद करना पड़ता है और बनाना पड़ता है

भूतहस देवता के लतहस पूजा

जो भैंस बीच खेत में चर ले वह पगहा बर्दास्त नहीं करती

औलाद और सगे अपनों का क़ातिल (हत्यारा )वक़्त से पहले पागल होकर मरता है

किसी को कितना भी पढ़ाइए ,सिखाइये और ट्रेनिंग दीजिये फिर भी आखरी काम उसकी अपनी बुद्धि आती है

ना गूह पर ढेला फेंकब ना छिंटकी पड़ी (जहाँ तक हो सके दुष्ट से उलझना ठीक नहीं है उस से दुरी बनाकर रखने में ही भला है )

बनिया की पूंजी उसकी जुबान है
चोर बोले ज़ोर : नाजायज़ पर रहने वाला बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्लाता है

कुत्तों में रिश्तेदारी क़सम है ,मोहल्ला बदला कि मार हो जाता है
कुत्ता एक ऐसा जानवर है जो सब को बर्दास्त कर लेगा लेकिन अपने जात को बर्दाश्त नहीं कर सकता है


बड़े आदमी का साथ न रोज़ रोज़ लगता है न रोज़ रोज़ छूटता है
बड़े नसल की चिड़ियायें जैसे कबूतर ,पंडुक ,हंस सुर्खाब इत्यादि जीवन भर के लिए जोड़ा बनाती हैं और छोटे नस्ल जैसे सरगट ,मैनी हर साल अपना जोड़ा बदल देती हैं I

आवत ही हरषै नहीं नैनं नहीं सनेह
तुलसी तहां न जाइये कंचन बरसे मेह

जिस स्थान या जिस घर में आप के जाने से लोग खुश नहीं होते हों और उन लोगों की आँखों में आप के लिए न तो प्रेम और न ही स्नेह हो ,वहां हमें कभी नहीं जाना चाहिए ,चाहे वहां धन की ही वर्षा क्यों न होती हो I

बेवकूफों की 4 निशानियाँ

1: बेवक़ूफ़ इंसान दूसरों का काम करते करते अपना खुद का पूरा टाइम बर्बाद कर देते हैं I
2 :बेवक़ूफ़ इंसान हमेशा सोंचता है कि ,यह करूँगा ,वह करूँगा लेकिन करता कुछ नहीं है I
3 :बेवक़ूफ़ इंसान किसी के ऊपर भी तुरंत बिश्वास कर लेता है I
4 :बेवक़ूफ़ इंसान पूरा ज़िन्दगी खाने और पीने में बर्बाद कर देते है I

बुद्धिमान की 8 निशानियाँ

1:वे कम बातें करते हैं ,वे घर वालों से भी कम बातें करते हैं क्योंकि उनका दिमाग़ हर वक़्त किसी ना किसी चीज़ पर चल रहा होता है जिसकी वजह से वे सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर ही बोलते हैं I
2: नए दोस्त बनाने या किसी भी काम को सोच समझ कर करते हैं ,किसी दूसरे की सुनकर काम नहीं करते बल्कि खुद अच्छी तरह से समझ लेने के बाद ही किसी काम की शुरुआत करते हैं I
3: वह अकेले रहना पसंद करते हैं ,वह बेवजह दूसरों के साथ रहना पसंद नहीं करते और वह बहुत ही कम दोस्त बनाते हैं लेकिन जो भी इनके दोस्त होते हैं उनका ये जीवन भर साथ देते हैं ये लोग अंदर से काफी दयालु होते हैं I
4:बुद्धिमान ब्यक्ति खुद से अधिक बातें करते हैं और बहुत अधिक सोचते हैं ,ऐसे लोग भीड़ वाली जगह और लड़ाई झगड़े से दूर रहना पसंद करते हैं और फालतू में किसी से बहस करके अपना एनर्जी वेस्ट नहीं करते I
5:वे ख़राब से ख़राब हालात में भी पॉजिटिव रहते हैं ,वे कभी समस्या के बारे में नहीं सोचते बल्कि समस्या को दूर करने के बारे में सोचते हैं ; बुद्धिमान ब्यक्ति के आगे आप चुगली करेंगे तो उनका जवाब यह होगा कि रहने दो उनकी लाइफ है उन्हें अपने हिसाब से जीने दो I
6:हर बुद्धिमान को शुरुआत में यह लगता है कि मैं सब का भला चाहता हूँ लेकिन मुझे कोई नहीं समझता ,ऐसा इस लिए होता है क्योंकि बुद्धिमान ब्यक्ति यह सोचता है कि दुनिया की सोच भी उसकी तरह बन जाय ,लेकिन लोगों की छोटी सोंच की वजह से शुरुआत में सभी लोग बुद्धिमान ब्यक्ति को ग़लत समझते हैं I
7:बुद्धिमान ब्यक्ति बहुत ज़ियादा इमोशनल होते हैं ,ये छोटी छोटी चीज़ों को गहराई से फील करते हैं . ऐसे लोग किसी नए ब्यक्ति पर आसानी से यक़ीन भी नहीं करते लेकिन 1 बार किसी पर यक़ीन कर लेते हैं तो वो यक़ीन लम्बे समय तक बना रहता है I
8:बुद्धिमान लोग अपने काम में सुधार (improvement) करते रहते हैं ,क्योंकि यह अपने काम को हमेशा बेहतर से बेहतर तरीक़े से करने की कोशिश करते हैं और हमेशा दूसरों से सीखते रहते हैं I

Improvement is a continuous process.सुधार एक अविरल प्रक्रिया(मुसलसल अमल)है I

कम चीजों के साथ जीवन जीना सबसे बड़ी दौलत है - प्लेटू

Like spring the begining of every thing is very small.
झरने की तरह हर चीज़ का आग़ाज़ (आरम्भ )बहुत छोटा होता है I
جھرنے کی طرح ہر چیز کی شروعات چھوٹی ھوتی ہے

चार क़दम चोर से,14 क़दम लतखोर से और 74 क़दम चुगलखोर से दूर रहना चहिए -- रूमी

तजरबा इंसान को ग़लत फैसले से बचाता है

जिसकी बनरी वह नचाये दूसर नचाये काटे धावे

डॉक्टर तुम्हें सेहतमंद नहीं बना सकता
कोई फिटनेस ट्रेनर तुम्हें पतला नहीं कर सकता
कोई टीचर तुम्हें इंटेलीजेंट नहीं बना सकता
कोई गुरु तुम्हें कामयाबी नहीं दिला सकता
कोई भी अमीर तुम्हें अमीर नहीं बना सकता
कोई कोच तुम्हारी बॉडी नहीं बना सकता
सब सलाह दे सकते हैं,मेहनत ख़ुद करनी होगी
रतन टाटा

अपने रिश्ते, कमाई और अपने घर को जितना छुपाकर रखो उतना अच्छा है l

आमला का खाया और बुजुर्गों का कहा बाद में पता चलता है l लिवर के लिए आंवला सबसे बड़ी दवा है

रात का बनिया सुबह का सेठ

5000 का कोट पहनने से अच्छा है कि 1000 का कोट पहनो और 4000 जेब में रखो ताकि वक़्त पर काम आये सपने हमेश बड़े रखो

Gussaile insan 1: woh pure aur genuine heart rakhte hain, zyada jazbati hote hain aur yahi sachchai unhen gussa dilati hai. 2: woh kisi bhi relation ko zyada passionate ho kar nibhate hain . 3: jab unhen kisi se nafrat ho jaye to woh use apni zindagi se permanently nikal dete hain.

एक अच्छा स्कूल मास्टर सौ पुजारियों से अधिक उपयोगी होता है l थामस पेन

एक चोर में सौ राजा की बुद्धि होती है

धोती खोल कर पगड़ी बंधना

दोस्त से दुश्मनी और दुश्मन से दोस्ती नहीं करनी चहिए। हो सकता है कि तुम्हारी जान का दुश्मन तुम्हारा दोस्त हो जाए लेकिन तुम्हारी इज़्ज़त का दुश्मन कभी भी तुम्हारा दोस्त नहीं हो सकता l जायज़ में तो दुनिया साथ देती है जो नाजायज में साथ दे वही पक्का दोस्त है l यह सबक दुर्योधन के मित्र करण से सीखो l अपनों की पहचान संकट की घड़ी में ही होती है l

राजा के दरबार में खाली हाथ नहीं जाना चहिए( कुछ न कुछ तोहफा या संदेश जरूर ले जाना चहिए)

कमीने आदमी की दौलत हमेशा उसकी इज़्ज़त पर भारी पड़ती है l

समय का नाजायज शोभता है मगर कुसमय का जायज़ नहीं शोभता

Always play a big game.उद्देश्य बड़ा और सोंच ऊँची होनी चाहिए I
ہمیشہ بڑا کھیل کھیلو
बड़े लोगों की नज़र हमेशा बड़े उद्देश्य पर होती है और छोटे लोग हमेशा छोटी छोटी बातों में उलझे रहते हैं I

बाप का रुतबा

औरतों की बर्बादी के 7 कारण

1 अपने मैके वालों के रिमोट से चलना
2 मैके का सब से ज़्यादा मोह रखना
3 किसी ग़ैर औरतों का सलाह लेना
4 परिवार में ससुराल वालों को ना पसंद करना
5 पति के लिए कम और गैरों के लिए ज़्यादा मुस्कुराना
6 किसी की सुनी सुनाई बातों पर भरोसा करके पति से झगड़ना
7 मैके में पति की बुराई करना
8 पति को दो चार लोगों के सामने अपशब्द बोलना

जिंदगी के 5 कड़वे सच

1 आप कभी किसी को संतुष्ट नहीं कर पाओगे
2 आप की जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी
3 दूसरों के लिए कितना भी झेलो कोई तुम्हारा क़दर नहीं करेगा
4 आप चाह कर भी किसी की जिंदगी नहीं बदल सकते, क्योंकि उसको उसके कर्मों का फल मिल रहा है
5 इज्जत और लठ दोनों साथ साथ तैयार रखो, जो जिस लायक हो उसे वही दे देना चहिए। इस लिए चिंता छोड़ो और अपने लिए थोड़ा जी लो

दुनिया का सबसे खूबसूरत पौधा बिस्वास का होता है इसे कभी टूटने मत देना क्योंकि यह जमीनों पर नहीं बल्कि दिल में उगता है l

दुनिया में दो प्रकार के लोग होते हैं
पहला वह जो इज़्ज़त के लिए पैसा लुटा देते हैं , दूसरे वे जो पैसा के लिए इज़्ज़त बेच देते हैं

Self help is the best help

Bada bada ka hi sath deta hai

भिख्मन्गे की दौलत दौलत के लिए होती है इज़्ज़त के लिए नहीं

भाग्य से अधिक मेहनत में बिश्वास करो , मेहनत और अनुशासन ही भाग्य को बनाते हैं I
قِسمت سے زیادہ محنت میں یقین کرو - محنت آور تہذیب ہی قِسمت کو بناتے ھیں

बुरा आदमी की बुराई का जिक्र बार बार करने से उसकी बुराई अपने अंदर भी चली आती है I इस लिए अच्छों का नाम लो और अच्छी बातें किया करो I

किसी की अहमियत बढ़ानी हो तो या तो उसकी तारीफ करो या उसको गाली दो I बार बार नाम लेने से वह आदमी मशहूर हो जाता है l शहीद बलिराम प्रसाद (cpi) पश्चिमी चंपारण बिहार

جوش اور ہوش کو متوازن کرنے سے انسانیت کی تعمیر ہوتی ہے
जोश और होश को संतुलित करने से मानवता की संरचना होती है I

होश की शादी टिकती है जोश की शादी(runaway marriage) टूट जाती है I
ہوس کی شادی ٹکتی ہے جوش کی شادی ٹوٹ جاتی ہے

زندگی سے زندگی ہے
بڑا درخت چھوٹے پو دها کو بڑھنے نہیں دیتا
ہر مضبوط کمزور کو مار کر کہا جاتا ہے
بڑی مچھلی چھوٹی مچھلی کو کہا
جاتی ہے
یہی سرمایاداری نظام کی بنیاد ہے
سب کو روزی ،عزت اور کام کے برابر مواقع ملیں یہی اشتراکیت کی بنیاد ہے -
مذہب کے نام پر کمزور کے استحصال کی مخالفت کرتا ہے
जीवो जीवस्य भोजनम
जीव ही जीव का भोजन है
हर मज़बूत कमज़ोर को मार कर खा जाता है
बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है
बड़ा बृक्ष छोटे बृक्ष को बढ़ने नहीं देता
पूंजीवाद समाजवाद को खा जाता है
Survival for fittest.
वही ज़िंदा बचेगा जो सबसे दुरुस्त होगा --डार्विन Keep yourself fit.

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती I

Offence is the best defence.جارحیت سب سے بڑی مدافعت ہے

مر گیا مردود ، فاتحہ نہ درود

There is no God to an empty stomach.खली पेट इंसान के पास कोई ख़ुदा नहीं होता है

There can not be union of prostitutes.बेश्वाओं का संगठ नहीं हो सकता Margret Alva

जब किसी आदमी में लोक लाज ख़त्म हो जाय और वह कहने लगे कि कोई कह कर क्या करेगा तो उसके लिए सब कुछ मुमकिन हो जाता है ,उसमें सुधार की सारी उमीदें खत्म हो जाती हैं I

18 से 25 साल के बीच की उम्र ऐसी उम्र होती है जिसमें तुम अपने भविष्य को बना सकते हो या बिगाड़ सकते हो
दुनिया में पैसा उतना ही ज़रूरी है जितना दौड़ने के लिए पैरों की ज़रूरत होती है

तवायफ़ सुधर सकती है लेकिन बदचलन नहीं I चरित्रहीन का साथ काजल की कोठरी है दाग़ लगना यक़ीनी है I

तवायफ़ से आज तक कोई नहीं जीता है इसलिए उस से अलग रहने में ही भला है

ओरिया चोर और पड़ोसिआ छिनार नहीं पकड़े जाते

ओरिया =जिसकी ओरी एक साथ मिलता हो यानी क़रीबी पड़ोसी

जो भैंस बीच खेत में चरी हो वह पगहा (रस्सी ) बर्दास्त नहीं करती

दुनिया का सबसे ज़हरीला जानवर मनुष्य है ,जो इस के ज़हर को नहीं पहचाना वह मारा जाता है

किसी सरकार व्यवस्था और संस्था के लिए सबसे खतरनाक वक़्त वह होता है जब वह अपने आप में सुधार लाने की कोशिश करते हैं I

हाथी से हाथी फंसता है यानि किसी को मारने के लिए उसके जात का सहारा लेना पड़ता है
कुल्हाड़ी उस वक़्त तक किसी पेड़ को नहीं काट सकती जब तक कि वह लकड़ी के ही बेंट का सहारा न ले

एक दिलफेंक का उपदेष (जीवन के अंतिम समय में ,नाम : मोजम्मिल खान,डाल्टेनगंज -झारखण्ड ,इनके मुताबिक इनके उस्ताद ने ये बातें बताई थीं I बेहतर है कि इस काम से दूर रहा जाय ,इस काम को करने वाले को समाज,घर ,औलाद और खुदा सब से हाथ धोना पड़ता है I बिना मन्त्र जाने इस काम को करना काला नाग के बिल में हाथ डालने जैसा है , और मृत्यु निश्चित है I)

मन्त्र:

1: अपने बाल बच्चे ही अपने हैं, I पैसा ख़त्म होने पर सबसे पहले पराई नारी साथ छोड़ती है I तुम्हारे बाल बच्चे ही तुम्हारा काम आएंगे I
2: किसी के साथ गलती हो ही जाय तो उसको अपना मत समझना क्योंकि जो अपनी इज़्ज़त की नहीं हुई वह तुम्हारी नहीं होगी I
3:मिठाई खाओ ,चाय पियो पैसा दो ,चलते बनो ,कप और ठोंगा को जेब में लेकर मत घूमना
4: समाजी के साथ प्रेम का ब्यवहार रखना ,
5:करप्ट शब्द मॉडर्न सोसाइटी में लिबरल और एडवांस्ड शब्द से प्रतिस्थापित हो गया है ,करप्ट शब्द का उपयोग कभी मत करना
(नोट :इनकी सभी बातें मानने योग्य नहीं हैं फिर भी कुछ बातें अटूट सत्य हैं)

बृद्ध बेश्वा तपश्विनी
बूढ़ी तवायफ इबादत करती है I

अति भक्ति चोर लक्षणम
ज़्यादा भक्ति दिखाने वाले से सतर्क रहना चाहिए वह धोका देने के लिए ही भक्ति दिखाता है ,हर बात में हाँ में हाँ मिलता है और मौका मिलते ही धोका दे देता है I

पैखाना का कीड़ा घी में रखने पर वह 5 मिनट में मर जाता है I

किसी की अहमियत बढ़ानी हो तो या तो उसकी तारीफ करो या उसको गाली दो I बार बार नाम लेने से वह आदमी मशहूर हो जाता है l
शहीद बलिराम प्रसाद (cpi) पश्चिमी चंपारण बिहार

जब तक आप किसी के काम आओगे आपको खूब पहचाना जाएगा I याद रहे दिया जलाने के बाद माचिस की तिल्ली फेंक दी जाती है I
यह दुनिया किसी की सगीनहीं होती है गर्मी आने पर सूरज को बुरा बोलते हैं और ठंड आने पर हवा को
दिल ही है जो बिना रुके लगातार जीवन भर चलते रहता है इसलिए इसे खुश रखो चाहे अपना हो या ग़ैरों का

सामने की गई तारीफ ज़हर से भी ज़्यादा घातक होती है I

चोर अँजोर बर्दास्त नहीं करता

चिड़िया (पर वाज़ करने वाले )अपने मां बाप के घोंसले में अपना अंडा बच्चा नहीं देती ,वह अपना अलग घोंसला बनाती है

First deserve then desire.

वास्तव में महान बनने के लिए हमें लोगों के साथ खड़ा होना पड़ता है, उनके के ऊपर नहीं
मोंटेस्कियू

حالات کے ساتھ تخیلات بھی بدل جاتے ہیں
When circumstances change so does our mind.

मौन जीवन के अनेक कष्टों से सीखा गया सबक है --लुसियस सेनेका

जल्दी का फायदा बहुत नुक़सानदेह साबित होता है I

मतलबी दोस्त जरूरत के वक्त एक दूसरे के काम नहीं आते दोनों की दोस्ती अपने अपने स्वार्थ के लिए होती है l कुरबानी और त्याग की बुनियाद पर की गई दोस्ती ही टिकती और एक दूसरे के काम आती है I
जिस घर में पुराना नौकर और पुराने दोस्त हों समझो कि वह बड़ेआदमी का घर है I

جب تعلیم کا مقصد نوکری کا حصول ہو تو سماج میں صرف نوکر ہی پیدا ہوتے ہیں رہنما نہیں
(سعادت حسن منٹو )

Behaviour is always greater than knowledge.Because in life there are many situations where knowledge fails but behaviour can still handle.

चूल्हा बंटने से दिल बंट जाता है

Passion and burning desire make a man reach the desired height.

धर्म मानव रूपी मगरमच्छों का बेहतरीन सागर है I Munsi Prem Chandra

धर्म बहुत बड़ी चीज है लेकिन इस में सब कुछ नहीं है, फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के लिए हम को धर्म शास्त्र नहीं बल्कि साइंस की किताबों को पढ़ना पड़ेगा I हम धर्म की पुस्तक पढ़ कर विज्ञान की परीक्षा नहीं दे सकते I

मेहनत से हासिल की हुई चीज की अहमियत होती है l मुफ़्तखोरी से ख़ुद को बचो और दूसरे को भी बचाओ I

मौसम और इन्सान कब बदल जाए इसका कोइ भरोसा नहीं I

समुन्दर में कभी बाढ़ नहीं आता ,उसी प्रकार खानदानी (कुलीन )ब्यक्ति के पास पैसा बढ़ने या घटने से उस के ब्यवहार पर अंतर नहीं पड़ता है I परन्तु अकुलीन के पास पैसा होने पर वह तुरंत वी आई पी (VIP) बन जाता है और अपनों को छोड़ देता है और बड़े लोगों से दोस्ती करने में गर्व महसूस करता है I

खानदानी बड़ा आदमी वह है जो पहचान में न आ सके I पहुंचे हुए फ़क़ीर और महात्मा अपनी पहचान छुपा कर रखते हैं I

Success is not permanant and failure is not final.Never stop working after success and never stop trying after failure. सफलता स्थाई नहीं होती और असफलता अंतिम नहीं होती ,सफलता के बाद काम करना छोड़ें नहीं और असफलता के बाद कोशिश करना न छोड़ें

दुश्मन को जब भी घेरो तो तीन तरफ से ,एक रास्ता भागने के लीये ज़रूर छोड़ देना चहिये
सब से अच्छी जीत वही है जिस में सब से कम ताक़त का इस्तेमाल किया गया हो

बिश्वास नहीं करना कौवा से सीखो

जिसका दिमाग गंदा होता है वह अपने चारों तरफ गंदगी बर्दास्त करता है

बेवकूफ आदमी की एक पहचान यह भी है कि वह अपने से अकलमंद किसी को समझता ही नहीं है
بیوقوف آدمی کی ایک پہچان یہ بھی ہے کہ وہ اپنے سے عقلمند کسی کو سمجھتا ہی نہیں ہے

किसी ने कहा है कि अपनी छुरी से दुश्मन को मत मारो बल्कि हालात ऐसा पैदा कर दो कि वह अपनी छुरी से अपने आप को मार ले I

مرد ایک بکرا ہے ، اگر عورت اُس پر نظر نہیں رکھے گی تو وہ دوسرے کا کھیت چر جائیگا ۔ عورت ایک کھیت ہے ،اگر مرد اپنے کھیت کا خیال نہیں رکھے گا تو دوسرے کا بکرا اُسکا کھیت چر جائیگا
A man is a goat , if a woman doesn't take care of him he will eat other people's farm and a woman is like a farm ,if a man doesn't protect her she will be eaten by other people's goat. In short life is an agriculture.

اگر کسی کو معاشی طور پر کمزور کرنا ہو تو اسے مذہبی افیم کا عادی بنا دو

अगर किसी को आर्थिक तौर पर कमज़ोर करना हो तो उसे धार्मिक अफीम का अभ्यस्त बना दो

مددگار وفادار اور دِل کے صاف ہمیشہ پریشان رہتے ہیں
मददगार ,वफादार और दिल के साफ हमेशा परीशान रहते हैं

बड़े लोग फलदार दरख्तों की तरह हमेशा झुक कर रहते हैं

نو ہاتھ ہاتھی سے بھاگو نبّے ہاتھ متوالا
نو سو کوس اُس سے بھاگو جو جات کا ہے پہنٹوالا
नौ हाथ हाथी से भागो नब्बे हाथ मतवाला
नौ सौ कोस उस से भागो जो जात का है फेंटवाला

अगर तैरना सीखना हो तो पानी में उतरना ही पड़ता है l
किनारे पर बैठ कर कोइ गोताखोर नहीं बन जाता l

जीवन न अतीत में है न भविष्य में, जीवन इसी क्षण में है l
زِندگی نہ ماضی میں ہے نہ مستقبل میں بلکہ زِندگی اسی لمحہ میں ہے

मतवाला=पागल

بد بھلا بد نام برا
बद भला बदनाम बुरा

لبنی میں دودھ بھی لیکر چلا جاۓ تو دُنیا اُسے تاڑی ہی سمجہے گی
लभनी में दूध भी लेकर चलिएगा तो दुनिया उसे ताड़ी ही समझेगी I

بڑے بڑے منصوبوں کو حاصل کرنے کے لئے چھوٹے چھوٹے مسائل کو نظر انداز کرنا پڑتا ہے
कुछ बड़ा हासिल करने के लिए छोटे छोटे मसाएल को को नज़रअंदाज़ करना पड़ता है

زہریلا اور خونخوار جانور ہمیشہ چھُپ کر رہتے ہیں
ज़हरीला और ख़ूनख़ार जानवर हमेशा छुप कर रहते हैं

सुनहु भरत भाभी प्रबलः बिलखी कहे मुनीनाथ
हानि,लाभ, जीवन, मरण, यश अपयश विधि हाथ
Lost health, lost wealth and lost honour may be recovered but lost time is a past recovery.

کسی کا ایک کپ چاہے پینا آسان اور اس کو یاد رکہنا مشکل ہوتاہے
किसी की एक कप चाय पीना आसान है लेकिन उसे याद रखना मुश्किल होता है I

وقت دماغی اور جسمانی سبھی زخموں کو بھر دیتا ہے
"Time heals all wounds both mental and physical.

जिसे अपने भविष्य से डर नहीं लगता वह कभी भी कामयाब नहीं होता फेल (असफल) होने और बर्बाद होने के दो कारण हैं :
1: अनुशाशन और वक़्त की पाबंदी का नहीं होना
2: मोबाइल पर ज़्यादा वक़्त बिताना
3:लाल पीला का चक्कर

Every war is won before it is faught
۔ ہر جنگ لڑنے سے پہلے جیتی ہوئی رہتی ہے

ایک طوائف کی بیٹی بھی اپنی ماں کے پیشہ میں جانا نہیں چاہتی ، یہ شریف اور رئیس لوگ ہیں جو اُسے گھسیٹ کر اپنا حوس کا شکار بناتے ہیں - یہ وہی نام نہاد شریف لوگ ہیں جو اپنی ہی اولاد کو اپنے سامنے نچاتے ہیں طوائف نے آ تم کتھا لکھنے کی کیا سونچی
شہر کے سارے شریفوں نے خود کشي کر لی

ग़रीब अक़ल का ग़रीब होता है पैसा का नहीं , जिस दिन उसको अक़ल हो जायेगा वह ग़रीब नहीं रहेगा I

रज़ील (नीच) के लिये जो कुछ है पैसा ही है , और शरीफ के लिये पैसा सब कुछ नहीं है I

पैसा बहुत बड़ी ताक़त होती है

ले दही और दे दही में बहुत फ़रक़ पड़ जाता है I

Two principles for a happy life:-
1: Use things not people.
2: Love people not things.

The statement of Gandhi ji published in Harijan in 1947
میں انڈیا میں کانگریس گورنمنٹ بنی - گاندھی جی نے اپنے وزیروں کو مشورہ دیتے ہوئے کہا : " میں رام چندر آور
کرشن جی کا حوالہ نہیں دے سکتا کیوں کہ وہ تاریخی ہستیاں نہیں تھیں - میں مجبور ھوں کہ سادگی کی مثال کے لئے ابو بکر اور عمر کے نام پیش کرتا ھوں - وہ بہت بڑی سلطنت کے حاکم تھے - پر انہوں نے فقیروں والی زندگی گزاری - : ہریجن 27-07-1947

one sentence relevent for both happiness and sorrow.

Aurangzeb ka insaf

چانکیہ نیتی


دوست


1 پیچھے پیچھے برائی کر کام بگاڑنے والااور سامنے میٹھی لہجہ میں بات کرنے والے دوست کو ضرور چھوڑ دینا چاہئے - ایسا دوست اُس گھڑا جیسا ہے جو پورا زہر سے بھرا ھو اور اوپر سے تھوڑا دودھ ڈال دیا گیا ہو -
۲ خراب دوست پر کبھی بھی یقین نہ کریں کیوں کہ وہ ناراض ہونے پر آپ کا سارا پول کھول دیگا
۳ دوستی ہمیشہ برابر والے سے ہی شوبھا دیتی ھے
۴ امیر کے پاس بہت سے دوست ھوتے ھیں - اُس کے سارے دوست اپنا کام نکالتے ھیں آور اسے بیوقوف بناتے ھیں - امیر اسے اپنا فخر مانتا ہے -
۵ مصیبت کے وقت ، بیماری، تکلیف ، قحط ،دشمن کا حملہ ، راجہ کے دربار ، اور جنازہ کے وقت ہی دوست کی پہچان ہوتی ہے
۶ خود غرضی کی سطح پر کی گئی دو ستی دشمنی میں بدل جایا کرتی ہے -
۷ پانچ سال تک بیٹا کو پیار دیں سولہ سال تک کّڑآئی اور پڑھائی اُسکے بعد اُسکے ساتھ بھائی کا سلوک کریں

خاندان


۱ -- جسکی بیوی بدمعاش , دوست دھوکہ باز ، جواب دینے والا نوکر ہو ، جس خاندان میں سانپ رہتا ہو - وہاں موت یقینی ہے
۲-- جسکا بیٹا بس میں ہو ، بیٹا ،فرما بردار ہو ،جو حاصل دولت سے تصففی کر لیتا ہو اُس خاندان میں ہی جنت کی خوشی ملٹی ھے -

مذہبی


گندا کپڑا پہننے والا ، گندا دانت رکھنے والا ،بہت زیادہ کھانے والا ،تیکھی بات بولنے والا اور آفتاب نکلتے وقت سونے والا ، چا ہے وہ وشنو بھگوان ہی کیوں نہ ہوں لکشمی( دولت کی دیوی) چھوڑ دیتی ھے

عورت


۱ -- خاندانی لڑکی اگر بدصورت بھی ہو تو اُس سے شادی کر نا بہتر ہے - بے خاندانی خوبصورت لڑکی سے شادی کبھی بھی نہیں کرنی چاہیے - اپنے برابری کے خاندان میں شادی کرنا مناسب رہتا ہے-
۲-- راجا ، استاد ، دوست کی بیوی اور ساس ماں کے مطابق ہوتی ھیں ،ان سے ناجائز رشتہِ رکھنے والا عظیم گنہگار ہوتا ہے --
۳ -- جو عورت اپنے شوھر کے حکم کے خلاف روزہ رکھتی ہے وہ اپنے شوہر کی عمر کم کرتی ھے اور بل آخر دوزخ میں جاتی ہے --
۴-- عورت نہ تو خیرات سے ،نہ سیکڑوں روزہ سے ، نہ کبھی زیارت سے پاک ہوتی ہے ،وہ صرف شوہر کے پاؤں کے دھو ون پینے سے پاک ہو تو ،لالچ ،ناپاکی اور بے رحمی یہ عورتوں کی عام خرابی مانی جاتی ھیں
۶-- پڑھا سے پڑھا آدمی بھی عورت کے سامنے لاچار ہو جاتا ہے
۷-- عورت کتنا ہی بوڑھی کیوں نہ ہو جائے وہ اپنے کو جوان ہی سمجھتی ہے - وہ ہمیشہ جوان ہی بنے رہنے کی کوشش کرتی ہے
۸ -- دنیا کے اکثر گناہ ،دل دہلانے والے واقعات،جنگ وغیرہ عورتوں کے سبب ہوئے ھیں - اسی وجہ سے نیک لوگ عورتوں سے دور رہتے ھیں -
۹-- اچھی بیوی شوہر کے لئے صبح میں ماں ، دوپہر مین بہن ،اور رات میں طوائف جیسا سلوک کرتی ہے --
۱۰-- گھر کے سارے جھگڑوں کی جڑ عورت ہے
۱۱-- جو غیر عورت کو ماں جیسا ،دوسرے کی دولت کو مٹی جیسی ،سبھی چیزوں کو روح جیسا سمجھتا ہے وہی آدمی پنڈت یا عالم کہلاتا ہے

کام کی باتیں


۱-- مصیبت کے وقت کے لئے دولت بچانا ضروری ہے - کبھی بھی کسی بھی وقت اچھے سے اچھے آدمی پر مصیبت آ سکتی ہے - دولت(لکشمي) چنچل ہے - جمع دولت بھی چلی جاتی ہے -
۲-- جس ملک مین عزت نہ ہو ، روزی نہ ہو،بھائی بندھو نہ ہوں ، علم حاصل کرنے کے ذرائع نہ ہوں ، وہاں بالکل نہین رھنا چاہیے - ایسی جگہ رہنے لائق نہیں ہے
۳-- جہاں امیر آدمی ،ڈر ،لاج شرم ،عالم( वेद पाठी)، براہمن ،راجا ،ندی اور حکیم( ڈاکٹر )یہ پانچ وسائل نہ ہوں وہاں نہیں رہنا چاہیے ۔
۴-- جہاں امیر آدمی ،خوف ،لاج شرم ،عقلمندی اور قربانی یہ پانچ طرح کے جذبات نہ ھوں وھاں کے لوگوں سے کسی بھی طرح کی دوستی نہیں کرنی چاہیے
۵-- زہر سے بھی آبِ حیات ،ناپاک جگہ سے بھی سونا،نیچ لوگوں سے بھی علم ،آور خراب خاندان سے بھی شریف بیوی کو لے لینا چاہئے
۶-- بیوقوف سے دور رہنا مناسب ھے
۷-- کسی جگہ پرو دنگا ہو جانے پر ،کسی کے اچانک حمله کردینے پر ،بہت بڑا قحط پڑ جانے پر ،غلط آدمی کا ساتھ ہو جانے پر ،جو بھاگ نکلا وہی جیتا
۸-- دولت کی بربادی کا ،من کے تصفّیٖ کا ،عورت کے کردار کا ،چھوٹے لوگوں کی بات کا اور اپنی بےعزتی کی بات کسی سے ظاہر مت کرو
۹-- دولت اور گلہ کی لین دین میں ،علم حاصل کرنے مین ،کھانے اور سلوک کرنے مین جو آدمی شرم نہیں کرتا ھے ،وہی خوش رہتا ہے
۱۰-- اپنی بیوی ،غذا اور دولت ان تینوں پر صبر کرنا چاہیے
۱۱-- بہت زیادہ سیدھا رہنا بھی ٹھیک نہیں ہے - جنگل مین جاکر دیکھو , سیدھے درخت ہی کا ٹے جاتے ہیں - ( گننا اور سرسوں نرم ہوتے ہیں تو دنیا انہیں ہولہو میں ڈال کر پیر کر پی جاتی ہے اور پتھر کڑا ہوتا ہے تو اُسے تراس کر بھگوان بناکر پوجا کرتی ہے )-
۱۲-- تیل لگانے کے بعد ،چیتا کا دھو اں لگنے کے بعد ،ہمبستری کے بعد، بل بنانے کے بعد انسان تب تک ناپاک رہتا ہے جب تک وہ غسل نہیں کر لیتا -
۱۳-- سب دواؤں مین گیلوئے اہم ہے - سب لذت میں کھانا اہم ھے ،سب اضائے حس مین آنکھ اہم ہے، سارے اجزا مین سر اہم ہے
۱۴-- بنا سوچے سمجھے خرچ کرنے والا ، یتیم ،جھگڑا کرنے والا ،اور سب ذات کی عورتوں کے ساتھ جنسی رشتہِ بنانے کے لیے بے چین انسان جلد مر جاتا ہے
۱۵-- جو آدمی آنے والے وقت کا سامنا کرنے کے لئے پہلے سے تیاری کر لیتا ہے، دُکھ اور مصیبت آنے پر جو فوراً اپائے کھوج لیتا ہے - وہ سدا خوشی سے آگے بڑھتا ہے - یہ سوچنے والا کہ جو قسمت مین لکھا ہے جلد ہی سکست اور مایوسی کا شکار ہو جاتا ہے
۱۶--بین پڑھی کتاب کا علم ،اور اپنی کمائی دولت دوسرے کے ہاتھ مین دینے پر وقت پڑنے پر نہ علم کام آتا ہے نہ پیسہv ۱۷--ناجائز طریقے سے پیدا کی گئی دولت دس سال تک ٹھہرتی ہے ، گیارہویں سال میں دولت اصل کے ساتھ برباد ہو جاتی ہے
۱۸--ایک لفظ کا بھی علم اگر استاد ساگرد کو دے دیتا ہے تو شاگرد کسی بھی قیمت پری استاد کا قرض ادا نہیں کر سکتا ہے

اقوالِ زریں

۱--خدمت کے موقع پر خادم کا ،مصیبت کے وقت بھائیوں کا ، حادثہ کے وقت دوست کا، دولت کی بربادی کے بعد بیوی کی پہچان ہوتی ہے
۲--ندیوں ، اسلحہ بردارون ،سنگ والے جانور، عورتیں اور راج گھرانے والے لوگوں پر بالکل اعتبار نہیں کرنا چاہیے
۳--بیوی کی موت ، اپنوں سے بےعز تی ،قرض کا بڑھتے رہنا ،برے راجا کی کی خدمت ، غریبی ،بروں کا ساتھ آدمی کے جسم کو بنا آگ کے جلایا کرتے ہیں
۴--ندی کے کنارے کا درخت ، دوسرے کے گھر جا بیٹھے والی عورت ، بنا وزیر کا راجا یہ سب جلد ہی برباد ہو جاتے ھیں
۵--براہمن کی طاقت اُس کا علم ، راجا کی طاقت اُسکی فوج ، تاجر کی قوت اُسکی دولت، شودر کی طاقت اُسکی خدمت اُسکی خدمت ہوتی ہے
۶--خاندان کا پتہ سلوک سے ، ملک کا پتہ بولی سے ہی، پیار کا پتہ عزّت سے ، جسم کا پتہ غذا سے چلتا ہے
۷--راجا لوگ خاندانی کو اپنے ساتھ اس لیے رکھتے ہیں کہ وہ ابتدا، درمیان اور آخر تک راجا کو نہیں چھوڑتا ہے
۸--کوئل کی خوبصورتی اُسکی آواز، عورت کی خوبصورتی اُسکی شوہر سے وفاداری ، مرد کی خوبصورتی اُسکا علم، اور آباد کی خوبصورتی معافی ہے
۹--خاندان کی حفاظت کے لیے ایک کا ، گاؤں کی حفاظت کے لیے خاندان کا ،ملک کی حفاظت کے لیے گاؤں کا ،اور غیرت کے لیے دنیا چھوڑ دینا مناسب ہے
۱۰--مضبوط کے آگے کوئی چیز بھاری نہیں ،تاجر کے لیے کوئی دیشدور نہیں، عالم کے لیے کوئی ملک غیر نہیں، اور شیریں زبان کے لیے کوئی غیر نہیں
۱۱--گندے پڑوس میں رہنا ، غیر خاندانی کی خدمت ، خراب غذا ،نجومی ،بیوقوف بیٹا، بدھوا عورت يحسب انسا ن کے جسم کو بغیر آگ کے ہی جلا دیتے ھیں
۱۲--زیادہ راستہ چلنے سے آدمی کا بڑھاپا آتا ہے - بندھن گھوڑے کا بڑھاپا ہے ، عورت کو ہمبستری کی کمی بڑھاپا ہے، کپڑوں کو زیادہ دھوپ دیکھانا بڑھاپا ہے
۱۳--مسق سے علم کا، شرافت سے خاندان کا، خوبی سے انسان کا، آنکھوں سے غصہ کا پتہ چلتا ہے
۱۴--کا ہليت سے علم،دوسروں کے ہاتھ میں جانے سے دھن ،بیج کی کمی سے کھیت ،سینا پتی کے بغیر فوج برباد ہو جایا کرتی ہے
۱۵--پردیش کا دوست علم، گھر کا دوست عورت، بیمار کا دوست دوا اور مردہ کا دوست اُسکے اعمال ھوتے ھیں
۱۶--انسان میں حجام ،چڑیوں میں کوّا ، جانوروں میں گیدڑ اور عورتوں میں ما لں چالاک ہوتی ہے
۱۷--آدمی کا لالچ یا فطرت کے مطابق سلوک کر اُسے اپنے مطابق بنایا جا سکتا ہے
۱۸--آگ،براہمن ،اُستاد ،کنواری لڑکی ، بوڑھے اور لڑکا کو پیروں سے نہیں چھونا چاہئے
۱۹--ہاتھی کو ہزار ہاتھ سے، گھوڑے کو سو ہاتھ ،اور سینگ والے جانور کو دیکھ کر دس ہاتھ پہلے ہی محتاط ہو کر اُسکی راہ سے ہاتھ جانا چاہئے پر برے آدمی کو دیکھ کر ملک ہی چھوڑ دینا چاہیے
۲۰--دولت بڑی چیز ہے - مفلسی عذاب ہے - اسلئے صاحب مال ضرور بنو -
۲۱--جیسا ساتھ ویسا اثر - اس لیے سانچہ سمجھ کر ساتھ کرنا چاہئے -
۲۲--غصہ ،تخيي بات ،غرور ،اپنوں سے عداوت، یہ چار خصوصیات جہنمی لوگوں کے ھوتے ہیں ، ایسے لوگ زمین پر انسان کی شکل مین شیطان ھیں -
۲۳--آدمی کا رہن سہن دیکھ کر یہ اندازہ لگایا جا سکتا ہے کہ وہ ایک شیر ہے یا گیدڑ - ۲۴--نیچ لوگ صرف دولت کی خواہش رکھتے ہیں - اوسط لوگ دولت کے ساتھ ساتھ عزت و احترام چاہتے ہیں سب سے بڑے لوگ صرف عزت و احترام چاہتے ہیں
۲۵--عمل نہ کرنے سے علم برباد ہو جاتا ہے - علم برباد ہونے سے انسانیت برباد ہو جاتی ہے -
بیغر سپہ سالار کے فوج مری جاتی ہے - بِّغیر شوہر کے بیوی ماری جاتی ہے
۲۶--بڑھاپے میں بیوی کا مر جانا ،بھائیوں کے ہاتھ دولت چلے جانا ، دوسرے کے سہارا کی روزی روٹی یہ تین حالات آدمی کی سب سے بڑی بدقسمتی ہے -
۲۷--سن کی شوبھا خوبیاں ہیں ،خاندان کی شوبھا اخلاق ہے ،علم کی شوبھا اُس پر عمل میں ہے اور دولت کی شوبھا اُسکے استعمال میں ہے
۲۸--اپنی بھلائی چاہتے ہو تو اپنے من کی بات کسی سے مت کہنا
۲۹--بغیر دکھاوا اِس دُنیا میں سب بے مانی ہے ،اگر سانپ میں زہر نہیں بھی ہی تو اُسے فنکار کر اپنا دکھاوا بڑھتے ہی رہنا چاہیے - اُسکا یہ تصنع( دکھاوا ) ہی اُسکا تحفظ کرتا رہیگا - ورنہ چھوٹے چھوٹے بچے ہی اُسے پتھر مار مار کر اُسے مار دالینگے -
۳۰--دھن کے لالچ میں وید پڑھنے والا ،شدر کا اناج کھانے والا براہمن بغیر زہر کے سانپ جیسا ہوتا ہے -
۳۱--بغیر دولت انسان کو غریب نہیں مانا جا سکتا ہے لیکن جاھل سب چیزوں سے چھوٹا ہوتا ہے
۳۲--کنجوسوں کا دشمن بھکھاری ہوتا ہے ، بیوقوف کو ناصح( نصیحت کرنے والا )دشمن جیسا لگتا ہے ، بدچلن عورت کو اپنا شوہر دُشمن جیسا لگتا ہے ،چوروں کے لیے چاند دُشمن ہے
۳۳--وُہ آدمی جو نہ عالم ہے نہ متلاشی( साधक ) نہ دانی ہے نہ ،جس میں نہ شرافت نہ
اچھّا ئی ہے ،نہ وہ اپنے مذہب پر چلتا ہے ،ایسا آدمی جانور کی طرح زمین پر بوجھ ہے
۳۴--کسی بات کو حاصل اسی وقت کیا جاسکتا ہے جب اتنا ظرف یا جسامت ہو -
۳۵--سنجیدگی نہیں رکھنے والے انسان کو نصیحت کرنا بھینس کے آگے بین بجا نے کے برابر ہے
۳۶--حسد کا نتیجہ ہمیشہ نکساندہ ہوتا ہے
۳۷--خیرات کے سونے کے برتن سے پتل میں کھانا اچھّا ہے
۳۸--بنا عقل کی قوت بے معنی ہے
۳۹--اپنے دائرے کو توڑنے والا ،حد سے تجاوز کرنے والا ھمیشہ دھوکہ کھاتا ہے
۴۰--جو اپنے گھر کے خیال میں ڈوبا رہتا ہے اسکو علم نہیں حاصل ہو سکتا ،گوشت کھانے والے کو رحم نہیں آ سکتا ،جو عیاش ہے اُسکے پاس طہارت نہیں آ سکتی ۔
۴۱--شریر اپنی شرارت سے باز نہیں آتا ،سانپ کو گھڑوں
دودھ پلاؤ وہ زہر ہی اگلے گا ، نیم کی جڑ میں منو ں گننے کا رس ڈالو اُس میں مٹھاس نہیں آئےگی
۴۲-- بھلا کے لئے بھلا عمل ضروری ہے
۴۳--جو لوگ( आदि पदार्थ) تیل، نیم، کوسوم،شہد ،شراب،گوشت بیچتا ہے شودر کہلاتا ہے
۴۴--اچھے ساتھ سے اچھّا راستہ پکڑاتا ہے ۔ پر اچھّا ادمی شریر سے متاثر نہیں ہوتا ۔ پھول کی مہک کو مٹی اپنا لیتی ہے پر مٹی کی مہک کو پھول نہیں اپناتا ہے ۔
۴۵--عالم وہی ہے جو کھانے کی فِکرنہیں کرتا ۔پیٹ تو کتا بھی بھر لیتا ہے ۔اہم عمل ہے کھانا نہیں ۔
۴۶--راجا کے لڑکے سے شرافت ، اور پنڈت سے اچھی باتیں سیکھنا چاہیے ۔جھوٹ اور مکاری ہی اگر سیکھنا ہے تو جوا ڈی سے جھوٹ اور عورت سے مکاری سیکھنا چاہیے ۔ وقتًا فوقتًا شریروں سے بھی سیکھ لی جا سکتی ہے۔جو وقتِ ضرورت ساتھ دے سکتی ہے ۔
۴۷--غریب کو بیوی دوست ،نوکر ، بھائی ،رشتےدار سب چھوڑ دیتے ہیں ۔ امیر ھوتے ھی پاس آ جاتے ہیں ۔ دولت ہی سب کچھ ہے ۔
۴۸--بربادی کے وقت عقل الٹی ہو جاتی ہے ۔
۴۹--بےعزتي کی زندگی سے مر جانا اچھّا ہے ۔ موت کا درد تو لمحہ کے لئے ہوتا ہے ۔ بےعزتی کا درد تو عمر بھر کا ہوتا ہے ۔
۵۰--کوئی دیوتا ماں سے بڑھ کر نہیں ہوتا ۔
۵۱--بغیر اُستاد کے صرف کتاب سے علم حاصل کرنے والا اُس عورت جیسا ہے جو ناجائز رشتہِ سے حاملہ ہوتی ہے ۔
۵۲--ہاتھ کی زینت خیرات ہے ۔ کنگن نہیں ۔ جسم کی پاکی غسل ہے چندن نہیں ۔ کھانے سے تسکین نہیں عزت سے تسکین ہے ۔ آرائش سے مغفرت نہین علم سے مغفرت ہے ۔
۵۳--ہر عظیم شخصیت میں کچھ نا کچھ برائیاں ہوتی ہیں ۔ شری کرشن راس لیلا کرتے تھے ،ارجن عورت بنے تھے ۔ شانٹنو دھیور لڑکی پر دل دے دیئے تھے ۔ بڑے لوگوں کی خوبیوں کو دیکھو ،کام نہیں،بڑے لوگ بغیر برائیوں کے ھوتے ہی نہیں
۵۴--پاگل،کنواری لڑکی ،کوڑھی ،گنڈا ،چندال، اور کنفتے سادھو انکا دور سے ہی نمسکار کرنا چاہیے۔ اچھے لوگ ان سے سو ہاتھ دور رہتے ھیں ۔
۵۵--خوبصورت جوان لڑکی ، جوان بدھوا،بوڑھا ،ساند ،سینڈی،ڈھونگی فقیر ،جادوگر اور گدھا ان سب سے بچ کر رہنا چاہیے
، ۵۶--کام کرنے والوں نے قِسمت کو سکست دے رکھا ہے ۔
۵۷--وقت کسی کے روکنے سے نہین روک سکا ہے ۔نہ چلا ہے ۔وُہ اپنی چال سے لگاتار چل رہا ہے ۔ وقت ہی سب ہے ۔وقت کی قیمت جو جانتا ہے وہ کامیاب انسان ہے ۔ دیکھ سمجھ کر وقت کے ساتھ چلو ۔وقت کی قیمت جانو ۔
۵۸--شراب اور شباب مین بہت مزہ ہے پر جہنّم کا دروازہ سامنے ہے۔
۵۹--دولت سے بھی ایمان کی حفاظت ہوتی ہے
۶۰--شہوت سے بڑا کوئی دوسرا مرض نہین ہے۔جہالت کے جیسا دُشمن کوئی اور نہیں ہے ۔غصّہ جیسی آگ کوئی دوسری نہیں ہی۔ علم سے بڑھ کر دوسرا کوئی استاد نہیں ہے ۔
۶۱--سفر کرنے والا راجا قابلِ احترام ہے، صفر کرنے والا براہمن بھی پوجا کا حقدار ہے ،صفر کرنے والا فقیر بھی قابلِ ستائش ہے۔ پر صفر کرنے والی عورت کسی طرح بھی پاک نہین رہ سکتی ۔وہ یقیناً بد چلن ہو جاتی ہے۔
۶۲--وقت سب سے طاقتور ہے ۔ وہی جانداروں کو کھاتا ہے ۔وہی رعایا کا خاتما کرتا ہے ۔ سب کچھ ختم ہو جانے پر بھی وہ موجود رہتا ہے ۔وقت کو ایشور بھی مات نھیں دے سکتا ۔
۶۳--کمائی ہوئی دولت کو خرچ کرنا بہتر ہے ۔
۶۴-- اپنےامیر بھائیوں کے ساتھ غریب ہوکر رہنے سے مر جانا بہتر ہے ۔

مختلف شخصیات سے

بہت سی چیزیں جاننے کی ہوتی ہیں بولنے کی نہیں ، کرنے والا بچ جاتا ہے بولنے والا پھنس جاتا ہے

ہر برے کا ایک مستقبل اور ہر اچھے کا ایک ماضی ہوتا ہے

عملی تجربات فلصفانہ دا عوں کے عدالت ہوتے ہیں -

بڑا آدمی وہ ہے جِس سے دس آدمی جیئیں

راجا( بڑا آدمی) کا کوئی ذات نہیں ہوتا

کتا کے بھونکنے سے ہاتھی اپنا راستہ نہیں بدلتا ہے

ہاتھی بیٹھ بھی جاتا ھے تو گدھا سے اونچا رہتا ہے

خاندانی اور غیر خاندانی کی پہچان یہ ہے کہ ہے خاندانی دولت اور رتبہ ہونے پر بدل جاتا ہے( اخلاق اورسلوک میں)- کیونکہ کمزور کپڑا میں ہی رنگ پکڑتا ہے


اگر زِندگی میں برا وقت نہیں آتا تو اپنوں میں چھپے غیر اور غیروں میں چھپے اپنے پہچانے نہیں جاتے

قتیل اپنا مقدر غم سے بیگانہ اگر ہوتا
تو پھر اپنے پرائے مجھ سے پہچانے کہاں جاتے

ایک درخت کے سارے پھل اور ایک جنگل کے سارے درخت برابر نہیں ہو سکتے

ایملی کا درخت چاہے کتنا اونچا کیوں نہ ہو جائے پھل کھٹا ہی دیگا

سُنیں سب کی کریں خود کی

خالی پیٹ اور خالی جیب انسان کو جو سیکھ ملتا ہے وہ کہیں نہیں ملتا

موت بھی جلد آ غریب کے گھر، کفن کا پیسہ بھی خرچ ہو جاتا ہے داؤں میں

پوچھنے والا ہی سیکھتا ہے - زیادہ پوچھنے والا زیادہ سیکھتا ہےجو پوچھتا ہے وہ پانچ منٹ کے لیے بیوقوف بنتا ہے اور جو نہیں پوچھتا ہے وہ عمر بھر کے لئے بےوقوف رہتا ہے

کسی کے پڑھانے سے کوئی پڑھ نہیں سکتا ،جب تک کہ پڑھنے والا خود دل سے پڑھنا نہیں چاہے - اور جب پڑھنے والا چاہ دے تو اُسے منزل پہ پہنچنے سے کوئی طاقت روک نہیں سکتی -
ٹھیلا ھوا کتا سے شکار نہیں ہوتا
What a man has done a man can do. جِس کو ایک انسان نے کیا ہے اسکو دوسرا اِنسان کر سکتا ہے _

اللہ مہربان تو گدھا پہلوان
شیخ سعدی کے گدھا کو خانہ کعبہ بھی بھیجو تو وہ گدھا ہی رہیگا حاجی نہیں ہو سکتا

الگ الگ آدمی کی الگ الگ سونچ

A son is son till his wife, a daughter is daughter till her life۔ ایک لڑکا اسی وقت تک لڑکا ہے جب تک کہ اُسکی شادی نہیں ہوئی ہو اور ایک لڑکی اپنی زندگی بھر کے لیے ماں باپ کے لئے لڑکی رہتی ہے

ہر انسان کی حیوانی ضرورت ایک جیسی ہوتی ہے

آگے چلو نہ پیچھے بلکہ بیچ میں چلنا ٹھیک رہتا ہے

You can deceive a man once or twice but not thrice.(تم کسی کو ایک یا دو بار دھوکا دے سکتے ہو ،تبا رہ نہیں)

کوئی دوسرے کو نہیں بلکہ اپنے آپ کو دھوکا دیتا ہے

وقت کی بربادی دولت کی بربادی سے زیادہ نقصاندہ ہوتی ہے

کسی سبجیکٹ کا پہلا باب ذرا مُشکِل ہوتا ہے اگر اسے ٹھیک سے سمجھ لیا جاۓ تو سبجیکٹ بہت آسان ہو جاتا ہے

ہنس کے بولے ناری
سات کو ل بگاڑی

لاکھ کریں چتورای ، ویده کے لکھل میٹ نا جائی

مفتخوری ہلاک کن زہر ہے - نہ کھاؤ نہ دوسرے کو کھلاؤ

مفتخو ری کسی قوم یا اِنسان کو اپاہج بنا دیتی ہے

پشاور مفتخو ر سے محنت اور پسینہ کا کام ہو ہی نہیں سکتا

When wealth is lost, nothing is lost; when health is lost, something is lost; when character is lost, all is lost.(Billy Graham)
,دولت کی بربادی کوئی بربادی نہیں
,صحت کی بربادی کچھ بر با دی
کردار کی بربادی سب کچھ کی بربادی ہے

یہ بات فطری حقیقت ہے کہ مرد اور عورت کے درمیان کشش ایک قدرتی عنصر ہے، جو کسی کی سماجی حیثیت یا اخلاقی اقدار سے مشروط نہیں۔

مرد اور عورت کے درمیان تعلقات، خاص طور پر کام کی جگہ پر یا کسی بھی مشترکہ ماحول میں، ہمیشہ ایک مخصوص حد تک فطری کشش پر مبنی ہوتے ہیں۔

یہ نہ تو بدگمانی ہے، نہ ہی کسی کی نیت پر شک، بلکہ ایک سائنسی اور نفسیاتی حقیقت ہے۔

کشش، جبلت اور سلوک – کیا فرق ہے؟

✅ کشش (جذبہ): ایک قدرتی، غیر اختیاری عمل ہے جو انسانی فطرت میں موجود ہے۔
✅ جبلت (غریزه): فطری میلان جو ایک انسان کے اندر پہلے سے موجود ہوتا ہے، جیسے بھوک، نیند یا جنس کی طرف کشش۔
✅ سلوک (اخلاقی رویہ): وہ چیز ہے جس پر انسان قابو پا سکتا ہے اور اپنی عقل و اصولوں کے مطابق اسے قابو میں رکھ سکتا ہے۔

مرد اور عورت کے درمیان "دوستی" کا سوال؟

اکثر یہ سوال اٹھایا جاتا ہے کہ کیا مرد اور عورت کی سچی دوستی ہو سکتی ہے؟
جواب یہ ہے کہ: "صرف ایک حد تک!"

چاہے سلوک مہذب ہو، چاہے احترام کا دائرہ مضبوط ہو، مگر انسانی فطرت اپنی جگہ قائم رہتی ہے۔

چاہے کوئی جتنا بھی نیک اور بااخلاق ہو، کشش ایک قدرتی امر ہے جسے مکمل طور پر ختم نہیں کیا جا سکتا، بس قابو پایا جا سکتا ہے۔

جو اس حقیقت سے انکار کرتا ہے، وہ یا تو فریب دے رہا ہے، یا خود کو حقیقت سے ناواقف رکھ رہا ہے۔

آزاد خیالی اور حقیقت کے درمیان توازن؟

یہ محض مذہبی یا روایتی نظریہ نہیں، بلکہ خالص انسانی نفسیات کی حقیقت ہے۔

مرد فطری طور پر عورت کی طرف مائل ہوتا ہے، چاہے وہ کتنا ہی باوقار یا مخلص کیوں نہ ہو۔

یہ کسی کی کمزوری نہیں، بلکہ ایک قدرتی حقیقت ہے، جسے نظر انداز کرنا خود کو دھوکہ دینے کے مترادف ہے۔

نتیجہ

✔ کام کی جگہ پر احترام اور پروفیشنلزم ضروری ہے، مگر فطری میلانات کو جھٹلایا نہیں جا سکتا۔
✔ دوستی کے نام پر حد سے زیادہ قربت اکثر کسی نہ کسی فطری میلان کو جنم دے سکتی ہے۔
✔ انسان کے پاس سلوک اور رویے کو قابو میں رکھنے کی طاقت ہے، مگر جبلت کو مکمل ختم کرنا ممکن نہیں۔
✔ جو اس حقیقت کو سمجھ لے، وہ بہتر طور پر خود کو اور اپنے رویے کو قابو میں رکھ سکتا ہے، بجائے اس کے کہ وہ خود کو غیر فطری برتری کا دھوکہ دے۔

یہ کوئی نظریہ نہیں، بلکہ انسانی فطرت کا سادہ سچ ہے!

اگر اپنا دُشمن بڑھا ناا ہے تو ترقی کرو

ایک طوائف سدھر سکتی ہے لیکِن بد چلن نہیں

دنیا کا سب سے زہریلا جانور اِنسان ہے جو اِسکے زہر کو نہیں پہچانا وہ مارا جا تا ہے
جس طرح مختلف قِسم کے سانپ میں زہر کے تاثیر مختلف ھوتے ھیں اور سانپ کو پہچاننا ضروری ہوتا ہے اُسی طرح اِنسان كو بھی پہچاننا ضروری ہوتا ہے

The statement by Gandhi ji published in "Harijan" on 27-07-1947
۱۹۴۷ میں انڈیا میں کانگریس سرکار بنی - گاندھی جی نے اپنے وزیروں کو مشورہ دیتے ہوئے کہا " میں رام چندر اور کرشن جی کا حوالہ نہیں دے سکتا کیونکہ وہ تاریخی ہستیاں نہیں تھیں - میں مجبور ھوں کہ سادگی کی مثال کے لئے ابو بکر اور عمر کا نام پیش کرتا ہوں - وہ بہت بڑی سلطنت کے حاکم تھے پر اُنھوں نے فقیری والی زندگی گزاری -
27-07-1947
1947 में इंडिया में कांग्रेस सरकार बनी I गाँधी जी ने अपने वज़ीरों को मशौरा देते हुए कहा "मैं रामचंद्र और कृष्ण जी का हवाला नहीं दे सकता क्योंकि वह तारीखी हस्तियां नहीं थीं I मैं मजबूर हूँ कि सादगी की मिसाल के लिए अबू बक्र और उम्र का नाम पेस करता हूँ I वह बहुत बड़ी सल्तनत के हाकिम थे पर उन्हों ने फ़क़ीरों वाली ज़िन्दगी गुज़ारी I

Beginning of murti worship

  • Cow slaughter ban in Auranzeb regime

  • Bettiah Raj
  • کیا کبھی دریاؤں کی زندگی پر غور کیا؟
    1۔ دریا کبھی واپس نہیں بہتے، ہمیشہ آگے ہی آگے۔۔۔
    آپ بھی اپنا ماضی کو بھول کر اپنے مستقبل پر فوکس کریں۔۔

    2۔ دریا اپنا رستہ خود بناتے ہیں، لیکن اگر کوئی بڑی رکاوٹ سامنے آ جائے تو آرام سے اپنا رخ موڑ کر نئی راہوں پر چل پڑتے ہیں۔
    مشکلوں اور رکاوٹوں سے لڑنا، بحث کرنا اور ضد کرنا دراصل وقت ضائع کرنا ہے۔

    3۔ آپ گیلے ہوئے بغیر دریا پار نہیں کر سکتے۔
    اسی طرح آپ کو دکھ سکھ کے ساتھ ہی زندگی گزارنا ہوگی۔ ہمت اور حوصلے کے ساتھ۔

    4۔ دریاؤں کو دھکا نہیں لگانا پڑتا، یہ خود ہی آگے بڑھتے ہیں۔۔
    یعنی کسی کے سہارے کے بغیر اپنا کام خود کریں۔

    5۔ جہاں سے دریا زیادہ گہرا ہوتا ہے، وہاں خاموشی اور سکوت بھی زیادہ ہوتا ہے۔
    علم والے اور گہرے لوگ بھی پرسکون ہوتے ہیں.

    6۔ پتھر پھینکنے والوں سے الجھے بغیر دریا بہتے چلے جاتے ہیں۔۔۔
    روڑے اٹکانے والوں کی پرواہ کیے بغیر آپ بھی اپنی زندگی رواں دواں رکھیں۔

    7۔ *ایک بڑا دریا چھوٹی ندیوں، نالوں اور چشموں کو اپنے ساتھ ملنے سے کبھی منع نہیں کرتا۔۔۔
    آپ بھی اپنا ظرف بلند اور نگاہ سربلند کر کے تو دیکھیں ۔۔۔۔!!!!

    یہ بات فطری حقیقت ہے کہ مرد اور عورت کے درمیان کشش ایک قدرتی عنصر ہے، جو کسی کی سماجی حیثیت یا اخلاقی اقدار سے مشروط نہیں۔ مرد اور عورت کے درمیان تعلقات، خاص طور پر کام کی جگہ پر یا کسی بھی مشترکہ ماحول میں، ہمیشہ ایک مخصوص حد تک فطری کشش پر مبنی ہوتے ہیں۔ یہ نہ تو بدگمانی ہے، نہ ہی کسی کی نیت پر شک، بلکہ ایک سائنسی اور نفسیاتی حقیقت ہے۔ کشش، جبلت اور سلوک – کیا فرق ہے؟ ✅ کشش (جذبہ): ایک قدرتی، غیر اختیاری عمل ہے جو انسانی فطرت میں موجود ہے۔ ✅ جبلت (غریزه): فطری میلان جو ایک انسان کے اندر پہلے سے موجود ہوتا ہے، جیسے بھوک، نیند یا جنس کی طرف کشش۔ ✅ سلوک (اخلاقی رویہ): وہ چیز ہے جس پر انسان قابو پا سکتا ہے اور اپنی عقل و اصولوں کے مطابق اسے قابو میں رکھ سکتا ہے۔ مرد اور عورت کے درمیان "دوستی" کا سوال؟ اکثر یہ سوال اٹھایا جاتا ہے کہ کیا مرد اور عورت کی سچی دوستی ہو سکتی ہے؟ جواب یہ ہے کہ: "صرف ایک حد تک!" چاہے سلوک مہذب ہو، چاہے احترام کا دائرہ مضبوط ہو، مگر انسانی فطرت اپنی جگہ قائم رہتی ہے۔ چاہے کوئی جتنا بھی نیک اور بااخلاق ہو، کشش ایک قدرتی امر ہے جسے مکمل طور پر ختم نہیں کیا جا سکتا، بس قابو پایا جا سکتا ہے۔ جو اس حقیقت سے انکار کرتا ہے، وہ یا تو فریب دے رہا ہے، یا خود کو حقیقت سے ناواقف رکھ رہا ہے۔ آزاد خیالی اور حقیقت کے درمیان توازن؟ یہ محض مذہبی یا روایتی نظریہ نہیں، بلکہ خالص انسانی نفسیات کی حقیقت ہے۔ مرد فطری طور پر عورت کی طرف مائل ہوتا ہے، چاہے وہ کتنا ہی باوقار یا مخلص کیوں نہ ہو۔ یہ کسی کی کمزوری نہیں، بلکہ ایک قدرتی حقیقت ہے، جسے نظر انداز کرنا خود کو دھوکہ دینے کے مترادف ہے۔ نتیجہ ✔ کام کی جگہ پر احترام اور پروفیشنلزم ضروری ہے، مگر فطری میلانات کو جھٹلایا نہیں جا سکتا۔ ✔ دوستی کے نام پر حد سے زیادہ قربت اکثر کسی نہ کسی فطری میلان کو جنم دے سکتی ہے۔ ✔ انسان کے پاس سلوک اور رویے کو قابو میں رکھنے کی طاقت ہے، مگر جبلت کو مکمل ختم کرنا ممکن نہیں۔ ✔ جو اس حقیقت کو سمجھ لے، وہ بہتر طور پر خود کو اور اپنے رویے کو قابو میں رکھ سکتا ہے، بجائے اس کے کہ وہ خود کو غیر فطری برتری کا دھوکہ دے۔ یہ کوئی نظریہ نہیں، بلکہ انسانی فطرت کا سادہ سچ ہے!